Luke · chapter 8 · verse 23
Luke 8:23 in Hindi
पर जब नाव चल रही थी, तो वह सो गया: और झील पर आन्धी आई, और नाव पानी से भरने लगी और वे जोखिम में थे।
Par jab naav chal rahee thee, to vah so gayaa: aur jheel par aandhee aaee, aur naav paanee se bharane lagee aur ve jokhim mem the.
Luke 8:23 in English
- King James Version (KJV)
- But as they sailed he fell asleep: and there came down a storm of wind on the lake; and they were filled [with water], and were in jeopardy.
- World English Bible (WEB)
- But as they sailed, he fell asleep. A wind storm came down on the lake, and they were taking on dangerous amounts of water.
- American Standard Version (ASV)
- But as they sailed he fell asleep: and there came down a storm of wind on the lake; and they were filling [with water], and were in jeopardy.
- Bible in Basic English (BBE)
- But while they were sailing he went to sleep: and a storm of wind came down on the sea, and the boat became full of water and they were in danger.
- Darby Translation (DBY)
- And as they sailed, he fell asleep; and a sudden squall of wind came down on the lake, and they were filled [with water], and were in danger;
- Webster's Bible (WBS)
- But as they sailed, he fell asleep: and there came down a storm of wind on the lake; and they were filled [with water] , and were in jeopardy.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and as they are sailing he fell deeply asleep, and there came down a storm of wind to the lake, and they were filling, and were in peril.
Read in context
- 21उस ने उसके उत्तर में उन से कहा कि मेरी माता और मेरे भाई ये ही हैं, जो परमेश्वर का वचन सुनते और मानते हैं॥
- 22फिर एक दिन वह और उसके चेले नाव पर चढ़े, और उस ने उन से कहा; कि आओ, झील के पार चलें: सो उन्होंने नाव खोल दी।
- 23पर जब नाव चल रही थी, तो वह सो गया: और झील पर आन्धी आई, और नाव पानी से भरने लगी और वे जोखिम में थे।
- 24तब उन्होंने पास आकर उसे जगाया, और कहा; हे स्वामी! स्वामी! हम नाश हुए जाते हैं: तब उस ने उठकर आन्धी को और पानी की लहरों को डांटा और वे थम गए, और चैन हो गया।
- 25और उस ने उन से कहा; तुम्हारा विश्वास कहां था? पर वे डर गए, और अचम्भित होकर आपस में कहने लगे, यह कौन है जो आन्धी और पानी को भी आज्ञा देता है, और वे उस की मानते हैं॥
Cross references
- Psalm 93:3–4 भजन संहिता 93:3–4हे यहोवा, महानदों का कोलाहल हो रहा है, महानदों का बड़ा शब्द हो रहा है, महानद गरजते हैं। महासागर के शब्द से, और समुद्र की महातरंगों से, विराजमान यहोवा अधिक महान है।।
- Isaiah 54:11 यशायाह 54:11हे दु:खियारी, तू जो आंधी की सताई है और जिस को शान्ति नहीं मिली, सुन, मैं तेरे पत्थरों की पच्चीकारी कर के बैठाऊंगा, और तेरी नेव नीलमणि से डालूंगा।
- Psalm 107:23–30 भजन संहिता 107:23–30जो लोग जहाजों में समुद्र पर चलते हैं, और महासागर पर होकर व्योपार करते हैं; वे यहोवा के कामों को, और उन आश्चर्यकर्मों को जो वह गहिरे समुद्र में करता है, देखते हैं। क्योंकि वह आज्ञा देता है, वह प्रचण्ड बयार उठकर तरंगों को उठाती है। वे आकाश तक चढ़ जाते, फिर गहराई में उतर आते हैं; और क्लेश के मारे उनके जी में जी नहीं रहता; वे चक्कर खाते, और मतवाले की नाई लड़खड़ाते हैं, और उनकी सारी बुद्धि मारी जाती है। तब वे संकट में यहोवा की दोहाई देते हैं, और वह उनको सकेती से निकालता है। वह आंधी को थाम देता है और तरंगें बैठ जाती हैं। तब वे उनके बैठने से आनन्दित होते हैं, और वह उनको मन चाहे बन्दर स्थान में पहुंचा देता है।
- Psalm 44:23 भजन संहिता 44:23हे प्रभु, जाग! तू क्यों सोता है? उठ! हम को सदा के लिये त्याग न दे!
