Proverbs · chapter 17 · verse 19
Proverbs 17:19 in Hindi
जो झगड़े- रगड़े में प्रीति रखता, वह अपराण करने में भी प्रीति रखता है, और जो अपने फाटक को बड़ा करता, वह अपने विनाश के लिये यत्न करता है।
Jo jhagade- ragade mem preeti rakhataa, vah aparaan karane mem bhee preeti rakhataa hai, aur jo apane phaatak ko badaa karataa, vah apane vinaash ke liye yatn karataa hai.
Proverbs 17:19 in English
- King James Version (KJV)
- He loveth transgression that loveth strife: [and] he that exalteth his gate seeketh destruction.
- World English Bible (WEB)
- He who loves disobedience loves strife. One who builds a high gate seeks destruction.
- American Standard Version (ASV)
- He loveth transgression that loveth strife: He that raiseth high his gate seeketh destruction.
- Bible in Basic English (BBE)
- The lover of fighting is a lover of sin: he who makes high his doorway is looking for destruction.
- Darby Translation (DBY)
- He loveth transgression that loveth a quarrel; he that maketh high his gate seeketh destruction.
- Webster's Bible (WBS)
- He loveth transgression that loveth strife: [and] he that exalteth his gate seeketh destruction.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Whoso is loving transgression is loving debate, Whoso is making high his entrance is seeking destruction.
Read in context
- 17मित्रा सब समयों में प्रेम रखता है, और विपत्ति के दिन भाई बन जाता है।
- 18निर्बुद्धि मनुष्य हाथ पर हाथ मारता है, और अपने पड़ोसी के सामने उत्तरदायी होता है।
- 19जो झगड़े- रगड़े में प्रीति रखता, वह अपराण करने में भी प्रीति रखता है, और जो अपने फाटक को बड़ा करता, वह अपने विनाश के लिये यत्न करता है।
- 20जो मन का टेढ़ा है, उसका कल्याण नहीं होता, और उलट- फेर की बात करनेवाला विपत्ति में पड़ता है।
- 21जो मूर्ख को जन्माता है वह उस से दु:ख ही पाता है; और मूढ़ के पिता को आनन्द नहीं होता।
Cross references
- Proverbs 16:18 नीतिवचन 16:18विनाश से पहिले गर्व, और ठोकर खाने से पहिले घमण्ड होता है।
- Proverbs 18:12 नीतिवचन 18:12नाश होने से पहिले मनुष्य के मन में घमण्ड, और महिमा पाने से पहिले नम्रता होती है।
- 1 Samuel 25:36–38 1 शमूएल 25:36–38तब अबीगैल नाबाल के पास लौट गई; और क्या देखती है, कि वह घर में राजा की सी जेवनार कर रहा है। और नाबाल का मन मगन है, और वह नशे में अति चूर हो गया है; इसलियेउस ने भोर के उजियालेहाने से पहिले उस से कुछ भी न कहा। बिहान को जब नाबाल का नशा उतर गया, तब उसकी पत्नी ने उसे कुल हाल सुना दिया, तब उसके मन का हियाव जाता रहा, और वह पत्थर सा सुन्न हो गया। और दस दिन के पश्चात् यहोवा ने नाबाल को ऐसा मारा, कि वह मर गया।
- James 3:14–16 याकूब 3:14–16पर यदि तुम अपने अपने मन में कड़वी डाह और विरोध रखते हो, तो सत्य के विरोध में घमण्ड न करना, और न तो झूठ बोलना। यह ज्ञान वह नहीं, जो ऊपर से उतरता है बरन सांसारिक, और शारीरिक, और शैतानी है। इसलिये कि जहां डाह और विरोध होता है, वहां बखेड़ा और हर प्रकार का दुष्कर्म भी होता है।
- 1 Kings 1:5 1 राजा 1:5तब हग्गीत का पुत्रा अदोनिरयाह सिर ऊंचा करके कहने लगा कि मैं राजा हूंगा; सो उस ने रथ और सवार और अपने आगे आगे दौड़ने को पचास पुरूष रख लिए।
- Proverbs 17:14 नीतिवचन 17:14झगड़े का आरम्भ बान्ध के छेद के समान है, झगड़ा बढ़ने से पहिले उसको छोड़ देता उचित है।
- Proverbs 29:9 नीतिवचन 29:9जब बुद्धिमान मूढ़ के साथ वादविवाद करता है, तब वह मूढ़ क्रोधित होता और ठट्ठा करता है, और वहां शान्ति नहीं रहती।
- 2 Samuel 15:1 2 शमूएल 15:1इसके बाद अबशालोम ने रथ और घोड़े, और अपते आगे आगे दौड़नेवाले पचास मनुष्य रख लिए।
- Proverbs 29:22–23 नीतिवचन 29:22–23क्रोध करनेवाला मनुष्य झगड़ा मचाता है और अत्यन्त क्रोध करनेवाला अपराधी होता है। मनुष्य गर्व के कारण नीचा खाता है, परन्तु नम्र आत्मावाला महिमा का अधिकारी होता है।
- James 1:20 याकूब 1:20क्योंकि मनुष्य का क्रोध परमेश्वर के धर्म का निर्वाह नहीं कर सकता है।
- Proverbs 24:27 नीतिवचन 24:27अपना बाहर का कामकाज ठीक करना, और खेत में उसे तैयार कर लेना; उसके बाद अपना घर बनाना।।
- 2 Corinthians 12:20 2 कुरिन्थियों 12:20क्योंकि मुझे डर है, कहीं ऐसा न हो, कि मैं आकर जैसे चाहता हूं, वैसे तुम्हें न पाऊं; और मुझे भी जैसा तुम नहीं चाहते वैसा ही पाओ, कि तुम में झगड़ा, डाह, क्रोध, विराध, ईर्ष्या, चुगली, अभिमान और बखेड़े हों।