Philippians · chapter 1 · verse 17
Philippians 1:17 in Hindi
और कई एक तो सीधाई से नहीं पर विरोध से मसीह की कथा सुनाते हैं, यह समझ कर कि मेरी कैद में मेरे लिये क्लेश उत्पन्न करें।
Aur kaee ek to seedhaaee se naheem par virodh se maseeh kee kathaa sunaate haim, yah samajh kar ki meree kaid mem mere liye klesh utpann karen.
Philippians 1:17 in English
- King James Version (KJV)
- But the other of love, knowing that I am set for the defence of the gospel.
- World English Bible (WEB)
- but the latter out of love, knowing that I am appointed for the defense of the Good News.
- American Standard Version (ASV)
- but the other proclaim Christ of faction, not sincerely, thinking to raise up affliction for me in my bonds.
- Bible in Basic English (BBE)
- But those are preaching Christ in a spirit of competition, not from their hearts, but with the purpose of giving me pain in my prison.
- Darby Translation (DBY)
- but those out of contention, announce the Christ, not purely, supposing to arouse tribulation for my bonds.
- Webster's Bible (WBS)
- But the other from love, knowing that I am set for the defense of the gospel.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and the other out of love, having known that for defence of the good news I am set:
Read in context
- 15कितने तो डाह और झगड़े के कारण मसीह का प्रचार करते हैं और कितने भली मनसा से।
- 16कई एक तो यह जान कर कि मैं सुसमाचार के लिये उत्तर देने को ठहराया गया हूं प्रेम से प्रचार करते हैं।
- 17और कई एक तो सीधाई से नहीं पर विरोध से मसीह की कथा सुनाते हैं, यह समझ कर कि मेरी कैद में मेरे लिये क्लेश उत्पन्न करें।
- 18सो क्या हुआ? केवल यह, कि हर प्रकार से चाहे बहाने से, चाहे सच्चाई से, मसीह की कथा सुनाई जाती है, और मैं इस से आनन्दित हूं, और आनन्दित रहूंगा भी।
- 19क्योंकि मैं जानता हूं, कि तुम्हारी बिनती के द्वारा, और यीशु मसीह की आत्मा के दान के द्वारा इस का प्रतिफल मेरा उद्धार होगा।
Cross references
- 2 Timothy 1:11–12 2 तीमुथियुस 1:11–12जिस के लिये मैं प्रचारक, और प्रेरित, और उपदेशक भी ठहरा। इस कारण मैं इन दुखों को भी उठाता हूं, पर लजाता नहीं, क्योंकि मैं उसे जिस की मैं ने प्रतीति की है, जानता हूं; और मुझे निश्चय है, कि वह मेरी थाती की उस दिन तक रखवाली कर सकता है।
- Philippians 2:3 फिलिप्पियों 2:3विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो।
- 2 Timothy 4:6–7 2 तीमुथियुस 4:6–7क्योंकि अब मैं अर्ध की नाई उंडेला जाता हूं, और मेरे कूच का समय आ पहुंचा है। मैं अच्छी कुश्ती लड़ चुका हूं मैं ने अपनी दौड़ पूरी कर ली है, मैं ने विश्वास की रखवाली की है।
- 1 Corinthians 9:16–17 1 कुरिन्थियों 9:16–17और यदि मैं सुसमाचार सुनाऊं, तो मेरा कुछ घमण्ड नहीं; क्योंकि यह तो मेरे लिये अवश्य है; और यदि मैं सुसमाचार न सुनाऊं, तो मुझ पर हाय। क्योंकि यदि अपनी इच्छा से यह करता हूं, तो मजदूरी मुझे मिलती है, और यदि अपनी इच्छा से नहीं करता, तौभी भण्डारीपन मुझे सौंपा गया है।
- Acts 26:24 प्रेरितों के काम 26:24जब वह इस रीति से उत्तर दे रहा था, तो फेस्तुस ने ऊंचे शब्द से कहा; हे पौलुस, तू पागल है: बहुत विद्या ने तुझे पागल कर दिया है।
- Galatians 2:7–8 गलातियों 2:7–8परन्तु इसके विपरीत जब उन्हों ने देखा, कि जैसा खतना किए हुए लोगों के लिये सुसमाचार का काम पतरस को सौंपा गया वैसा ही खतनारहितों के लिये मुझे सुसमाचार सुनाना सौंपा गया। (क्योंकि जिस ने पतरस से खतना किए हुओं में प्रेरिताई का कारर्य बड़े प्रभाव सहित करवाया, उसी ने मुझ से भी अन्यजातियों में प्रभावशाली कारर्य करवाया)
- Acts 26:1 प्रेरितों के काम 26:1अग्रिप्पा ने पौलुस से कहा; तुझे अपने विषय में बोलने की आज्ञा है: तब पौलुस हाथ बढ़ाकर उत्तर देने लगा, कि,
- Luke 21:14 लूका 21:14इसलिये अपने अपने मन में ठान रखो कि हम पहिले से उत्तर देने की चिन्ता न करेंगे।
- 1 Timothy 2:7 1 तीमुथियुस 2:7मैं सच कहता हूं, झूठ नहीं बोलता, कि मैं इसी उ:श्य से प्रचारक और प्रेरित और अन्यजातियों के लिये विश्वास और सत्य का उपदेशक ठहराया गया।।
- Romans 1:13–17 रोमियों 1:13–17और हे भाइयों, मैं नहीं चाहता, कि तुम इस से अनजान रहो, कि मैं ने बार बार तुम्हारे पास आना चाहा, कि जैसा मुझे और अन्यजातियों में फल मिला, वैसा ही तुम में भी मिले, परन्तु अब तक रूका रहा। मैं यूनानियों और अन्यभाषियों का और बुद्धिमानों और निर्बुद्धियों का कर्जदान हूं। सो मैं तुम्हें भी जो रोम में रहते हो, सुसमाचार सुनाने को भरसक तैयार हूं। क्योंकि मैं सुसमाचार से नहीं लजाता, इसलिये कि वह हर एक विश्वास करनेवाले के लिये, पहिले तो यहूदी, फिर यूनानी के लिये उद्धार के निमित्त परमेश्वर की सामर्थ है। क्योंकि उस में परमेश्वर की धार्मिकता विश्वास से और विश्वास के लिये प्रगट होती है; जैसा लिखा है, कि विश्वास से धर्मी जन जीवित रहेगा।।
- 2 Timothy 4:16 2 तीमुथियुस 4:16मेरे पहिले प्रत्युत्तर करने के समय में किसी ने भी मेरा साथ नहीं दिया, बरन सब ने मुझे छोड़ दिया था: भला हो, कि इस का उनको लेखा देना न पड़े।
- Acts 22:1 प्रेरितों के काम 22:1हे भाइयों, और पितरो, मेरा प्रत्युत्तर सुनो, जो मैं अब तुम्हारे साम्हने कहता हूं।।