Mark · chapter 4 · verse 2
Mark 4:2 in Hindi
और वह उन्हें दृष्टान्तों में बहुत सी बातें सिखाने लगेा, और अपने उपदेश में उन से कहा।
Aur vah unhem drushtaantom mem bahut see baatem sikhaane lageా, aur apane upadesh mem un se kahaa.
Mark 4:2 in English
- King James Version (KJV)
- And he taught them many things by parables, and said unto them in his doctrine,
- World English Bible (WEB)
- He taught them many things in parables, and told them in his teaching,
- American Standard Version (ASV)
- And he taught them many things in parables, and said unto them in his teaching,
- Bible in Basic English (BBE)
- And he gave them teaching about a number of things in the form of stories, and said to them in his teaching, Give ear:
- Darby Translation (DBY)
- And he taught them many things in parables. And he said to them in his doctrine,
- Webster's Bible (WBS)
- And he taught them many things by parables, and said to them in his doctrine,
- Young's Literal Translation (YLT)
- and he taught them many things in similes, and he said to them in his teaching:
Read in context
- 1वह फिर झील के किनारे उपदेश देने लगा: और ऐसी बड़ी भीड़ उसके पास इकट्ठी हो गई, कि वह झील में एक नाव पर चढ़कर बैठ गया और सारी भीड़ भूमि पर झील के किनारे खड़ी रही।
- 2और वह उन्हें दृष्टान्तों में बहुत सी बातें सिखाने लगेा, और अपने उपदेश में उन से कहा।
- 3सुनो: देखो, एक बोनेवाला, बीज बाने के लिये निकला!
- 4और बोते समय कुछ तो मार्ग के किनारे गिरा और पक्षियों ने आकर उसे चुग लिया।
Cross references
- Mark 3:23 मरकुस 3:23और वह उन्हें पास बुलाकर, उन से दुष्टान्तों में कहने लगा; शैतान क्योंकर शैतान को निकाल सकता है?
- Matthew 13:34–35 मत्ती 13:34–35ये सब बातें यीशु ने दृष्टान्तों में लोगों से कहीं, और बिना दृष्टान्त वह उन से कुछ न कहता था। कि जो वचन भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा गया था, वह पूरा हो कि मैं दृष्टान्त कहने को अपना मुंह खोलूंगा: मैं उन बातों को जो जगत की उत्पत्ति से गुप्त रही हैं प्रगट करूंगा।।
- Mark 4:11 मरकुस 4:11उस ने उन से कहा, तुम को तो परमेश्वर के राज्य के भेद की समझ दी गई है, परन्तु बाहरवालों के लिये सब बातें दृष्टान्तों में होती हैं।
- Psalm 78:2 भजन संहिता 78:2मैं अपना मूंह नीतिवचन कहने के लिये खोलूंगा; मैं प्राचीकाल की गुप्त बातें कहूंगा,
- Matthew 13:10 मत्ती 13:10और चेलों ने पास आकर उस से कहा, तू उन से दृष्टान्तों में क्यों बातें करता है?
- Matthew 13:3 मत्ती 13:3और उस ने उन से दृष्टान्तों में बहुत सी बातें कही, कि देखो, एक बोनेवाला बीज बोने निकला।
- Psalm 49:4 भजन संहिता 49:4मैं नीतिवचन की ओर अपना कान लगाऊंगा, मैं वीणा बजाते हुए अपनी गुप्त बात प्रकाशित करूंगा।।
- Mark 12:38 मरकुस 12:38उस ने अपने उपदेश में उन से कहा, शस्त्रियों से चौकस रहो, जो लम्बे वस्त्रा पहिने हुए फिरना।
- John 7:16–17 यूहन्ना 7:16–17यीशु ने उन्हें उत्तर दिया, कि मेरा उपदेश मेरा नहीं, परन्तु मेरे भेजनेवाले का है। यदि कोई उस की इच्छा पर चलना चाहे, तो वह इस उपदेश के विषय में जान जाएगा कि वह परमेश्वर की ओर से है, या मैं अपनी ओर से कहता हूं।
- Matthew 7:28 मत्ती 7:28जब यीशु ये बातें कह चुका, तो ऐसा हुआ कि भीड़ उसके उपदेश से चकित हुई।
- Mark 4:33–34 मरकुस 4:33–34और वह उन्हें इस प्रकार के बहुत से दृष्टान्त दे देकर उन की समझ के अनुसार वचन सुनाता था। और बिना दृष्टान्त कहे उन से कुछ भी नहीं कहता था; परन्तु एकान्त में वह अपने निज चेलों को सब बातों का अर्थ बताता था।।
- John 18:19 यूहन्ना 18:19तक महायाजक ने यीशु से उसके चेलों के विषय में और उसके उपदेश के विषय में पूछा।