Mark · chapter 11 · verse 12
Mark 11:12 in Hindi
दूसरे दिन जब वे बैतनिरयाह से निकले तो उस को भूख लगी।
Doosare din jab ve baitanirayaah se nikale to us ko bhookh lagee.
Mark 11:12 in English
- King James Version (KJV)
- And on the morrow, when they were come from Bethany, he was hungry:
- World English Bible (WEB)
- The next day, when they had come out from Bethany, he was hungry.
- American Standard Version (ASV)
- And on the morrow, when they were come out from Bethany, he hungered.
- Bible in Basic English (BBE)
- And on the day after, when they had come out from Bethany, he was in need of food.
- Darby Translation (DBY)
- And on the morrow, when they were gone out of Bethany, he hungered.
- Webster's Bible (WBS)
- And on the morrow, when they had come from Bethany, he was hungry,
- Young's Literal Translation (YLT)
- And on the morrow, they having come forth from Bethany, he hungered,
Read in context
- 10हमारे पिता दाऊद का राज्य जो आ रहा है; धन्य है: आकाश में होशाना।।
- 11और वह यरूशलेम पहुंचकर मन्दिर में आया, और चारों ओर सब वस्तुओं को देखकर बारहों के साथ बैतनिरयाह गया क्योंकि सांझ हो गई थी।।
- 12दूसरे दिन जब वे बैतनिरयाह से निकले तो उस को भूख लगी।
- 13और वह दूर से अंजीर का एक हरा पेड़ देखकर निकट गया, कि क्या जाने उस में कुछ पाए: पर पत्तों को छोड़ कुछ न पाया; क्योंकि फल का समय न था।
- 14इस पर उस ने उस से कहा अब से कोई तेरा फल कभी न खाए। और उसके चेले सुन रहे थे।
Cross references
- Matthew 21:18–22 मत्ती 21:18–22भोर को जब वह नगर को लौट रहा था, तो उसे भूख लगी। और अंजीर के पेड़ सड़क के किनारे देखकर वह उसके पास गया, और पत्तों को छोड़ उस में और कुछ न पाकर उस से कहा, अब से तुझ में फिर कभी फल न लगे; और अंजीर का पेड़ तुरन्त सुख गया। यह देखकर चेलों ने अचम्भा किया, और कहा, यह अंजीर का पेड़ क्योंकर तुरन्त सूख गया? यीशु ने उन को उत्तर दिया, कि मैं तुम से सच कहता हूं; यदि तुम विश्वास रखो, और सन्देह न करो; तो न केवल यह करोगे, जो इस अंजीर के पेड़ से किया गया है; परन्तु यदि इस पहाड़ से भी कहोगे, कि उखड़ जो; और समुद्र में जा पड़, तो यह हो जाएगा। और जो कुछ तुम प्रार्थना में विश्वास से मांगोगे वह सब तुम को मिलेगा।।
- Matthew 4:2 मत्ती 4:2वह चालीस दिन, और चालीस रात, निराहार रहा, अन्त में उसे भूख लगी।
- John 19:28 यूहन्ना 19:28इस के बाद यीशु ने यह जानकर कि अब सब कुछ हो चुका; इसलिये कि पवित्रा शास्त्रा की बात पूरी हो कहा, मैं प्यासा हूं।
- Luke 4:2 लूका 4:2उन दिनों में उस ने कुछ न खाया और जब वे दिन पूरे हो गए, तो उसे भूख लगी।
- Hebrews 2:17 इब्रानियों 2:17इस कारण उस को चाहिए था, कि सब बातों में अपने भाइयों के समान बने; जिस से वह उन बातों में जो परमेश्वर से सम्बन्ध रखती हैं, एक दयालु और विश्वास योग्य महायाजक बने ताकि लोगों के पापों के लिये प्रायश्चित्त करे।
- John 4:31–33 यूहन्ना 4:31–33इतने में उसके चेले यीशु से यह बिनती करने लगे, कि हे रब्बी, कुछ खा ले। परन्तु उस ने उन से कहा, मेरे पास खाने के लिये ऐसा भोजन है जिसे तुम नहीं जानते। तब चेलों ने आपस में कहा, क्या कोई उसके लिये कुछ खाने को लाया है?
- John 4:6–7 यूहन्ना 4:6–7और याकूब का कूआं भी वहीं था; सो यीशु मार्ग का थका हुआ उस कूएं पर योंही बैठ गया, और यह बात छठे घण्टे के लगभग हुई। इतने में एक सामरी स्त्री जल भरने को आई: यीशु ने उस से कहा, मुझे पानी पिला।