Proverbs · chapter 12 · verse 26
Proverbs 12:26 in Hindi
धर्मी अपने पड़ोसी की अगुवाई करता है, परन्तु दुष्ट लोग अपनी ही चाल के कारण भटक जाते हैं।
Dharmee apane padosee kee aguvaaee karataa hai, parantu dusht log apanee hee chaal ke kaaran bhatak jaate hain.
Proverbs 12:26 in English
- King James Version (KJV)
- The righteous [is] more excellent than his neighbour: but the way of the wicked seduceth them.
- World English Bible (WEB)
- A righteous person is cautious in friendship, but the way of the wicked leads them astray.
- American Standard Version (ASV)
- The righteous is a guide to his neighbor; But the way of the wicked causeth them to err.
- Bible in Basic English (BBE)
- The upright man is a guide to his neighbour, but the way of evil-doers is a cause of error to them.
- Darby Translation (DBY)
- The righteous guideth his neighbour; but the way of the wicked misleadeth them.
- Webster's Bible (WBS)
- The righteous [is] more excellent than his neighbor: but the way of the wicked seduceth them.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The righteous searcheth his companion, And the way of the wicked causeth them to err.
Read in context
- 24कामकाजी लोग प्रभुता करते हैं, परन्तु आलसी बगारी में पकड़े जाते हैं।
- 25उदास मन दब जाता है, परन्तु भली बात से वह आनन्दित होता है।
- 26धर्मी अपने पड़ोसी की अगुवाई करता है, परन्तु दुष्ट लोग अपनी ही चाल के कारण भटक जाते हैं।
- 27आलसी अहेर का पीछा नहीं करता, परन्तु कामकाजी को अनमोल वस्तु मिलती है।
- 28धर्म की बाट में जीवन मिलता है, और उसके पथ में मृत्यु का पता भी नहीं।।
Cross references
- 1 John 2:26 1 यूहन्ना 2:26मैं ने ये बातें तुम्हें उस के विषय में लिखी हैं, जो तुम्हें भरमाते हैं।
- James 1:13–14 याकूब 1:13–14जब किसी ही परीक्षा हो, तो वह यह न कहे, कि मेरी परीक्षा परमेश्वर की ओर से होती है; क्योंकि न तो बुरी बातों से परमेश्वर की परीक्षा हो सकती है, और न वही किसी की परीक्षा आप करता है। परन्तु प्रत्येक व्यक्ति अपनी ही अभिलाषा में खिंचकर, और फंसकर परीक्षा में पड़ता है।
- Proverbs 17:27 नीतिवचन 17:27जो संभलकर बोलता है, वही ज्ञानी ठहरता है; और जिसी आत्मा शान्त रहती है, सोई समझवाला पुरूष ठहरता है।
- Psalm 18:12–13 भजन संहिता 18:12–13उसकी उपस्थिति की झलक से उसकी काली घटाएं फट गई; ओले और अंगारे। तब यहोवा आकाश में गरजा, और परमप्रधान ने अपनी वाणी सुनाई, ओले ओर अंगारे।।
- Matthew 5:46–48 मत्ती 5:46–48क्योंकि यदि तुम अपने प्रेम रखनेवालों ही से प्रेम रखो, तो तुम्हारे लिये क्या लाभ होगा? क्या महसूल लेनेवाले भी ऐसा ही नहीं करते? और यदि तुम केवल अपने भाइयों की को नमस्कार करो, तो कौन सा बड़ा काम करते हो? क्या अन्यजाति भी ऐसा नहीं करते? इसलिये चाहिये कि तुम सिद्ध बनो, जैसा तुम्हारा स्वर्गीय पिता सिद्ध है।।
