Mark · chapter 11 · verse 21
Mark 11:21 in Hindi
पतरस को वह बात स्मरण आई, और उस ने उस से कहा, हे रब्बी, देख, यह अंजीर का पेड़ जिसे तू ने स्राप दिया था सूख गया है।
Pataras ko vah baat smaran aaee, aur us ne us se kahaa, he rabbee, dekh, yah anjeer kaa ped jise too ne sraap diyaa thaa sookh gayaa hai.
Mark 11:21 in English
- King James Version (KJV)
- And Peter calling to remembrance saith unto him, Master, behold, the fig tree which thou cursedst is withered away.
- World English Bible (WEB)
- Peter, remembering, said to him, “Rabbi, look! The fig tree which you cursed has withered away.”
- American Standard Version (ASV)
- And Peter calling to remembrance saith unto him, Rabbi, behold, the fig tree which thou cursedst is withered away.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Peter, having a memory of it, said to him, Master, see, the tree which was cursed by you is dead.
- Darby Translation (DBY)
- And Peter, remembering [what Jesus had said], says to him, Rabbi, see, the fig-tree which thou cursedst is dried up.
- Webster's Bible (WBS)
- And Peter calling to remembrance, saith to him, Master, behold, the fig-tree which thou cursedst is withered.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Peter having remembered saith to him, 'Rabbi, lo, the fig-tree that thou didst curse is dried up.'
Read in context
- 19और प्रति दिन सांझ होते ही वह नगर से बाहर जाया करता था।
- 20फिर भोर को जब वे उधर से जाते थे तो उन्हों ने उस अंजीर के पेड़ को जड़ तक सूखा हुआ देखा।
- 21पतरस को वह बात स्मरण आई, और उस ने उस से कहा, हे रब्बी, देख, यह अंजीर का पेड़ जिसे तू ने स्राप दिया था सूख गया है।
- 22यीशु ने उस को उत्तर दिया, कि परमेश्वर पर विश्वास रखो।
- 23मैं तुम से सच कहता हूं कि जो कोई इस पहाड़ से कहे; कि तू उखड़ जा, और समुद्र में जा पड़, और अपने मन में सन्देह न करे, वरन प्रतीति करे, कि जो कहता हूं वह हो जाएगा, तो उसके लिये वही होगा।
Cross references
- 1 Corinthians 16:22 1 कुरिन्थियों 16:22हमारा प्रभु आनेवाला है।
- Matthew 25:41 मत्ती 25:41तब वह बाईं ओर वालों से कहेगा, हे स्रापित लोगो, मेरे साम्हने से उस अनन्त आग में चले जाओ, जो शैतान और उसके दूतों के लिये तैयार की गई है।
- Zechariah 5:3–4 जकर्याह 5:3–4तब उस ने मुझ से कहा, यह वह शाप है जो इस सारे देश पर पड़नेवाला है; क्योंकि जो कोई चोरी करता है, वह उसकी एक ओर लिखे हुए के अनुसार मैल की नाईं निकाल दिया जाएगा; और जो कोई शपथ खाता है, वह उसकी दूसरी ओर लिखे हुए के अनुसार मैल की नाईं निकाल दिया जाएगा। सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है, मैं उसको ऐसा चलाऊंगा कि वह चोर के घर में और मेरे नाम की झूठी शपथ खानेवाले के घर में घुसकर ठहरेगा, और उसको लकड़ी और पत्थरों समेत नाश कर देगा।।
- Proverbs 3:33 नीतिवचन 3:33दुष्ट के घर पर यहोवा का शाप और धर्मियों के वासस्थान पर उसकी आशीष होती है।
- Matthew 23:7 मत्ती 23:7और बाजारों में नमस्कार और मनुष्य में रब्बी कहलाना उन्हें भाता है।