Mark · chapter 4 · verse 17
Mark 4:17 in Hindi
परन्तु अपने भीतर जड़ न रखते के कारण वे थोड़े भी दिनों के लिये रहते हैं; इस के बाद जब वचन के कारण उन पर क्लेश या उपद्रव होता है, तो वे तुरन्त ठोकर खाते हैं।
Parantu apane bheetar jad na rakhate ke kaaran ve thode bhee dinom ke liye rahate haim; is ke baad jab vachan ke kaaran un par klesh yaa upadrav hotaa hai, to ve turant thokar khaate hain.
Mark 4:17 in English
- King James Version (KJV)
- And have no root in themselves, and so endure but for a time: afterward, when affliction or persecution ariseth for the word’s sake, immediately they are offended.
- World English Bible (WEB)
- They have no root in themselves, but are short-lived. When oppression or persecution arises because of the word, immediately they stumble.
- American Standard Version (ASV)
- and they have no root in themselves, but endure for a while; then, when tribulation or persecution ariseth because of the word, straightway they stumble.
- Bible in Basic English (BBE)
- And they have no root in themselves, but go on for a time; then, when trouble comes or pain, because of the word, they quickly become full of doubts.
- Darby Translation (DBY)
- and they have no root in themselves, but are for a time: then, tribulation arising, or persecution on account of the word, immediately they are offended.
- Webster's Bible (WBS)
- And have no root in themselves, and so endure but for a time: afterward, when affliction or persecution ariseth for the word's sake, immediately they relapse.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and have not root in themselves, but are temporary; afterward tribulation or persecution having come because of the word, immediately they are stumbled.
Read in context
- 15जो मार्ग के किनारे के हैं जहां वचन बोया जाता है, ये वे हैं, कि जब उन्हों ने सुना, तो शैतान तुरन्त आकर वचन को जो उन में बोया गया था, उठा ले जाता है।
- 16और वैसे ही जो पत्थरीली भूमि पर बोए जाते हैं, ये वे हैं, कि जो वचन को सुनकर तुरन्त आनन्द से ग्रहण कर लेते हैं।
- 17परन्तु अपने भीतर जड़ न रखते के कारण वे थोड़े भी दिनों के लिये रहते हैं; इस के बाद जब वचन के कारण उन पर क्लेश या उपद्रव होता है, तो वे तुरन्त ठोकर खाते हैं।
- 18और जो झाडियों में बोए गए ये वे हैं जिन्हों ने वचन सुना।
- 19और संसार की चिन्ता, और धन का धोखा, और और वस्तुओं का लोभ उन में समाकर वचन को दबा देता है। और वह निष्फल रह जाता है।
Cross references
- Matthew 11:6 मत्ती 11:6और धन्य है वह, जो मेरे कारण ठोकर न खाए।
- 1 Thessalonians 3:3–5 1 थिस्सलुनीकियों 3:3–5कि कोई इन क्लेशों के कारण डगमगा न जाए; क्योंकि तुम आप जानते हो, कि हम इन ही के लिये ठहराए गए हैं। क्योंकि पहिले भी, जब हम तुम्हारे यहां थे, तो तुम ने कहा करते थे, कि हमें क्लेश उठाने पड़ेंगे, और ऐसा ही हुआ है, और तुम जानते भी हो। इस कारण जब मुझ से और न रहा गया, तो तुम्हारे विश्वास का हाल जानने के लिये भेजा, कि कहीं ऐसा न हो, कि परीक्षा करनेवाले ने तुम्हारी परीक्षा की हो, और हमारा परिश्रम व्यर्थ हो गया हो।
