Luke · chapter 8 · verse 25
Luke 8:25 in Hindi
और उस ने उन से कहा; तुम्हारा विश्वास कहां था? पर वे डर गए, और अचम्भित होकर आपस में कहने लगे, यह कौन है जो आन्धी और पानी को भी आज्ञा देता है, और वे उस की मानते हैं॥
Aur us ne un se kahaa; tumhaaraa vishvaas kahaam thaa? Par ve dar gae, aur achambhit hokar aapas mem kahane lage, yah kaun hai jo aandhee aur paanee ko bhee aajnyaa detaa hai, aur ve us kee maanate hain
Luke 8:25 in English
- King James Version (KJV)
- And he said unto them, Where is your faith? And they being afraid wondered, saying one to another, What manner of man is this! for he commandeth even the winds and water, and they obey him.
- World English Bible (WEB)
- He said to them, “Where is your faith?” Being afraid, they marveled, saying to one another, “Who is this then, that he commands even the winds and the water, and they obey him?”
- American Standard Version (ASV)
- And he said unto them, Where is your faith? And being afraid they marvelled, saying one to another, Who then is this, that he commandeth even the winds and the water, and they obey him?
- Bible in Basic English (BBE)
- And he said to them, Where is your faith? And fear and wonder overcame them, and they said to one another, Who then is this, who gives orders even to the winds and the water and they do what he says?
- Darby Translation (DBY)
- And he said to them, Where is your faith? And, being afraid, they were astonished, saying to one another, Who then is this, that he commands even the winds and the water, and they obey him?
- Webster's Bible (WBS)
- And he said to them, Where is your faith? And they being afraid, wondered, saying one to another, What manner of man is this! for he commandeth even the winds and water, and they obey him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and he said to them, 'Where is your faith?' and they being afraid did wonder, saying unto one another, 'Who, then, is this, that even the winds he doth command, and the water, and they obey him?'
Read in context
- 23पर जब नाव चल रही थी, तो वह सो गया: और झील पर आन्धी आई, और नाव पानी से भरने लगी और वे जोखिम में थे।
- 24तब उन्होंने पास आकर उसे जगाया, और कहा; हे स्वामी! स्वामी! हम नाश हुए जाते हैं: तब उस ने उठकर आन्धी को और पानी की लहरों को डांटा और वे थम गए, और चैन हो गया।
- 25और उस ने उन से कहा; तुम्हारा विश्वास कहां था? पर वे डर गए, और अचम्भित होकर आपस में कहने लगे, यह कौन है जो आन्धी और पानी को भी आज्ञा देता है, और वे उस की मानते हैं॥
- 26फिर वे गिरासेनियों के देश में पहुंचे, जो उस पार गलील के साम्हने है।
- 27जब वह किनारे पर उतरा, तो उस नगर का एक मनुष्य उसे मिला, जिस में दुष्टात्माएं थीं और बहुत दिनों से न कपड़े पहिनता था और न घर में रहता था वरन कब्रों में रहा करता था।
Cross references
- Matthew 8:26 मत्ती 8:26उस ने उन से कहा; हे अल्पविश्वासियों, क्यों डरते हो? तब उस ने उठकर आन्धी और पानी को डांटा, और सब शान्त हो गया।
- Proverbs 30:4 नीतिवचन 30:4कौन स्वर्ग में चढ़कर फिर उतर अया? किस ने वायु को अपनी मुट्ठी में बटोर रखा है? किस ने महासागर को अपने वस्त्रा में बान्ध लिया है? किस ने पृथ्वी के सिवनों को ठहराया है? उसका नाम क्या है? और उसके पुत्रा का नाम क्या है? यदि तू जानता हो तो बता!
- Mark 4:40–41 मरकुस 4:40–41और उन से कहा; तुम क्यों डरते हो? क्या तुम्हें अब तक विश्वास नहीं? और वे बहुत ही डर गए और आपस में बोले; यह कौन है, कि आन्धी और पानी भी उस की आज्ञा मानते हैं?
- Matthew 14:31 मत्ती 14:31यीशु ने तुरन्त हाथ बढ़ाकर उसे थाम लिया, और उस से कहा, हे अल्प- विश्वासी, तू ने क्यों सन्देह किया?
