Proverbs · chapter 12 · verse 28
Proverbs 12:28 in Hindi
धर्म की बाट में जीवन मिलता है, और उसके पथ में मृत्यु का पता भी नहीं।।
Dharm kee baat mem jeevan milataa hai, aur usake path mem mrutyu kaa pataa bhee naheen..
Proverbs 12:28 in English
- King James Version (KJV)
- In the way of righteousness [is] life; and [in] the pathway [thereof there is] no death.
- World English Bible (WEB)
- In the way of righteousness is life; in its path there is no death.
- American Standard Version (ASV)
- In the way of righteousness is life; And in the pathway thereof there is no death.
- Bible in Basic English (BBE)
- In the road of righteousness is life, but the way of the evil-doer goes to death.
- Darby Translation (DBY)
- In the path of righteousness is life, and in the pathway thereof there is no death.
- Webster's Bible (WBS)
- In the way of righteousness [is] life; and [in] the path [of it there is] no death.
- Young's Literal Translation (YLT)
- In the path of righteousness [is] life, And in the way of [that] path [is] no death!
Read in context
- 26धर्मी अपने पड़ोसी की अगुवाई करता है, परन्तु दुष्ट लोग अपनी ही चाल के कारण भटक जाते हैं।
- 27आलसी अहेर का पीछा नहीं करता, परन्तु कामकाजी को अनमोल वस्तु मिलती है।
- 28धर्म की बाट में जीवन मिलता है, और उसके पथ में मृत्यु का पता भी नहीं।।
Cross references
- 3 John 1:11 3 यूहन्ना 1:11हे प्रिय, बुराई के नहीं, पर भलाई के अनुयायी हो, जो भलाई करता है, वह परमेश्वर की ओर से है; पर जो बुराई करता है, उस ने परमेश्वर को नहीं देखा।
- Romans 5:21 रोमियों 5:21कि जैसा पाप ने मृत्यु फैलाते हुए राज्य किया, वैसा ही हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा अनुग्रह भी अनन्त जीवन के लिये धर्मी ठहराते हुए राज्य करे।।
- Ezekiel 18:20–24 यहेजकेल 18:20–24जो प्राणी पाप करे वही मरेगा, न तो पुत्रा पिता के अधर्म का भार उठाएगा और न पिता पुत्रा का; धम को अपने ही धर्म का फल, और दुष्ट को अपनी ही दुष्टता का फल मिलेगा। परन्तु यदि दुष्ट जन अपने सब पापों से फिरकर, मेरी सब विधियों का पालन करे और न्याय और धर्म के काम करे, तो वह न मरेगा; वरन जीवित ही रहेगा। उस ने जितने अपराध किए हों, उन में से किसी का स्मरण उसके विरूद्ध न किया जाएगा; जो धर्म का काम उस ने किया हो, उसके कारण वह जीवित रहेगा। प्रभु यहोवा की यह वाणी है, क्या मैं दुष्ट के मरने से कुछ भी प्रसन्न होता हूँ? क्या मैं इस से प्रसन्न नहीं होता कि वह अपने मार्ग से फिरकर जीवित रहे? परन्तु जब धम अपने धर्म से फिरकर टेढ़े काम, वरन दुष्ट के सब घृणित कामों के अनुसार करने लगे, तो क्या वह जीवित रहेगा? जितने धर्म के काम उस ने किए हों, उन में से किसी का स्मरण न किया जाएगा। जो विश्वासघात और पाप उस ने किया हो, उसके कारण वह मर जाएगा।
- Proverbs 11:19 नीतिवचन 11:19जो धर्म में दृढ़ रहता, वह जीवन पाता है, परन्तु जो बुराई का पीछा करता, वह मृत्यु का कौर हो जाता है।
- Titus 2:11–12 तीतुस 2:11–12क्योंकि परमेश्वर का अनुग्रह प्रगट है, जो सब मनुष्यों के उद्धार का कारण है। और हमें चिताता है, कि हम अभक्ति और सांसारिक अभिलाषाओं से मन फेरकर इस युग में संयम और धर्म और भक्ति से जीवन बिताएं।
- Ezekiel 18:9 यहेजकेल 18:9और मेरी विधियों पर चलता और मेरे नियमों को मानता हुआ सच्चाई से काम किया हो, ऐसा मनुष्य धम है, वह निश्चय जीवित रहेगा, प्रभु यहोवा की यही वाणी है।
- Deuteronomy 30:15 व्यवस्थाविवरण 30:15सुन, आज मैं ने तुझ को जीवन और मरण, हानि और लाभ दिखाया है।
- 1 John 2:29 1 यूहन्ना 2:29यदि तुम जानते हो, कि वह धार्मिक है, तो यह भी जानते हो, कि जो कोई धर्म का काम करता है, वह उस से जन्मा है।
- 1 John 3:7 1 यूहन्ना 3:7हे बालको, किसी के भरमाने में न आना; जो धर्म के काम करता है, वही उस की नाईं धर्मी है।
- Proverbs 8:35 नीतिवचन 8:35क्योंकि जो मुझे पाता है, वह जीवन को पाता है, और यहोवा उस से प्रसन्न होता है।
- Proverbs 10:16 नीतिवचन 10:16धर्मी का परिश्रम जीवन के लिये होता है, परन्तु दुष्ट के लाभ से पाप होता है।
- Romans 6:22–23 रोमियों 6:22–23क्योंकि उन का अन्त तो मृत्यु है परन्तु अब पाप से स्वतंत्रा होकर और परमेश्वर के दास बनकर तुम को फल मिला जिस से पवित्राता प्राप्त होती है, और उसका अन्त अनन्त जीवन है। क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का बरदान हमारे प्रभु यीशु मसीह में अनन्त जीवन है।।