Proverbs · chapter 11 · verse 30
Proverbs 11:30 in Hindi
धर्मी का प्रतिफल जीवन का वृक्ष होता है, और बुद्धिमान मनुष्य लोगों के मन को मोह लेता है।
Dharmee kaa pratiphal jeevan kaa vruksh hotaa hai, aur buddhimaan manushy logom ke man ko moh letaa hai.
Proverbs 11:30 in English
- King James Version (KJV)
- The fruit of the righteous [is] a tree of life; and he that winneth souls [is] wise.
- World English Bible (WEB)
- The fruit of the righteous is a tree of life. He who is wise wins souls.
- American Standard Version (ASV)
- The fruit of the righteous is a tree of life; And he that is wise winneth souls.
- Bible in Basic English (BBE)
- The fruit of righteousness is a tree of life, but violent behaviour takes away souls.
- Darby Translation (DBY)
- The fruit of the righteous is a tree of life; and the wise winneth souls.
- Webster's Bible (WBS)
- The fruit of the righteous [is] a tree of life; and he that winneth souls [is] wise.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The fruit of the righteous [is] a tree of life, And whoso is taking souls [is] wise.
Read in context
- 28जो अपने धन पर भरोसा रखता है वह गिर जाता है, परन्तु धर्मी लोग नये पत्ते की नाई लहलहाते हैं।
- 29जो अपने घराने को दु:ख देता, उसका भाग वायु ही होगा, और मूढ़ बुद्धिमान का दास हो जाता है।
- 30धर्मी का प्रतिफल जीवन का वृक्ष होता है, और बुद्धिमान मनुष्य लोगों के मन को मोह लेता है।
- 31देख, धर्मी को पृथ्वी पर फल मिलेगा, तो निश्चय है कि दुष्ट और पापी को भी मिलेगा।।
Cross references
- Daniel 12:3 दानिय्येल 12:3तब सिखानेवालों की चमक आकाशमण्डल की सी होगी, और जो बहुतों को धर्मी बनाते हैं, वे सर्वदा की नाईं प्रकाशमान रहेंगे।
- James 5:20 याकूब 5:20तो वह यह जान ले, कि जो कोई किसी भटके हुए पापी को फेर लाएगा, वह एक प्राण को मृत्यु से बचाएगा, और अनेक पापों पर परदा डालेगा॥
- 1 Corinthians 9:19–23 1 कुरिन्थियों 9:19–23क्योंकि सब से स्वतंत्रा होने पर भी मैं ने अपने आप को सब का दास बना दिया है; कि अधिक लोगों को खींच लाऊं। मैं यहूदियों के लिये यहूदी बना कि यहूदियों को खींच लाऊं, जो लोग व्यवस्था के आधीन हैं उन के लिये मैं व्यवस्था के आधीन न होने पर भी व्यवस्था के आधीन बना, कि उन्हें जो व्यवस्था के आधीन हैं, खींच लाऊं। व्यवस्थाहीनों के लिये मैं (जो परमेश्वर की व्यवस्था से हीन नहीं, परन्तु मसीह की व्यवस्था के आधीन हूं) व्यवस्थाहीन सा बना, कि व्यवस्थाहीनों को खींच लाऊं। मैं निर्बलों के लिये निर्बल सा बना, कि निर्बलों को खींच लाऊं, मैं सब मनुष्यों के लिये सब कुछ बना हूं, कि किसी न किसी रीति से कई एक का उद्धार कराऊं। और मैं सब कुछ सुसमाचार के लिये करता हूं, कि औरों के साथ उसका भागी हो जाऊं।
- Proverbs 3:18 नीतिवचन 3:18जो बुद्धि को ग्रहण कर लेते हैं, उनके लिये वह जीवन का वृक्ष बनती है; और जो उसको पकड़े रहते हैं, वह धन्य हैं।।
- 1 Thessalonians 2:19 1 थिस्सलुनीकियों 2:19भला हमारी आशा, या आनन्द या बड़ाई का मुकुट क्या है? क्या हमारे प्रभु यीशु के सम्मुख उसके आने के समय तुम ही न होगे?
- John 4:36 यूहन्ना 4:36और काटनेवाला मजदूरी पाता, और अनन्त जीवन के लिये फल बटोरता है; ताकि बोनेवाला और काटनेवाला दोनों मिलकर आनन्द करें।
- Luke 5:9–10 लूका 5:9–10क्योंकि इतनी मछलियों के पकड़े जाने से उसे और उसके साथियों को बहुत अचम्भा हुआ। और वैसे ही जब्दी के पुत्रा याकूब और यूहन्ना को भी, जो शमौन के सहभागी थे, अचम्भा हुआ: तब यीशु ने शमौन से कहा, मत डर: अब से तू मनुष्यों को जीवता पकड़ा करेगा।
- Matthew 4:19 मत्ती 4:19और उन से कहा, मेरे पीछे चले आओ, तो मैं तुम को मनुष्यों के पकड़नेवाले बनाऊंगा।
- Proverbs 15:4 नीतिवचन 15:4शान्ति देनेवाली बात जीवन- वृक्ष है, परन्तु उलट फेर की बात से आत्मा दु:खित होती है।