Mark · chapter 4 · verse 34
Mark 4:34 in Hindi
और बिना दृष्टान्त कहे उन से कुछ भी नहीं कहता था; परन्तु एकान्त में वह अपने निज चेलों को सब बातों का अर्थ बताता था।।
Aur binaa drushtaant kahe un se kuchh bhee naheem kahataa thaa; parantu ekaant mem vah apane nij chelom ko sab baatom kaa arth bataataa thaa..
Mark 4:34 in English
- King James Version (KJV)
- But without a parable spake he not unto them: and when they were alone, he expounded all things to his disciples.
- World English Bible (WEB)
- Without a parable he didn’t speak to them; but privately to his own disciples he explained everything.
- American Standard Version (ASV)
- and without a parable spake he not unto them: but privately to his own disciples he expounded all things.
- Bible in Basic English (BBE)
- And without a story he said nothing to them: but privately to his disciples he made all things clear.
- Darby Translation (DBY)
- but without a parable spoke he not to them; and in private he explained all things to his disciples.
- Webster's Bible (WBS)
- But without a parable he spoke not to them: and when they were alone, he expounded all things to his disciples.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and without a simile he was not speaking to them, and by themselves, to his disciples he was expounding all.
Read in context
- 32परन्तु जब बोया गया, तो उगकर सब साग पात से बड़ा हो जाता है, और उसकी ऐसी बड़ी डालियां निकलती हैं, कि आकाश के पक्षी उसकी छाया में बसेरा कर सकते हैं।।
- 33और वह उन्हें इस प्रकार के बहुत से दृष्टान्त दे देकर उन की समझ के अनुसार वचन सुनाता था।
- 34और बिना दृष्टान्त कहे उन से कुछ भी नहीं कहता था; परन्तु एकान्त में वह अपने निज चेलों को सब बातों का अर्थ बताता था।।
- 35उसी दिन जब सांझ हुई, तो उस ने उन से कहा; आओ, हम पार चलें,।
- 36और वे भीड़ को छोड़कर जैसा वह था, वैसा की उसे नाव पर साथ ले चले; और उसके साथ, और भी नावें थीं।
Cross references
- John 16:25 यूहन्ना 16:25मैं ने ये बातें तुम से दृष्टान्तों में कही हैं, परन्तु वह समय आता है, कि मैं तुम से दृष्टान्तों में और फिर नहीं कहूंगा परन्तु खोलकर तुम्हें पिता के विषय में बताऊंगा।
- Mark 4:10 मरकुस 4:10जब वह अकेला रह गया, तो उसके साथियों ने उन बारह समेत उस से इन दृष्टान्तों के विषय में पूछा।
- Luke 24:27 लूका 24:27तब उस ने मूसा से और सब भविष्यद्वक्ताओं से आरम्भ करके सारे पवित्रा शास्त्रों में से, अपने विषय में की बातों का अर्थ, उन्हें समझा दिया।
