Proverbs · chapter 21 · verse 1
Proverbs 21:1 in Hindi
राजा का मन नालियों के जल की नाई यहोवा के हाथ में रहता है, जिधर वह चाहता उधर उसको फेर देता है।
Raajaa kaa man naaliyom ke jal kee naaee yahovaa ke haath mem rahataa hai, jidhar vah chaahataa udhar usako pher detaa hai.
Proverbs 21:1 in English
- King James Version (KJV)
- The king’s heart [is] in the hand of the LORD, [as] the rivers of water: he turneth it whithersoever he will.
- World English Bible (WEB)
- The king’s heart is in the LORD’s hand like the watercourses. He turns it wherever he desires.
- American Standard Version (ASV)
- The king’s heart is in the hand of Jehovah as the watercourses: He turneth it whithersoever he will.
- Bible in Basic English (BBE)
- The king's heart in the hands of the Lord is like the water streams, and by him it is turned in any direction at his pleasure.
- Darby Translation (DBY)
- The king's heart in the hand of Jehovah is [as] brooks of water: he turneth it whithersoever he will.
- Webster's Bible (WBS)
- The king's heart [is] in the hand of the LORD, [as] the rivers of water: he turneth it whithersoever he will.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Rivulets of waters [is] the heart of a king in the hand of Jehovah, Wherever He pleaseth He inclineth it.
Read in context
- 1राजा का मन नालियों के जल की नाई यहोवा के हाथ में रहता है, जिधर वह चाहता उधर उसको फेर देता है।
- 2मनुष्य का सारा चालचलन अपनी दृष्टि में तो ठीक होता है, परन्तु यहोवा मन को जांचता है,
- 3धर्म और न्याय करना, यहोवा को बलिदान से अधिक अच्छा लगता है।
Cross references
- Proverbs 16:9 नीतिवचन 16:9मनुष्य मन में अपने मार्ग पर विचार करता है, परन्तु यहोवा ही उसके पैरों को स्थिर करता है।
- Proverbs 20:24 नीतिवचन 20:24मनुष्य का मार्ग यहोवा की ओर से ठहराया जाता है; आदमी क्योंकर अपना चलना समझ सके?
- Ezra 6:22 एज्रा 6:22और अखमीरी रोटी का वर्व सात दिन तक आनन्द के साथ मनाते रहे; क्योंकि यहोवा ने उन्हें आनन्दित किया था, और अश्शूर के राजा का मन उनकी ओर ऐसा फेर दिया कि वह परमेश्वर अर्थात् इस्राएल के परमेश्वर के भवन के काम में उनकी सहायता करे।
- Acts 7:10 प्रेरितों के काम 7:10और उसे उसके सब क्लेशों से छुड़ाकर मिसर के राजा फिरौन के आगे अनुग्रह और बुद्धि दी, और उस ने उसे मिसर पर और अपने सारे घर पर हाकिम ठहराया।
- Proverbs 16:1 नीतिवचन 16:1मन की युक्ति मनुष्य के वश में रहती है, परन्तु मुंह से कहना यहोवा की ओर से होता है।
- Ezra 7:27–28 एज्रा 7:27–28धन्य है हमारे पितरों का परमेश्वर यहोवा, जिस ने ऐसी मनसा राजा के मन में उत्पन्न की है, कि यहोवा के यरूशलेम के भवन को संवारे, और मूझ पर राजा और उसके मंत्रियों और राजा के सब बड़े हाकिमों को दयालु किया। मेरे परमेश्वर यहोवा की कृपादृष्टि जो मुझ पर हुई, इसके अनुसार मॅं ने हियाव बान्धा, और इस्राएल में से मुख्य पुरूषों को इकट्ठा किया, कि वे मेरे संग चलें।
- Daniel 4:35 दानिय्येल 4:35पृथ्वी के सब रहनेवाले उसके साम्हने तुच्छ गिने जाते हैं, और वह स्वर्ग की सेना और पृथ्वी के रहनेवालों के बीच अपनी इच्छा के अनुसार काम करता है; और कोई उसको रोककर उस से नहीं कह सकता है, तू ने यह क्या किया है?
- Psalm 106:46 भजन संहिता 106:46औश्र जो उन्हें बन्धुए करके ले गए थे उन सब से उन पर दया कराई।।
- Isaiah 43:19 यशायाह 43:19देखो, मैं एक नई बात करता हूं; वह अभी प्रगट होगी, क्या तुम उस से अनजान रहोगे? मैं जंगल में एक मार्ग बनाऊंगा और निर्जल देश में नदियां बहाऊंगा।
- Nehemiah 2:4 नहेमायाह 2:4राजा ने मुझ से पूछा, फिर तू क्या मांगता है? तब मैं ने स्वर्ग के परमेश्वर से प्रार्थना करके, राजा से कहा;
- Nehemiah 1:11 नहेमायाह 1:11हे प्रभु बिनती यह है, कि तू अपने दास की प्रार्थना पर, और अपने उन दासों की प्रार्थना पर, जो तेरे नाम का भय मानना चाहते हैं, कान लगा, और आज अपने दास का काम सुफल कर, और उस पुरूष को उस पर दयालु कर। (मैं तो राजा का पियाऊ था।)
- Psalm 105:25 भजन संहिता 105:25उस ने मिस्त्रियों के मन को ऐसा फेर दिया, कि वे उसकी प्रजा से बैर रखने, और उसके दासों से छल करने लगे।।