Proverbs · chapter 16 · verse 27
Proverbs 16:27 in Hindi
अधर्मी मनुष्य बुराई की युक्ति निकालता है, और उसके वचनों से आग लगा जाती है।
Adharmee manushy buraaee kee yukti nikaalataa hai, aur usake vachanom se aag lagaa jaatee hai.
Proverbs 16:27 in English
- King James Version (KJV)
- An ungodly man diggeth up evil: and in his lips [there is] as a burning fire.
- World English Bible (WEB)
- A worthless man devises mischief. His speech is like a scorching fire.
- American Standard Version (ASV)
- A worthless man deviseth mischief; And in his lips there is as a scorching fire.
- Bible in Basic English (BBE)
- A good-for-nothing man is a designer of evil, and in his lips there is a burning fire.
- Darby Translation (DBY)
- A man of Belial diggeth up evil, and on his lips there is as a scorching fire.
- Webster's Bible (WBS)
- An ungodly man diggeth up evil: and in his lips [there is] as a burning fire.
- Young's Literal Translation (YLT)
- A worthless man is preparing evil, And on his lips — as a burning fire.
Read in context
- 25ऐसा भी मार्ग है, जो मनुष्य को सीधा देख पड़ता है, परन्तु उसके अन्त में मृत्यु ही मिलती है।
- 26परिश्रमी की लालसा उसके लिये परिश्रम करती है, उसकी भूख तो उसको उभारती रहती है।
- 27अधर्मी मनुष्य बुराई की युक्ति निकालता है, और उसके वचनों से आग लगा जाती है।
- 28टेढ़ा मनुष्य बहुत झगड़े को उठाता है, और कानाफूसी करनेवाला परम मित्रों में भी फूट करा देता है।
- 29उपद्रवी मनुष्य अपने पड़ोसी को फुसलाकर कुमार्ग पर चलाता है।
Cross references
- James 3:6 याकूब 3:6जीभ भी एक आग है: भी हमारे अंगों में अधर्म का एक लोक है और सारी देह पर कलंक लगाती है, और भवचक्र में आग लगा देती है और नरक कुण्ड की आग से जलती रहती है।
- Proverbs 6:14 नीतिवचन 6:14उसके मन में उलट फेर की बातें रहतीं, वह लगातार बुराई गढ़ता है और झगड़ा रगड़ा उत्पन्न करता है।
- Proverbs 6:12 नीतिवचन 6:12ओछे और अनर्थकारी को देखो, वह टेढ़ी टेढ़ी बातें बकता फिरता है,
- Psalm 17:14–15 भजन संहिता 17:14–15अपना हाथ बढ़ाकर हे यहोवा, मुझे मनुष्यों से बचा, अर्थात् संसारी मनुष्यों से जिनका भाग इसी जीवन में है, और जिनका पेट तू अपने भण्डार से भरता है। वे बालबच्चों से सन्तुष्ट हैं; और शेष सम्पति अपने बच्चों के लिये छोड़ जाते हैं।। परन्तु मैं तो धर्मी होकर तेरे मुख का दर्शन करूंगा जब मैं जानूंगा तब तेरे स्वरूप से सन्तुष्ट हूंगा।।
- Psalm 57:4 भजन संहिता 57:4मेरा प्राण सिंहों के बीच में है, मुझे जलते हुओं के बीच में लेटना पड़ता है, अर्थात् ऐसे मनुष्यों के बीच में जिन के दांत बर्छी और तीर हैं, और जिनकी जीभ तेज तलवार है।।
- 1 Samuel 25:17 1 शमूएल 25:17इसलिये अब सोच विचार कर कि क्या करना चाहिए; क्योंकि उन्हों ने हमारे स्वामी की ओर उसके समस्त घराने की हानि ठानी होगी, वह तो ऐसा दुष्ट है कि उस से कोई बोल भी नहीं सकता।
- Isaiah 5:18 यशायाह 5:18हाय उन पर जो अधर्म को अनर्थ की रस्सियों से और पाप को मानो गाड़ी के रस्से से खींच ले आते हैं,
- Psalm 52:2–4 भजन संहिता 52:2–4तेरी जीभ केवल दुष्टता गढ़ती है; सारे धरे हुए अस्तुरे की नाईं वह छल का काम करती है। तू भलाई से बढ़कर बुराई में और अधर्म की बात से बढ़कर झूठ से प्रीति रखता है। हे छली जीभ तू सब विनाश करनेवाली बातों से प्रसन्न रहती है।।
- Proverbs 2:4 नीतिवचन 2:4ओर उसको चान्दी की नाईं ढूंढ़े, और गुप्त धन के समान उसी खोज में लगा रहे;
- 2 Samuel 20:1 2 शमूएल 20:1वहां संयोग से शेबा नाम एक बिन्यामीनी था, वह ओछा पुरूष बिक्री का पुत्रा था; वह नरसिंगा फूंककर कहने लगा, दाऊद में हमारा कुछ अंश नहीं, और न यिशै के पुत्रा में हमारा कोई भाग है; हे इस्राएलियो, अपने अपने डेरे को चले जाओ!
- Habakkuk 2:13 हबक्कूक 2:13देखो, क्या सेनाओं के यहोवा की ओर से यह नहीं होता कि देश देश के लोग परिश्रम तो करते हैं परन्तु वे आग का कौर होते हैं; और राज्य- राज्य के लोगों का परिश्रम व्यर्थ ही ठहरता है?