Mark · chapter 4 · verse 1
Mark 4:1 in Hindi
वह फिर झील के किनारे उपदेश देने लगा: और ऐसी बड़ी भीड़ उसके पास इकट्ठी हो गई, कि वह झील में एक नाव पर चढ़कर बैठ गया और सारी भीड़ भूमि पर झील के किनारे खड़ी रही।
Vah phir jheel ke kinaare upadesh dene lagaa: aur aisee badee bheed usake paas ikatthee ho gaee, ki vah jheel mem ek naav par chadhakar baith gayaa aur saaree bheed bhoomi par jheel ke kinaare khadee rahee.
Mark 4:1 in English
- King James Version (KJV)
- And he began again to teach by the sea side: and there was gathered unto him a great multitude, so that he entered into a ship, and sat in the sea; and the whole multitude was by the sea on the land.
- World English Bible (WEB)
- Again he began to teach by the seaside. A great multitude was gathered to him, so that he entered into a boat in the sea and sat down. All the multitude were on the land by the sea.
- American Standard Version (ASV)
- And again he began to teach by the sea side. And there is gathered unto him a very great multitude, so that he entered into a boat, and sat in the sea; and all the multitude were by the sea on the land.
- Bible in Basic English (BBE)
- And again he was teaching by the seaside. And a very great number of people had come to him, so that he got into a boat on the sea and took his seat; and all the people were on the land by the seaside.
- Darby Translation (DBY)
- And again he began to teach by the sea. And a great crowd was gathered together to him, so that going on board ship he sat in the sea, and all the crowd were close to the sea on the land.
- Webster's Bible (WBS)
- And he began again to teach by the sea-side: and there was gathered to him a great multitude, so that he entered into a boat, and sat on the sea; and the whole multitude was by the sea, on the land.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And again he began to teach by the sea, and there was gathered unto him a great multitude, so that he, having gone into the boat, sat in the sea, and all the multitude was near the sea, on the land,
Read in context
- 1वह फिर झील के किनारे उपदेश देने लगा: और ऐसी बड़ी भीड़ उसके पास इकट्ठी हो गई, कि वह झील में एक नाव पर चढ़कर बैठ गया और सारी भीड़ भूमि पर झील के किनारे खड़ी रही।
- 2और वह उन्हें दृष्टान्तों में बहुत सी बातें सिखाने लगेा, और अपने उपदेश में उन से कहा।
- 3सुनो: देखो, एक बोनेवाला, बीज बाने के लिये निकला!
Cross references
- Mark 2:13 मरकुस 2:13वह फिर निकलकर झील के किनारे गया, और सारी भीड़ उसके पास आई, और वह उन्हें उपदेश देने लगा।
- Luke 5:1–3 लूका 5:1–3जब भीड़ उस पर गिरी पड़ती थी, और परमेश्वर का वचन सुनती थी, और वह गन्नेसरत की झील के किनारे पर खड़ा था, तो ऐसा हुआ। कि उस ने झील के किनारे दो नावें लगी हुई देखीं, और मछुवे उन पर से उतरकर जाल धो रहे थे। उन नावों में से एक पर जो शमौन की थी, चढ़कर, उस ने उस से बिनती की, कि किनारे से थोड़ा हटा ले चले, तब वह बैठकर लोगों को नाव पर से उपदेश देने लगा।