- John 11:40 यूहन्ना 11:40यीशु ने उस से कहा, क्या मैं ने तुझ से न कहा िाा कि यदि तू विश्वास करेगी, तो परमेश्वर की महिमा को देखेगी।
- Matthew 17:20 मत्ती 17:20उस ने उन से कहा, अपने विश्वास की घटी के कारण: क्योंकि मैं तुम से सच कहता हूं, यदि तुम्हारा विश्वास राई के दाने के बराबर भी हो, तो इस पहाड़ से कह सकोगे, कि यहां से सरककर वहां चला जा, तो वह चला जाएगा; और कोई बात तुम्हारे लिये अन्होनी न होगी।
- Genesis 1:9–10 उत्पत्ति 1:9–10फिर परमेश्वर ने कहा, आकाश के नीचे का जल एक स्थान में इकट्ठा हो जाए और सूखी भूमि दिखाई दे; और वैसा ही हो गया। और परमेश्वर ने सूखी भूमि को पृथ्वी कहा; तथा जो जल इकट्ठा हुआ उसको उस ने समुद्र कहा: और परमेश्वर ने देखा कि अच्छा है।
- Proverbs 8:29 नीतिवचन 8:29जब उस ने समुद्र का सिवाना ठहराया, कि जल उसकी आज्ञा का उल्लंघन न कर सके, और जब वह पृथ्वी की नेव की डोरी लगाता था,
- Luke 12:28 लूका 12:28इसलिये यदि परमेश्वर मैदान की घास को जो आज है, और कर भाड़ में झोंकी जाएगी, ऐसा पहिनाता है; तो हे अल्प विश्वासियों, वह तुम्हें क्यों न पहिनाएगा?
- Matthew 6:30 मत्ती 6:30इसलिये जब परमेश्वर मैदान की घास को, जो आज है, और कल भाड़ में झोंकी जाएगी, ऐसा वस्त्रा पहिनाता है, तो हे अल्पविश्वासियों, तुम को वह क्योंकर न पहिनाएगा?
- Job 38:8–10 अय्यूब 38:8–10फिर जब समुद्र ऐसा फूट निकला मानो वह गर्भ से फूट निकला, तब किस ने द्वार मूंदकर उसको रोक दिया; जब कि मैं ने उसको बादल पहिनाया और घोर अन्धकार में लमेट दिया, और उसके लिये सिवाना बान्धा और यह कहकर बेंड़े और किवाड़े लगा दिए, कि
- Joshua 10:12–14 यहोशू 10:12–14और उस समय, अर्थात् जिस दिन यहोवा ने एमोरियों को इस्राएलियों के वश में कर दिया, उस दिन यहोशू ने यहोवा से इस्राएलियों के देखते इस प्रकार कहा, हे सूर्य, तू गिबोन पर, और हे चन्द्रमा, तू अरयालोन की तराई के ऊपर थमा रह।। और सूर्य उस समय तक थमा रहा; और चन्द्रमा उस समय तक ठहरा रहा, जब तक उस जाति के लोगों ने अपने शत्रुओं से पलटा न लिया।। क्या यह बात याशार नाम पुस्तक में नहीं लिखी है कि सूर्य आकाशमण्डल के बीचोबीच ठहरा रहा, और लगभग चार पहर तक न डूबा? न तो उस से पहिले कोई ऐसा दिन हुआ और न उसके बाद, जिस में यहोवा ने किसी पुरूष की सुनी हो; क्योंकि यहोवा तो इस्राएल की ओर से लड़ता था।।
Original words (Greek)
- And · G1161δέ dé
- said · G2036ἔπω épō
- them · G846αὐτός autós
- And · G1161δέ dé
- afrai · G5399φοβέω phobéō
- wondered · G2296θαυμάζω thaumázō
- saying · G3004λέγω légō
- one · G240ἀλλήλων allḗlōn
- to · G4314πρός prós
- another · G240ἀλλήλων allḗlōn
- What · G5101τίς tís
- man · G687ἆρα âra
- is · G2076ἐστί estí
- this · G3778οὗτος hoûtos
- for · G3754ὅτι hóti
- commandeth · G2004ἐπιτάσσω epitássō
- even · G2532καί kaí
- winds · G417ἄνεμος ánemos
- and · G2532καί kaí
- water · G5204ὕδωρ hýdōr
- and · G2532καί kaí
- obey · G5219ὑπακούω hypakoúō
- him · G846αὐτός autós