Proverbs · chapter 12 · verse 5
Proverbs 12:5 in Hindi
धर्मियों की कल्पनाएं न्याय ही की होती हैं, परन्तु दुष्टों की युक्तियां छल की हैं।
Dharmiyom kee kalpanaaem nyaay hee kee hotee haim, parantu dushtom kee yuktiyaam chhal kee hain.
Proverbs 12:5 in English
- King James Version (KJV)
- The thoughts of the righteous [are] right: [but] the counsels of the wicked [are] deceit.
- World English Bible (WEB)
- The thoughts of the righteous are just, but the advice of the wicked is deceitful.
- American Standard Version (ASV)
- The thoughts of the righteous are just; [But] the counsels of the wicked are deceit.
- Bible in Basic English (BBE)
- The purposes of upright men are right, but the designs of evil-doers are deceit.
- Darby Translation (DBY)
- The thoughts of the righteous are right; the counsels of the wicked are deceit.
- Webster's Bible (WBS)
- The thoughts of the righteous [are] right: [but] the counsels of the wicked [are] deceit.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The thoughts of the righteous [are] justice, The counsels of the wicked — deceit.
Read in context
- 3कोई मनुष्य दुष्टता के कारण स्थिर नहीं होता, परन्तु धर्मियों की जड़ उखड़ने की नहीं।
- 4भली स्त्री अपने पति का मुकुट है, परन्तु जो लज्जा के काम करती वह मानो उसकी हडि्डयों के सड़ने का कारण होती है।
- 5धर्मियों की कल्पनाएं न्याय ही की होती हैं, परन्तु दुष्टों की युक्तियां छल की हैं।
- 6दुष्टों की बातचीत हत्या करने के लिये घात लगाने के विषय में होती है, परन्तु सीधे लोग अपने मुंह की बात के द्वारा छुड़ानेवाले होते हैं।
- 7जब दुष्ट लोग उलटे जाते हैं तब वे रहते ही नहीं, परन्तु धर्मियों का घर स्थिर रहता है।
Cross references
- Psalm 139:23 भजन संहिता 139:23हे ईश्वर, मुझे जांचकर जान ले! मुझे परखकर मेरी चिन्ताओं को जान ले!
- Isaiah 55:7 यशायाह 55:7दुष्ट अपनी चालचलन और अनर्थकारी अपने सोच विचार छोड़कर यहोवा ही की ओर फिरे, वह उस पर दया करेगा, वह हमारे परमेश्वर की ओर फिरे और वह पूरी रीति से उसको क्षमा करेगा।
- Jeremiah 4:14 यिर्मयाह 4:14हे यरूशलेम, अपना हृदय बुराई से धो, कि, तुम्हारा उठ्ठार हो जाए। तुम कब तक व्यर्थ कल्पनाएं करते रहोगे?
- Psalm 119:15 भजन संहिता 119:15मैं तेरे उपदेशों पर ध्यान करूंगा, और तेरे मार्गों की ओर दृष्टि रखूंगा।
- Psalm 41:6–7 भजन संहिता 41:6–7और जब वह मुझ से मिलने को आता है, तब वह व्यर्थ बातें बकता है, जब कि उसका मन अपने अन्दर अधर्म की बातें संचय करता है; और बाहर जाकर उनकी चर्चा करता है। मेरे सब बैरी मिलकर मेरे विरूद्ध कानाफूसी करते हैं; मे मेरे विरूद्ध होकर मेरी हानि की कल्पना करते हैं।।
- Psalm 140:1–3 भजन संहिता 140:1–3हे यहोवा, मुझ को बुरे मनुष्य से बचा ले; उपद्रवी पुरूष से मेरी रक्षा कर, क्योंकि उन्हों ने मन में बुरी कल्पनाएं की हैं; वे लगातार लड़ाइयां मचाते हैं। उनका बोलना सांप का काटना सा है, उनके मुंह में नाग का सा विष रहता है।।
- Matthew 2:16 मत्ती 2:16जब हेरोदेस ने यह देखा, कि ज्योतिषियों ने मेरे साथ ठट्ठा किया है, तब वह क्रोध से भर गया; और लोगों को भेजकर ज्योतिषियों से ठीक ठीक पूछे हुए समय के अनुसार बैतलहम और उसके आस पास के सब लड़कों को जो दो वर्ष के, वा उस से छोटे थे, मरवा डाला।
- Proverbs 24:9 नीतिवचन 24:9मूर्खता का विचार भी पाप है, और ठट्ठा करनेवाले से मनुष्य घृणा करते हैं।।
- 1 Corinthians 4:5 1 कुरिन्थियों 4:5सो जब तक प्रभु न आए, समय से पहिले किसी बात का न्याय न करो: वही तो अन्धकार की छिपी बातें ज्योति में दिखाएगा, और मनों की मतियों को प्रगट करेगा, तब परमेश्वर की ओर से हर एक की प्रशंसा होगी।।
- Psalm 12:2–3 भजन संहिता 12:2–3उन में से प्रत्येक अपने पड़ोसी से झूठी बातें कहता है; वे चापलूसी के ओठों से दो रंगी बातें करते हैं।। प्रभु सब चापलूस ओठों को और उस जीभ को जिस से बड़ा बोल निकलता है काट डालेगा।
- Matthew 26:4 मत्ती 26:4और आपस में विचार करने लगे कि यीशु को छत से पकड़कर मार डालें।
- Proverbs 11:23 नीतिवचन 11:23धर्मियों की लालसा तो केवल भलाई की होती है; परन्तु दुष्टों की आशा का फल क्रोध ही होता है।