Matthew · chapter 26 · verse 30
Matthew 26:30 in Hindi
फिर वे भजन गाकर जैतून पहाड़ पर गए।।
Phir ve bhajan gaakar jaitoon pahaad par gae..
Matthew 26:30 in English
- King James Version (KJV)
- And when they had sung an hymn, they went out into the mount of Olives.
- World English Bible (WEB)
- When they had sung a hymn, they went out to the Mount of Olives.
- American Standard Version (ASV)
- And when they had sung a hymn, they went out into the mount of Olives.
- Bible in Basic English (BBE)
- And after a song of praise to God, they went out to the Mountain of Olives.
- Darby Translation (DBY)
- And having sung a hymn, they went out to the mount of Olives.
- Webster's Bible (WBS)
- And when they had sung a hymn, they went out to the mount of Olives.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And having sung a hymn, they went forth to the mount of the Olives;
Read in context
- 28क्योंकि यह वाचा का मेरा वह लोहू है, जो बहुतों के लिये पापों की क्षमा के निमित्त बहाया जाता है।
- 29मैं तुम से कहता हूं, कि दाख का यह रस उस दिन तक कभी न पीऊंगा, जब तक तुम्हारे साथ अपने पिता के राज्य में नया न पीऊं।।
- 30फिर वे भजन गाकर जैतून पहाड़ पर गए।।
- 31तब यीशु ने उन से कहा; तुम सब आज ही रात को मेरे विषय में ठोकर खाओगे; क्योंकि लिखा है, कि मैं चरवाहे को मारूंगा; और झुण्ड की भेड़ें तित्तर बित्तर हो जाएंगी।
- 32परन्तु मैं अपने जी उठने के बाद तुम से पहले गलील को जाऊंगा।
Cross references
- Mark 14:26–31 मरकुस 14:26–31फिर वे भजन गाकर बाहर जैतून के पहाड़ पर गए।। तब यीशु ने उन से कहा; तुम सब ठोकर खाओगे, क्योंकि लिखा है, कि मैं रखवाले को मारूंगा, और भेड़ तित्तर बित्तर हो जाएंगी। परन्तु मैं अपने जी उठने के बाद तुम से पहिले गलील को जाऊंगा। पतरस ने उस से कहा; यदि एक ठोकर खाएं तो खांए, पर मैं ठोकर नहीं खाऊंगा। यीशु ने उस से कहा; मैं तुझ से सच कहता हूं, कि आज ही इसी रात को मुर्गे के दो बार बांग देने से पहिले, तू तीन बार मुझ से मुकर जाएगा। पर उस ने और भी जोर देकर कहा, यदि मुझे तेरे साथ मरना भी पड़े तौभी तेरा इन्कार कभी न करूंगा: इसी प्रकार और सब ने भी कहा।।
- Ephesians 5:19–20 इफिसियों 5:19–20और आपस में भजन और स्तुतिगान और आत्मिक गीत गाया करो, और अपने अपने मन में प्रभु के साम्हने गाते और कीर्तन करते रहो। और सदा सब बातों के लिये हमारे प्रभु यीशु मसीह के नाम से परमेश्वर पिता का धन्यवाद करते रहो।
- Luke 22:39 लूका 22:39तब वह बाहर निकलकर अपनी रीति के अनुसार जैतून के पहाड़ पर गया, और चेले उसके पीछे हो लिए।
- Matthew 21:1 मत्ती 21:1जब वे यरूशलेम के निकट पहुंचे और जैतून पहाड़ पर बैतफगे के पास आए, तो यीशु ने दो चेलों को यह कहकर भेजा।
- John 18:1–4 यूहन्ना 18:1–4यीशु ये बातें कहकर अपने चेलों के साथ किद्रोन के नाले के पार गया, वहां एक बारी थी, जिस में वह और उसके चेले गए। और उसका पकड़वानेवाला यहूदा भी वह जगह जानता था, क्योंकि यीशु अपने चेलों के साथ वहां जाया करता था। तब यहूदा पलटन को और महायाजकों और फरीसियों की ओर से प्यादों को लेकर दीपकों और मशालों और हथियारों को लिए हुए वहां आया। तब यीशु उन सब बातों को जो उस पर आनेवाली थीं, जानकर निकला, और उन से कहने लगा, किसे ढूंढ़ते हो?
- Colossians 3:16–17 कुलुस्सियों 3:16–17मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ। और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।।
- Luke 21:37 लूका 21:37और वह दिन को मन्दिर में उपदेश करता था; और रात को बाहर जाकर जैतून नाम पहाड़ पर रहा करता था।
- John 14:31 यूहन्ना 14:31परन्तु यह इसलिये होता है कि संसार जाने कि मैं पिता से प्रेम रखता हूं, और जिस तरह पिता ने मुझे आज्ञा दी, मैं वैसे ही करता हूं: उठो, यहां से चलें।।