Proverbs · chapter 19 · verse 28
Proverbs 19:28 in Hindi
अधम साक्षी न्याय को ठट्ठों में उड़ाता है, और दुष्ट लोग अनर्थ काम निगल लेते हैं।
Adham saakshee nyaay ko thatthom mem udaataa hai, aur dusht log anarth kaam nigal lete hain.
Proverbs 19:28 in English
- King James Version (KJV)
- An ungodly witness scorneth judgment: and the mouth of the wicked devoureth iniquity.
- World English Bible (WEB)
- A corrupt witness mocks justice, and the mouth of the wicked gulps down iniquity.
- American Standard Version (ASV)
- A worthless witness mocketh at justice; And the mouth of the wicked swalloweth iniquity.
- Bible in Basic English (BBE)
- A good-for-nothing witness makes sport of the judge's decision: and the mouth of evil-doers sends out evil like a stream.
- Darby Translation (DBY)
- A witness of Belial scorneth judgment, and the mouth of the wicked swalloweth down iniquity.
- Webster's Bible (WBS)
- An ungodly witness scorneth judgment: and the mouth of the wicked devoureth iniquity.
- Young's Literal Translation (YLT)
- A worthless witness scorneth judgment, And the mouth of the wicked swalloweth iniquity.
Read in context
- 26जो पुत्रा अपने बाप को उजाड़ता, और अपनी मां को भगा देता है, वह अपमान और लज्जा का कारण होगा।
- 27हे मेरे पुत्रा, यदि तू भटकना चाहता है, तो शिक्षा का सुनना छोड़ दे।
- 28अधम साक्षी न्याय को ठट्ठों में उड़ाता है, और दुष्ट लोग अनर्थ काम निगल लेते हैं।
- 29ठट्ठा करनेवालों के लिये दण्ड ठहराया जाता है, और मूर्खों की पीठ के लिये कोड़े हैं।
Cross references
- Job 15:16 अय्यूब 15:16फिर मनुष्य अधिक घिनौना और मलीन है जो कुटिलता को पानी की नाई पीता है।
- Job 34:7 अय्यूब 34:7अरयूब के तुल्य कौन शूरवीर है, जो ईश्वर की निन्दा पानी की नाई पीता है,
- Acts 6:11–13 प्रेरितों के काम 6:11–13इस पर उन्हो ने कई लोगों को उभारा जो कहने लगे, कि हम ने इस मूसा और परमेश्वर के विरोध में निन्दा की बातें कहते सुना है। और लोगों और प्राचीनों और शास्त्रियों को भड़काकर चढ़ आए और उसे पकड़कर महासभा में ले आए। और झूठे गवाह खड़े किए, जिन्हों ने कहा कि यह मनुष्य इस पवित्रा स्थान और व्यवस्था के विरोध में बोलना नहीं छोड़ता।
- Luke 18:2–4 लूका 18:2–4कि किसी नगर में एक न्यायी रहता था; जो न परमेश्वर से डरता थ और न किसी मनुष्य की परवाह करता था। और उसी नगर में एक विधवा भी रहती थी: जो उसके पास आ आकर कहा करती थी, कि मेरा न्याय चुकाकर मुझे मु ई से बचा। उस ने कितने समय तक तो न माना परन्तु अन्त में मन में विचारकर कहा, यद्यपि मैं न परमेश्वर से डरता, और न मनुष्यों की कुछ परवाह करता हूं।
- Job 20:12–13 अय्यूब 20:12–13चाहे बुराई उसको मीठी लगे, और वह उसे अपनी जीभ के नीचे छिपा रखे, और वह उसे बचा रखे और न छोड़े, वरन उसे अपने तालू के बीच दबा रखे,
- 1 Kings 21:13 1 राजा 21:13तब दो नीच जन आकर उसके सम्मुख बैठ गए; और उन नीच जनों ने लोगों लोगों के साम्हने नाबोत के विम्ठ्ठ यह साक्षी दी, कि नाबोत ने परमेश्वर और राजा दोनों की निन्दा की। इस पर उन्हों ने उसे नगर से बाहर ले जाकर उसको पत्थरवाह किया, और वह मर गया।
- Proverbs 15:14 नीतिवचन 15:14समझनेवाले का मन ज्ञान की खोज में रहता है, परन्तु मूर्ख लोग मूढ़ता से पेट भरते हैं।
- Hosea 4:8 होशे 4:8वे मेरी प्रजा के पापबलियों को खाते हैं, और प्रजा के पापी होने की लालसा करते हैं।
- Psalm 10:11 भजन संहिता 10:11वह झुक जाता है और वह दबक कर बैठता है; और लाचार लोग उसके महाबली हाथों से पटके जाते हैं।
- 1 Kings 21:10 1 राजा 21:10तब दो नीच जनों को उसके साम्हने बैठाना जो साक्षी देकर उस से कहें, तू ने परमेश्वर और राजा दोनों की निन्दा की। नब नुम लोग उसे बाहर ले जाकर उसको पत्थरवाह करना, कि वह मर जाए।
- Psalm 10:5 भजन संहिता 10:5वह अपने मार्ग पर दृढ़ता से बना रहता है; तेरे न्याय के विचार ऐसे ऊंचे पर होते हैं, कि उसकी दृष्टि वहां तक नहीं पहुंचती; जितने उसके विरोधी हैं उन पर वह फुंकारता है।
- Isaiah 28:14–18 यशायाह 28:14–18इस कारण हे ठट्ठा करनेवालो, यरूशलेमवासी प्रजा के हाकिमों, यहोवा का वचन सुनो! तुम ने कहा है कि हम ने मृत्यु से वाचा बान्धी और अधोलोक से प्रतिज्ञा कराई है; इस कारण विपत्ति जब बाढ़ की नाई बढ़ आए तब हमारे पास न आएगी; क्योंकि हम ने झूठ की शरण ली और मिथ्या की आड़ में छिपे हुए हैं। इसलिये प्रभु यहोवा यों कहता है, देखो, मैं ने सिरयोन में नेव का पत्थर रखा है, एक परखा हुआ पत्थर, कोने का अनमोल और अति दृढ़ नेव के योग्य पत्थर: और जो कोई विश्वास रखे वह उतावली न करेगा। और मैं न्याय की डोरी और धर्म को साहुल ठहराऊंगा; और तुम्हारा झूठ का शरणस्थान ओलों से बह जाएगा, और तुम्हारे छिपने का स्थान जल से डूब जाएगा। तब जो वाचा तुम ने मृत्यु से बान्धी है वह टूट जाएगी, और जो प्रतिज्ञा तुम ने अधोलोक से कराई वह न ठहरेगी; जब विपत्ति बाढ़ की नाई बढ़ आए, तब तुम उस में डूब ही जाओगे।