Mark · chapter 11 · verse 14
Mark 11:14 in Hindi
इस पर उस ने उस से कहा अब से कोई तेरा फल कभी न खाए। और उसके चेले सुन रहे थे।
Is par us ne us se kahaa ab se koee teraa phal kabhee na khaae. Aur usake chele sun rahe the.
Mark 11:14 in English
- King James Version (KJV)
- And Jesus answered and said unto it, No man eat fruit of thee hereafter for ever. And his disciples heard [it.]
- World English Bible (WEB)
- Jesus told it, “May no one ever eat fruit from you again!” and his disciples heard it.
- American Standard Version (ASV)
- And he answered and said unto it, No man eat fruit from thee henceforward for ever. And his disciples heard it.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he said to it, Let no man take fruit from you for ever. And his disciples took note of his words.
- Darby Translation (DBY)
- And answering he said to it, Let no one eat fruit of thee any more for ever. And his disciples heard [it].
- Webster's Bible (WBS)
- And Jesus answered and said to it, Let no man eat fruit of thee hereafter for ever. And his disciples heard [it] .
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Jesus answering said to it, 'No more from thee — to the age — may any eat fruit;' and his disciples were hearing.
Read in context
- 12दूसरे दिन जब वे बैतनिरयाह से निकले तो उस को भूख लगी।
- 13और वह दूर से अंजीर का एक हरा पेड़ देखकर निकट गया, कि क्या जाने उस में कुछ पाए: पर पत्तों को छोड़ कुछ न पाया; क्योंकि फल का समय न था।
- 14इस पर उस ने उस से कहा अब से कोई तेरा फल कभी न खाए। और उसके चेले सुन रहे थे।
- 15फिर वे यरूशलेम में आए, और वह मन्दिर में गया; और वहां जो लेन- देन कर रहे थे उन्हें बाहर निकालने लगा, और सर्राफों के पीढ़े और कबूतर के बेचनेवालों की चौकियां उलट दीं।
- 16और मन्दिर में से होकर किसी को बरतन लेकर आने जाने न दिया।
Cross references
- Matthew 21:19 मत्ती 21:19और अंजीर के पेड़ सड़क के किनारे देखकर वह उसके पास गया, और पत्तों को छोड़ उस में और कुछ न पाकर उस से कहा, अब से तुझ में फिर कभी फल न लगे; और अंजीर का पेड़ तुरन्त सुख गया।
- Matthew 7:19 मत्ती 7:19जो जो पेड़ अच्छा फल नहीं लाता, वह काटा और आग में डाला जाता है।
- Matthew 3:10 मत्ती 3:10और अब कुल्हाड़ा पेड़ों की जड़ पर रखा हुआ है, इसलिये जो जो पेड़ अच्छा फल नहीं लाता, वह काटा और आग में झोंका जाता है।
- John 15:6 यूहन्ना 15:6यदि कोई मुझ में बना न रहे, तो वह डाली की नाई फेंक दिया जाता, और सूख जाता है; और लोग उन्हें बटोरकर आग में झोंक देते हैं, और वे जल जाती हैं।
- Mark 11:20–21 मरकुस 11:20–21फिर भोर को जब वे उधर से जाते थे तो उन्हों ने उस अंजीर के पेड़ को जड़ तक सूखा हुआ देखा। पतरस को वह बात स्मरण आई, और उस ने उस से कहा, हे रब्बी, देख, यह अंजीर का पेड़ जिसे तू ने स्राप दिया था सूख गया है।
- Matthew 12:33–35 मत्ती 12:33–35यदि पेड़ को अच्छा कहो, तो उसके फल को भी अच्छा कहो; या पेड़ को निकम्मा कहो; क्योंकि पेड़ फल ही से पहचाना जाता है। हे सांप के बच्चों, तुम बुरे होकर क्योंकर अच्छी बातें कह सकते हो? क्योंकि जो मन में भरा है, वही मुंह पर आता है। भला, मनुष्य मन के भले भण्डार से भली बातें निकालता है; और बुरा मनुष्य बुरे भण्डार से बुरी बातें निकालता है।
- Isaiah 5:5–6 यशायाह 5:5–6अब मैं तुम को जताता हूं कि अपनी दाख की बारी से क्या करूंगा। मैं उसके कांटेवाले बाड़े को उखाड़ दूंगा कि वह चट की जाए, और उसकी भीत को ढा दूंगा कि वह रौंदी जाए। मैं उसे उजाड़ दूंगा; वह न तो फिर छांटी और न खोदी जाएगी और उस में भांति भांति के कटीले पेड़ उगेंगे; मैं मेघों को भी आज्ञा दूंगा कि उस पर जल न बरसाएं।।
- Deuteronomy 6:4–8 व्यवस्थाविवरण 6:4–8हे इस्राएल, सुन, यहोवा हमारा परमेश्वर है, यहोवा एक ही है; तू अपने परमेश्वर यहोवा से अपने सारे मन, और सारे जीव, और सारी शक्ति के साथ प्रेम रखना। और ये आज्ञाएं जो मैं आज तुझ को सुनाता हूं वे तेरे मन में बनी रहें; और तू इन्हें अपने बालबच्चों को समझाकर सिखाया करना, और घर में बैठे, मार्ग पर चलते, लेटते, उठते, इनकी चर्चा किया करना। और इन्हें अपने हाथ पर चिन्हानी करके बान्धना, और ये तेरी आंखों के बीच टीके का काम दें।
- Matthew 21:44 मत्ती 21:44जो इस पत्थर पर गिरेगा, वह चकनाचूर हो जाएगा: और जिस पर वह गिरेगा, उस को पीस डालेगा।
- Revelation 22:11 प्रकाशितवाक्य 22:11जो अन्याय करता है, वह अन्याय ही करता रहे; और जो मलिन है, वह मलिन बना रहे; और जो धर्मी है, वह धर्मी बना रहे; और जो पवित्रा है, वह पवित्रा बना रहे।
- 2 Peter 2:20 2 पतरस 2:20और जब वे प्रभु और उद्धारकर्ता यीशु मसीह की पहचान के द्वारा संसार की नाना प्रकार की अशुद्धता से बच निकले, और फिर उन में फंसकर हार गए, तो उन की पिछली दशा पहिली से भी बुरी हो गई है।
- Deuteronomy 11:26–31 व्यवस्थाविवरण 11:26–31सुनो, मैं आज के दिन तुम्हारे आगे आशीष और शाप दोनों रख देता हूं। अर्थात् यदि तुम अपने परमेश्वर यहोवा की इन आज्ञाओं को जो मैं आज तुम्हे सुनाता हूं मानो, तो तुम पर आशीष होगी, और यदि तुम अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञाओं को नहीं मानोगे, और जिस मार्ग की आज्ञा मैं आज सुनाता हूं उसे तजकर दूसरे देवताओं के पीछे हो लोगे जिन्हें तुम नहीं जानते हो, तो तुम पर शाप पडेग़ा। और जब तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ को उस देश में पहुंचाए जिसके अधिकारी होने को तू जाने पर है, तब आशीष गरीज्जीम पर्वत पर से और शाप एबाल पर्वत पर से सुनाना। क्या वे यरदन के पार, सूर्य के अस्त होने की ओर, अराबा के निवासी कनानियों के देश में, गिल्गाल के साम्हने, मोरे के बांज वृक्षों के पास नहीं है? तुम तो यरदन पार इसी लिये जाने पर हो, कि जो देश तुम्हारा परमेश्वर यहोवा तुम्हें देता है उसके अधिकारी होकर उस में निवास करोगे;