Proverbs · chapter 12 · verse 4
Proverbs 12:4 in Hindi
भली स्त्री अपने पति का मुकुट है, परन्तु जो लज्जा के काम करती वह मानो उसकी हडि्डयों के सड़ने का कारण होती है।
Bhalee stree apane pati kaa mukut hai, parantu jo lajjaa ke kaam karatee vah maano usakee hadi్dayom ke sadane kaa kaaran hotee hai.
Proverbs 12:4 in English
- King James Version (KJV)
- A virtuous woman [is] a crown to her husband: but she that maketh ashamed [is] as rottenness in his bones.
- World English Bible (WEB)
- A worthy woman is the crown of her husband, but a disgraceful wife is as rottenness in his bones.
- American Standard Version (ASV)
- A worthy woman is the crown of her husband; But she that maketh ashamed is as rottenness in his bones.
- Bible in Basic English (BBE)
- A woman of virtue is a crown to her husband; but she whose behaviour is a cause of shame is like a wasting disease in his bones.
- Darby Translation (DBY)
- A woman of worth is a crown to her husband; but she that maketh ashamed is as rottenness in his bones.
- Webster's Bible (WBS)
- A virtuous woman [is] a crown to her husband: but she that maketh ashamed [is] as rottenness in his bones.
- Young's Literal Translation (YLT)
- A virtuous woman [is] a crown to her husband, And as rottenness in his bones [is] one causing shame.
Read in context
- 2भले मनुष्य से तो यहोवा प्रसन्न होता है, परन्तु बुरी युक्ति करनेवाले को वह दोषी ठहराता है।
- 3कोई मनुष्य दुष्टता के कारण स्थिर नहीं होता, परन्तु धर्मियों की जड़ उखड़ने की नहीं।
- 4भली स्त्री अपने पति का मुकुट है, परन्तु जो लज्जा के काम करती वह मानो उसकी हडि्डयों के सड़ने का कारण होती है।
- 5धर्मियों की कल्पनाएं न्याय ही की होती हैं, परन्तु दुष्टों की युक्तियां छल की हैं।
- 6दुष्टों की बातचीत हत्या करने के लिये घात लगाने के विषय में होती है, परन्तु सीधे लोग अपने मुंह की बात के द्वारा छुड़ानेवाले होते हैं।
Cross references
- Proverbs 31:10–25 नीतिवचन 31:10–25भली पत्नी कौन पा सकता है? क्योंकि उसका मूल्य मूंगों से भी बहुत अधिक है। उसके पति के मन में उसके प्रति विश्वास है। और उसे लाभ की घटी नहीं होती। वह अपने जीवन के सारे दिनों में उस से बुरा नहीं, वरन भला ही व्यवहार करती है। वह ऊन और सन ढूंढ़ ढूंढ़कर, अपने हाथों से प्रसन्नता के साथ काम करती है। वह व्योपार के जहाजों की नाई अपनी भोजनवस्तुएं दूर से मंगवाती हैं। वह रात ही को उठ बैठती है, और अपने घराने को भोजन खिलाती है और अपनी लौण्डियों को अलग अलग काम देती है। वह किसी खेत के विषय में सोच विचार करती है और उसे मोल ले लेती है; और अपने परिश्रम के फल से दाख की बारी लगाती है। वह अपनी कटि को बल के फेंटे से कसती है, और अपनी बाहों को दृढ़ बनाती है। वह परख लेती है कि मेरा व्योपार लाभदायक है। रात को उसका दिया नहीं बुझता। वह अटेरन में हाथ लगाती है, और चरखा पकड़ती है। वह दीन के लिये मुट्ठी खोलती है, और दरिद्र के संभालने को हाथ बढ़ाती है। वह अपने घराने के लिये हिम से नहीं डरती, क्योंकि उसके घर के सब लोग लाल कपड़े पहिनते हैं। वह तकिये बना लेती है; उसके वस्त्रा सूक्ष्म सन और बैंजनी रंग के होते हैं। जब उसका पति सभा में देश के पुरनियों के संग बैठता है, तब उसका सन्मान होता है। वह सन के वस्त्रा बनाकर बेचती है; और व्योपारी को कमरबन्द देती है। वह बल और प्रताप का पहिरावा पहिने रहती है, और आनेवाले काल के विषय पर हंसती है।
- Proverbs 14:1 नीतिवचन 14:1हर बुद्धिमान स्त्री अपने घर को बनाती है, पर मूढ़ स्त्री उसको अपने ही हाथों से ढा देती है।
- Proverbs 14:30 नीतिवचन 14:30शान्त मन, तन का जीवन है, परन्तु मन के जलने से हडि्डयां भी जल जाती हैं।
- Proverbs 19:13–14 नीतिवचन 19:13–14मूर्ख पुत्रा पिता के लिये विपत्ति ठहरता है, और पत्नी के झगड़े- रगड़े सदा टपकने के समान है। घर और धन पुरखाओं के भाग में, परन्तु बुद्धिमती पत्नी यहोवा ही से मिलती है।
- Proverbs 21:19 नीतिवचन 21:19झगड़ालू और चिढ़नेवाली पत्नी के संग रहने से जंगल में रहना उत्तम है।
- Proverbs 21:9 नीतिवचन 21:9लम्बे- चौड़े घर में झगड़ालू पत्नी के संग रहने से छत के कोने पर रहना उत्तम है।
- 1 Corinthians 11:11 1 कुरिन्थियों 11:11तौभी प्रभु में न तो स्त्री बिना पुरूष और न पुरूष बिना स्त्री के है।
- Proverbs 27:15–16 नीतिवचन 27:15–16झड़ी के दिन पानी का लगातार टपकना, और झगडालू पत्नी दोनों एक से हैं; जो उसको रोक रखे, वह वायु को भी रोक रखेगा और दहिने हाथ से वह तेल पकड़ेगा।
- 1 Corinthians 11:7 1 कुरिन्थियों 11:7हां पुरूष को अपना सिर ढांकना उचित हनीं, क्योंकि वह परमेश्वर का स्वरूप और महिमा है; परन्तु स्त्री पुरूष की महिमा!
- Habakkuk 3:16 हबक्कूक 3:16यह सब सुनते ही मेरा कलेजा कांप उठा, मेरे ओंठ थरथराने लगे; मेरी हडि्डयां सड़ने लगीं, और मैं खड़े खड़े कांपने लगा। मैं शान्ति से उस दिन की बाट जोहता रहूंगा जब दल बांधकर प्रजा चढ़ाई करे।।