- Psalm 148:8 भजन संहिता 148:8हे अग्नि और ओलो, हे हिम और कुहरे, हे उसका वचन माननेवाली प्रचण्ड बयार!
- Luke 8:22 लूका 8:22फिर एक दिन वह और उसके चेले नाव पर चढ़े, और उस ने उन से कहा; कि आओ, झील के पार चलें: सो उन्होंने नाव खोल दी।
- Psalm 124:2–4 भजन संहिता 124:2–4यदि यहोवा उस समय हमारी ओर न होता जब मनुष्यों ने हम पर चढ़ाई की, तो वे हम को उसी समय जीवित निगल जाते, जब उनका क्रोध हम पर भड़का था, हम उसी समय जल में डूब जाते और धारा में बह जाते;
- Isaiah 51:9–10 यशायाह 51:9–10हे यहोवा की भुजा, जाग! जाग और बल धारण कर; जैसे प्राचीनकाल में और बीते हुए पीढ़ियों में, वैसे ही अब भी जाग। क्या तू वही नहीं है जिस ने रहब को टुकड़े टुकड़े किया और मगरमच्छ को छेदा? क्या तू वही नहीं जिस ने समुद्र को अर्थात् गहिरे सागर के जल को सुखा डाला और उसकी गहराई में अपने छुड़ाए हओं के पार जाने के लिये मार्ग निकाला था?
- Acts 27:14–20 प्रेरितों के काम 27:14–20परन्तु थोड़ी देर में वहां से एक बड़ी आंधी उठी, जो यूरकुलीन कहलाती है। जब यह जहाज पर लगी, तब वह हवा के साम्हने ठहर न सका, सो हम ने उसे बहने दिया, और इसी तरह बहते हुए चले गए। तब कौदा नाम एक छोटे से टापू की आड़ में बहते बहते हम कठिनता से डोंगी को वश मे कर सके। मल्लाहों ने उसे उठाकर, अनेक उपाय करके जहाज को नीचे से बान्धा, और सुरतिस के चोरबालू पर टिक जाने के भय से पाल और सामान उतार कर, बहते हुए चले गए। और जब हम ने आंधी से बहुत हिचकोले और धक्के खाए, तो दूसरे दिन वे जहाज का माल फेंकने लगे। और तीसरे दिन उन्हों ने अपने हाथों से जहाज का सामान फेंक दिया। और तीसरे दिन उन्हों ने अपने हाथों से जहाज का सामान फेंक दिया। और जब बहुत दिों तक न सूर्य न तारे दिखाई दिए, और बड़ी आंधी चल रही थी, तो अन्त में हमारे बचने की सारी आशा जाती रही।
- Hebrews 4:15 इब्रानियों 4:15क्योंकि हमारा ऐसा महायाजक नहीं, जो हमारी निर्बलताओं में हमारे साथ दुखी न हो सके; बरन वह सब बातों में हमारी नाई परखा तो गया, तौभी निष्पाप निकला।
Original words (Greek)
- But · G1161δέ dé
- they · G846αὐτός autós
- sailed · G4126πλέω pléō
- asleep · G879ἀφυπνόω aphypnóō
- and · G2532καί kaí
- down · G2597καταβαίνω katabaínō
- storm · G2978λαῖλαψ laîlaps
- wind · G417ἄνεμος ánemos
- on · G1519εἰς eis
- lake · G3041λίμνη límnē
- and · G2532καί kaí
- filled · G4845συμπληρόω symplēróō
- and · G2532καί kaí
- jeopardy · G2793κινδυνεύω kindyneúō