- Luke 8:4–10 लूका 8:4–10जब बड़ी भीड़ इकट्ठी हुई, और नगर नगर के लोग उसके पास चले आते थे, तो उस ने दृष्टान्त में कहा। कि एक बोने वाला बीज बोने निकला: बोते हुए कुछ मार्ग के किनारे गिरा, और रौंदा गया, और आकाश के पक्षियों ने उसे चुग लिया। और कुछ चट्टान पर गिरा, और उपजा, परन्तु तरी न मिलने से सूख गया। कुछ झाड़ियों के बीच में गिरा, और झाड़ियों ने साथ साथ बढ़कर उसे दबा लिया। और कुछ अच्छी भूमि पर गिरा, और उगकर सौ गुणा फल लाया: यह कहकर उस ने ऊंचे शब्द से कहा; जिस के सुनने के कान होंवह सुन ले॥ उसके चेलों ने उस से पूछा, कि यह दृष्टान्त क्या है? उस ने कहा; तुम को परमेश्वर के राज्य के भेदोंकी समझ दी गई है, पर औरों को दृष्टान्तों में सुनाया जाता है, इसलिये कि वे देखते हुए भी न देखें, और सुनते हुए भी न समझें।
- Matthew 13:1–15 मत्ती 13:1–15उसी दिन यीशु घर से निकलकर झील के किनारे जा बैठा। और उसके पास ऐसी बड़ी भीड़ इकट्ठी हुई कि वह नाव पर चढ़ गया, और सारी भीड़ किनारे पर खड़ी रही। और उस ने उन से दृष्टान्तों में बहुत सी बातें कही, कि देखो, एक बोनेवाला बीज बोने निकला। बोते समय कुछ बीज मार्ग के किनारे गिरे और पक्षियों ने आकर उन्हें चुग लिया। कुछ पत्थरीली भूमि पर गिरे, जहां उन्हें बहुत मिट्टी न मिली और गहरी मिट्टी न मिलने के कारण वे जल्द उग आए। पर सूरज निकलने पर वे जल गए, और जड़ न पकड़ने से सूख गए। कुछ झाड़ियों में गिरे, और झाड़ियों ने बढ़कर उन्हें दबा डाला। पर कुछ अच्छी भूमि पर गिरे, और फल लाए, कोई सौ गुना, कोई साठ गुना, कोई तीस गुना। जिस के कान हों वह सुन ले।। और चेलों ने पास आकर उस से कहा, तू उन से दृष्टान्तों में क्यों बातें करता है? उस ने उत्तर दिया, कि तुम को स्वर्ग के राज्य के भेदों की समझ दी गई है, पर उन को नहीं। क्योंकि जिस के पास है, उसे दिया जाएगा; और उसके पास बहुत हो जाएगा; पर जिस के पास कुछ नहीं है, उस से जो कुछ उसके पास है, वह भी ले लिया जाएगा। मैं उन से दृष्टान्तों में इसलिये बातें करता हूं, कि वे देखते हुए नहीं देखते; और सुनते हुए नहीं सुनते; और नहीं समझते। और उन के विषय में यशायाह की यह भविष्यद्ववाणी पूरी होती है, कि तुम कानों से तो सुनोगे, पर समझोगे नहीं; और आंखों से तो देखोगे, पर तुम्हें न सूझेगा। क्योंकि इन लोगों का मन मोटा हो गया है, और वे कानों से ऊंचा सुनते हैं और उन्हों ने अपनी आंखें मूंद लीं हैं; कहीं ऐसा न हो कि वे आंखों से देखें, और कानों से सुनें और मन से समझें, और फिर जाएं, और मैं उन्हें चंगा करूं।
- Mark 3:7 मरकुस 3:7और यीशु अपने चेलों के साथ झील की ओर चला गया: और गलील से एक बड़ी भीड़ उसके पीछे हो ली।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- began · G756ἄρχομαι árchomai
- again · G3825πάλιν pálin
- teach · G1321διδάσκω didáskō
- by · G3844παρά pará
- side · G2281θάλασσα thálassa
- and · G2532καί kaí
- gathered · G4863συνάγω synágō
- unto · G4314πρός prós
- him · G846αὐτός autós
- a · G3793ὄχλος óchlos
- great · G4183πολύς polýs
- multitude · G3793ὄχλος óchlos
- that · G5620ὥστε hṓste
- he · G846αὐτός autós
- entered · G1684ἐμβαίνω embaínō
- into · G1519εἰς eis
- ship · G4143πλοῖον ploîon
- sat · G2521κάθημαι káthēmai
- in · G1722ἐν en
- sea · G2281θάλασσα thálassa
- and · G2532καί kaí
- the · G3793ὄχλος óchlos
- whole · G3956πᾶς pâs
- multitude · G3793ὄχλος óchlos
- was · G2258ἦν ēn
- by · G4314πρός prós
- sea · G2281θάλασσα thálassa
- on · G1909ἐπί epí
- land · G1093γῆ gē