Psalms · chapter 109 · verse 2
Psalm 109:2 in Hindi
क्योंकि दुष्ट और कपटी मनुष्यों ने मेरे विरूद्ध मुंह खोला है, वे मेरे विषय में झूठ बोलते हैं।
Kyonki dusht aur kapatee manushyom ne mere virooddh munh kholaa hai, ve mere vishay mem jhooth bolate hain.
Psalm 109:2 in English
- King James Version (KJV)
- For the mouth of the wicked and the mouth of the deceitful are opened against me: they have spoken against me with a lying tongue.
- World English Bible (WEB)
- for they have opened the mouth of the wicked and the mouth of deceit against me. They have spoken to me with a lying tongue.
- American Standard Version (ASV)
- For the mouth of the wicked and the mouth of deceit have they opened against me: They have spoken unto me with a lying tongue.
- Bible in Basic English (BBE)
- For the mouth of the sinner is open against me in deceit: his tongue has said false things against me.
- Darby Translation (DBY)
- For the mouth of the wicked [man] and the mouth of deceit are opened against me: they have spoken against me with a lying tongue,
- Webster's Bible (WBS)
- For the mouth of the wicked and the mouth of the deceitful are opened against me: they have spoken against me with a lying tongue.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For the mouth of wickedness, and the mouth of deceit, Against me they have opened, They have spoken with me — A tongue of falsehood, and words of hatred!
Read in context
- 1हे परमेश्वर तू जिसकी मैं स्तुति करता हूं, चुप न रह।
- 2क्योंकि दुष्ट और कपटी मनुष्यों ने मेरे विरूद्ध मुंह खोला है, वे मेरे विषय में झूठ बोलते हैं।
- 3और उन्हों ने बैर के वचनों से मुझे चारों ओर घेर लिया है, और व्यर्थ मुझ से लड़ते हैं।
- 4मेरे प्रेम के बदले में वे मुझ से विरोध करते हैं, परन्तु में तो प्रार्थना में लवलीन रहता हूं।
Cross references
- Psalm 52:4 भजन संहिता 52:4हे छली जीभ तू सब विनाश करनेवाली बातों से प्रसन्न रहती है।।
- Proverbs 6:17 नीतिवचन 6:17अर्थात् घमण्ड से चढ़ी हुई आंखें, झूठ बोलनेवाली जीभ, और निर्दोष का लोहू बहानेवाले हाथ,
- Psalm 120:2–3 भजन संहिता 120:2–3हे यहोवा, झूठ बोलनेवाले मुंह से और छली जीभ से मेरी रक्षा कर।। हे छली जीभ, तुझ को क्या मिले? और तेरे साथ और क्या अधिक किया जाए?
- Psalm 31:13 भजन संहिता 31:13मैं ने बहुतों के मुंह से अपना अपवाद सुना, चारों ओर भय ही भय है! जब उन्हों ने मेरे विरूद्ध आपस में सम्मति की तब मेरे प्राण लेने की युक्ति की।।
- Jeremiah 9:5 यिर्मयाह 9:5वे एक दूसरे को ठगेंगे और सच नहीं बोलेंगे; उन्हों ने झूठ ही बोलना सीखा है; और कुटिलता ही में परिश्रम करते हैं।
- 2 Samuel 17:1 2 शमूएल 17:1फिर अहीतोपेल ने अबशालोम से कहा, मुझे बारह हजार पुरूष छांटने दे, और मैं उठकर आज ही रात को दाऊद का पीछा करूंगा।
- Proverbs 12:19 नीतिवचन 12:19सच्चाई सदा बनी रहेगी, परन्तु झूढ पल ही भर का होता है।
- Acts 6:13 प्रेरितों के काम 6:13और झूठे गवाह खड़े किए, जिन्हों ने कहा कि यह मनुष्य इस पवित्रा स्थान और व्यवस्था के विरोध में बोलना नहीं छोड़ता।
- Psalm 31:18 भजन संहिता 31:18जो अंहकार और अपमान से धर्मी की निन्दा करते हैं, उनके झूठ बोलनेवाले मुंह बन्द किए जाएं।।
- Matthew 26:59–62 मत्ती 26:59–62महायाजक और सारी महासभा यीशु को मार डालने के लिये उसके विरोध में झूठी गवाही की खोज में थे। परन्तु बहुत से झूठे गवाहों के आने पर भी न पाई। अन्त में दो जनों ने आकर कहा, कि उस ने कहा है; कि मैं परमेश्वर के मन्दिर को ढा सकता हूं और उसे तीन दिन में बना सकता हूं। तब महायाजक ने खड़े होकर उस से कहा, क्या तू कोई उत्तर नहीं देता? ये लोग तेरे विरोध में क्या गवाही देते हैं? परन्तु यीशु चुप रहा: महायाजक ने उस से कहा।
- Jeremiah 9:3 यिर्मयाह 9:3अपनी अपनी जीभ को वे धनुष की नाई झूठ होलने के लिये तैयार करते हैं, और देश में बलवन्त तो हो गए, परन्तु सच्चाई के लिये नहीं; वे बुराई पर बुराई बढ़ाते जाते हैं, और वे मुझ को जानते ही नहीं, यहोवा की यही वाणी है।
- Psalm 64:3–4 भजन संहिता 64:3–4उन्हों ने अपनी जीभ को तलवार की नाईं तेज किया है, और अपने कड़वे बचनों के तीरों को चढ़ाया है; ताकि छिपकर खरे मनुष्य को मारें; वे निडर होकर उसको अचानक मारते भी हैं।