- Matthew 13:36–43 मत्ती 13:36–43तब वह भीड़ को छोड़कर घर में आया, और उसके चेलों ने उसके पास आकर कहा, खेत के जंगली दाने का दृष्टान्त हमें समझा दे। उस ने उन को उत्तर दिया, कि अच्छे बीज का बोनेवाला मनुष्य का पुत्रा है। खेत संसार है, अच्छा बीज राज्य के सन्तान, और जंगली बीज दुष्ट के सन्तान हैं। जिस बैरी ने उन को बोया वह शैतान है; कटनी जगत का अन्त है: और काटनेवाले स्वर्गदूत हैं। सो जैसे जंगली दाने बटोरे जाते और जलाए जाते हैं वैसा ही जगत के अन्त में होगा। मनुष्य का पुत्रा अपने स्वर्गदूतों को भेजेगा, और वे उसके राज्य में से सब ठोकर के कारणों को और कुकर्म करनेवालों को इकट्ठा करेंगे। और उन्हें आग के कुंड में डालेंगे, वहां रोना और दांत पीसना होगा। उस समय धर्मी अपने पिता के राज्य में सूर्य की नाई चमकेंगे; जिस के कान हों वह सुन ले।।
- Matthew 15:15–20 मत्ती 15:15–20यह सुनकर, पतरस ने उस से कहा, यह दृष्टान्त हमें समझा दे। उस ने कहा, क्या तुम भी अब तक ना समझ हो? क्या नहीं समझते, कि जो कुछ मुंह में जाता, वह पेट में पड़ता है, और सण्डास में निकल जाता है? पर जो कुछ मुंह से निकलता है, वह मन से निकलता है, और वही मनुष्य को अशुद्ध करता है। क्योंकि कुचिन्ता, हत्या, परस्त्रीगमन, व्यभिचार, चोरी, झूठी गवाही और निन्दा मन ही से निकलती है। यही हैं जो मनुष्य को अशुद्ध करती हैं, परन्तु हाथ बिना धोए भोजन करना मनुष्य को अशुद्ध नहीं करता।।
- Luke 8:9–10 लूका 8:9–10उसके चेलों ने उस से पूछा, कि यह दृष्टान्त क्या है? उस ने कहा; तुम को परमेश्वर के राज्य के भेदोंकी समझ दी गई है, पर औरों को दृष्टान्तों में सुनाया जाता है, इसलिये कि वे देखते हुए भी न देखें, और सुनते हुए भी न समझें।
- Mark 7:17–23 मरकुस 7:17–23जब वह भीड़ के पास से घर में गया, तो उसके चेलों ने इस दृष्टान्त के विषय में उस से पूछा। उस ने उन से कहा; क्या तुम भी ऐसे ना समझ हो? क्या तुम नहीं समझते, कि जो वस्तु बाहर से मनुष्य के भीतर जाती है, वह उसे अशुद्ध नहीं कर सकती? क्योंकि वह उसके मन में नहीं, परन्तु पेट में जाती है, और संडास में निकल जाती है? यह कहकर उस ने सब भोजन वस्तुओं को शुद्ध ठहराया। फिर उस ने कहा; जो मनुष्य में से निकलता है, वही मनुष्य को अशुद्ध करता है। क्योंकि भीतर से अर्थात् मनुष्य मे मन से, बुरी बुरी चिन्ता व्यभिचार। चोरी, हत्या, परस्त्रीगमन, लोभ, दुष्टता, छल, लुचपन, कुदृष्टि, निन्दा, अभिमान, और मूर्खता निकलती हैं। ये सब बुरी बातें भीतर ही से निकलती हैं और मनुष्य को अशुद्ध करती हैं।।
- Luke 24:44–46 लूका 24:44–46फिर उस ने उन से कहा, ये मेरी वे बातें हैं, जो मैं ने तुम्हारे साथ रहते हुए, तुम से कही थीं, कि अवश्य है, कि जितनी बातें मूसा की व्यवस्था और भविष्यद्वक्ताओं और भजनों की पुस्तकों में, मेरे विषय में लिखी हैं, सब पूरी हों। तब उस ने पवित्रा शास्त्रा बूझने के लिये उन की समझ खोल दी। और उन से कहा, यों लिखा है; कि मसीह दु:ख उठाएगा, और तीसरे दिन मरे हुओं में से जी उठेगा।
Original words (Greek)
- But · G1161δέ dé
- without · G5565χωρίς chōrís
- parable · G3850παραβολή parabolḗ
- he · G2980λαλέω laléō
- not · G3756οὐ ou
- them · G846αὐτός autós
- and · G2596κατά katá
- when · G1161δέ dé
- alone · G2398ἴδιος ídios
- expounded · G1956ἐπιλύω epilýō
- things · G3956πᾶς pâs
- to · G3101μαθητής mathētḗs
- his · G846αὐτός autós
- disciples · G3101μαθητής mathētḗs