- Revelation 2:10 प्रकाशितवाक्य 2:10जो दु:ख तुझ को झेलने होंगे, उन से मत डर: क्योंकि देखो, शैतान तुम में से कितनों को जेलखाने में डालने पर है ताकि तुम परखे जाओ; और तुम्हें दस दिन तक क्लेश उठाना होगा: प्राण देने तक विश्वासी रह; तो मैं तुझे जीवन का मुकुट दूंगा।
- John 15:2–7 यूहन्ना 15:2–7जो डाली मुझ में है, और नहीं फलती, उसे वह काट डालता है, और जो फलती है, उसे वह छांटता है ताकि और फले। तुम तो उस वचन के कारण जो मैं ने तुम से कहा है, शुद्ध हो। तुम मुझ में बने रहो, और मैं तुम में: जैसे डाली यदि दाखलता में बनी न रहे, तो अपने आप से नहीं फल सकती, वैसे ही तुम भी यदि मुझ में बने न रहो तो नहीं फल सकते। में दाखलता हूं: तुम डालियां हो; जो मुझ में बना रहता है, और मैं उस में, वह बहुत फल फलता है, क्योंकि मुझ से अलग होकर तुम कुछ भी नहीं कर सकते। यदि कोई मुझ में बना न रहे, तो वह डाली की नाई फेंक दिया जाता, और सूख जाता है; और लोग उन्हें बटोरकर आग में झोंक देते हैं, और वे जल जाती हैं। यदि तुम मुझ में बने रहो, और मेरी बातें तुम में बनी रहें तो जो चाहो मांगो और वह तुम्हारे लिये हो जाएगा।
- Matthew 12:31 मत्ती 12:31इसलिये मैं तुम से कहता हूं, कि मनुष्य का सब प्रकार का पाप और निन्दा क्षमा की जाएगी, पर आत्मा की निन्दा क्षमा न की जाएगी।
- Revelation 2:13 प्रकाशितवाक्य 2:13मैं यह तो जानता हूं, कि तू वहां रहता है जहां शैतान का सिंहासन है, और मेरे नाम पर स्थिर रहता है; और मुझ पर विश्वास करने से उन दिनों में भी पीछे नहीं हटा जिन में मेरा विश्वासयोग्य साक्षी अन्तिपास, तुम में उस स्थान पर घात किया गया जहां शैतान रहता है।
- 2 Timothy 2:17–18 2 तीमुथियुस 2:17–18और उन का वचन सड़े- घाव की नाईं फैलता जाएगा: हुमिनयुस और फिलेतुस उन्हीं में से हैं। जो यह कहकर कि पुनरूत्थान हो चुका है सत्य से भटक गए हैं, और कितनों के विश्वास को उलट पुलट कर देते हैं।
- 2 Timothy 1:15 2 तीमुथियुस 1:15तू जानता है, कि आसियावाले सब मुझ से फिर गए हैं, जिन में फूगिलुस और हिरमुगिनेस हैं।
- Matthew 24:9–10 मत्ती 24:9–10तब वे क्लेश दिलाने के लिये तुम्हें पकड़वाएंगे, और तुम्हें मार डालेंगे और मेरे नाम के कारण सब जातियों के लोग तुम से बैर रखेंगे। तब बहुतेरे ठोकर खाएंगे, और एक दूसरे से बैर रखेंगे।
- Job 27:8–10 अय्यूब 27:8–10जब ईश्वर भक्तिहीन मनुष्य का प्राण ले ले, तब यद्यपि उस ने धन भी प्राप्त किया हो, तौभी उसकी क्या आशा रहेगी? जब वह संकट में पड़े, तब क्या ईश्वर उसकी दोहाई सुनेगा? क्या वह सर्वशक्तिमान में सुख पा सकेगा, और हर समय ईश्वर को पुकार सकेगा?
- 1 Corinthians 10:12–13 1 कुरिन्थियों 10:12–13इसलिये जो समझता है, कि मैं स्थिर हूं, वह चौकस रहे; कि कहीं गिर न पड़ें। तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर सच्चा है: वह तुम्हें सामर्थ से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, बरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा; कि तुम सह सको।।
- John 8:31 यूहन्ना 8:31तब यीशु ने उन यहूदियों से जिन्हों ने उन की प्रतीति की थी, कहा, यदि तुम मेरे वचन में बने रहोगे, तो सचमुच मेरे चेले ठहरोगे।