Mark · chapter 8 · verse 20
Mark 8:20 in Hindi
उस ने उन से कहा, सात टोकरे।
Us ne un se kahaa, saat tokare.
Mark 8:20 in English
- King James Version (KJV)
- And when the seven among four thousand, how many baskets full of fragments took ye up? And they said, Seven.
- World English Bible (WEB)
- “When the seven loaves fed the four thousand, how many baskets full of broken pieces did you take up?” They told him, “Seven.”
- American Standard Version (ASV)
- And when the seven among the four thousand, how many basketfuls of broken pieces took ye up? And they say unto him, Seven.
- Bible in Basic English (BBE)
- And when the seven among the four thousand, what number of baskets full of broken bits did you take up? And they said to him, Seven.
- Darby Translation (DBY)
- And when the seven for the four thousand, the filling of how many baskets of fragments took ye up? And they said, Seven.
- Webster's Bible (WBS)
- And when the seven among four thousand, how many baskets full of fragments took ye up? And they said, Seven.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And when the seven to the four thousand, how many hand-baskets full of broken pieces took ye up?' and they said, 'Seven.'
Read in context
- 18क्या तुम्हारा मन कठोर हो गया है? क्या आंखे रखते हुए भी नहीं देखते, और कान रखते हुए भी नहीं सुनते? और तुम्हें स्मरण नहीं।
- 19कि जब मैं ने पांच हजार के लिये पांच रोटी तोड़ी थीं तो तुम ने टुकड़ों की कितनी टोकरियां भरकर उठाईं? उन्हों ने उस से कहा, सात टोकरे।
- 20उस ने उन से कहा, सात टोकरे।
- 21उस ने उन से कहा, क्या तुम अब तक नहीं समझते?
- 22और वे बैतसैदा में आए; और लोग एक अन्धे को उसके पास ले आए और उस से बिनती की, कि उस को छूए।
Cross references
- Matthew 15:34–38 मत्ती 15:34–38यीशु ने उन से पूछा, तुम्हारे पास कितनी रोटियां हैं? उन्हों ने कहा; सात और थोड़ी सी छोटी मछलियां। तब उस ने लोगों को भूमि पर बैठने की आज्ञा दी। और उन सात रोटियों और मछलियों को ले धन्यवाद करके तोड़ा और अपने चेलों को देता गया; और चेले लोगों को। सो सब खाकर तृप्त हो गए और बचे हुए टुकड़ों से भरे हुए सात टोकरे उठाए। और खानेवाले स्त्रियों और बालकों को छोड़ चार हजार पुरूष थे।
- Mark 8:1–9 मरकुस 8:1–9उन दिनों में, जब फिर बड़ी भीड़ इकट्ठी हुई, और उन के पास कुछ खाने को न था, तो उस ने अपने चेलों को पास बुलाकर उन से कहा। मुझे इस भीड़ पर तरस आता है, क्योंकि यह तीन दिन से बराबर मेरे साथ हैं, और उन के पास कुछ भी खाने को नहीं। यदि मैं उन्हें भूखा घर भेज दूं, तो मार्ग में थक कर रह जाएंगे; क्योकि इन में से कोई कोई दूर से आए हैं। उसके चेलों ने उस को उत्तर दिया, कि यहां जंगल में इतनी रोटी कोई कहां से लाए कि ये तृप्त हों? उस ने उन से पूछा; तुम्हारे पास कितनी रोटियां हैं? उन्हों ने कहा, सात। तब उस ने लोगों को भूमि पर बैठने की आज्ञा दी, और वे सात रोटियां लीं, और धन्यवाद करके तोड़ी, और अपने चेलों को देता गया कि उन के आगे रखें, और उन्हों ने लोगों के आगे परोस दिया उन के पास थोड़ी सी छोटी मछलियों भी थीं; और उसने धन्यवाद करके उन्हें भी लोगों के आगे रखने की आज्ञा दी। सो वे खाकर तृप्त हो गए और शेष टृकड़ों के सात टोकरे भरकर उठाए। और लोग चार हजार के लगभग थे; और उस ने उन को विदा किया।