- 2 Peter 2:18–22 2 पतरस 2:18–22वे व्यर्थ घमण्ड की बातें कर करके लुचपन के कामों के द्वारा, उन लोगों को शारीरिक अभिलाषाओं मे फंसा लेते हैं, जो भटके हुओं में से अभी निकल ही रहे हैं। वे उन्हें स्वतंत्रा होने की प्रतिज्ञा तो देते हैं, पर आप ही सड़ाहट के दास हैं, क्योंकि जो व्यक्ति जिस से हार गया है, वह उसका दास बन जाता है। और जब वे प्रभु और उद्धारकर्ता यीशु मसीह की पहचान के द्वारा संसार की नाना प्रकार की अशुद्धता से बच निकले, और फिर उन में फंसकर हार गए, तो उन की पिछली दशा पहिली से भी बुरी हो गई है। क्योंकि धर्म के मार्ग में न जानना ही उन के लिये इस से भला होता, कि उसे जानकर, उस पवित्रा आज्ञा से फिर जाते, जो उन्हें सौंपी गई थी। उन पर यह कहावत ठीक बैठती है, कि कुत्ता अपनी छांट की ओर और धोई हुई सुअरनी कीचड़ में लोटने के लिये फिर चली जाती है।।
- Luke 6:32–36 लूका 6:32–36यदि तुम अपने प्रेम रखनेवालों के साथ प्रेम रखो, तो तुम्हारी क्या बड़ाई? क्योंकि पापी भी अपने प्रेम रखनेवालों के साथ प्रेम रखते हैं। और यदि तुम अपने भलाई करनेवालों ही के साथ भलाई करते हो, तो तुम्हारी क्या बड़ाई? क्योंकि पापी भी ऐसा ही करते हैं। और यदि तुम उसे उधार दो, जिन से फिर पाने की आशा रखते हो, तो तुम्हारी क्या बड़ाई? क्योंकि पापी पापियों को उधार देते हैं, कि उतना ही फिर पाएं। बरन अपने शत्रुओं से प्रेम रखो, और भलाई करो: और फिर पाने की आस न रखकर उधार दो; और तुम्हारे लिये बड़ा फल होगा; और तुम परमप्रधान के सन्तान ठहरोगे, क्योंकि वह उन पर जो धन्यवाद नहीं करते और बुरों पर भी कृपालु है। जैसा तुम्हारा पिता दयावन्त है, वैसे ही तुम भी दयावन्त बनो।
- Proverbs 12:13 नीतिवचन 12:13बुरा मनुष्य अपने दुर्वचनों के कारण फन्दे में फंसता है, परन्तु धर्मी संकट से निकास पाता है।
- 1 Peter 2:18–21 1 पतरस 2:18–21हे सेवकों, हर प्रकार के भय के साथ अपने स्वामियों के आधीन रहो, न केवल भलों और नम्रों के, पर कुटिलों के भी। क्योंकि यदि कोई परमेश्वर का विचार करके अन्याय से दुख उठाता हुआ क्लेश सहता है, तो यह सुहावना है। क्योंकि यदि तुम ने अपराध करके घूसे खाए और धीरज धरा, तो उस में क्या बड़ाई की बात है? पर यदि भला काम करके दुख उठाते हो और धीरज धरते हो, तो यह परमेश्वर को भाता है। और तुम इसी के लिये बुलाए भी गए हो क्योंकि मसीह भी तुम्हारे लिये दुख उठाकर, तुम्हें एक आदर्श दे गया है, कि तुम भी उसके चिन्ह पर चलो।
- Revelation 12:9 प्रकाशितवाक्य 12:9और वह बड़ा अजगर अर्थात् वही पुराना सांप, जो इब्लीस और शैतान कहलाता है, और सारे संसार का भरमानेवाला है, पृथ्वी पर गिरा दिया गया; और उसके दूत उसके साथ गिरा दिए गए।
- Revelation 13:14 प्रकाशितवाक्य 13:14और उन चिन्हों के कारण जिन्हें उस पशु के साम्हने दिखाने का अधिकार उसे दिया गया था; वह पृथ्वी के रहनेवालों को इस प्रकार भरमाता था, कि पृथ्वी के रहनेवालों से कहता था, कि जिस पशु के तलवार लगी थी, वह जी गया है, उस की मूरत बनाओ।