Proverbs · chapter 19 · verse 8
Proverbs 19:8 in Hindi
जो बुद्धि प्राप्त करता, वह अपने प्राण को प्रेमी ठहरता है; और जो समझ को धरे रहता है उसका कल्याण होता है।
Jo buddhi praapt karataa, vah apane praan ko premee thaharataa hai; aur jo samajh ko dhare rahataa hai usakaa kalyaan hotaa hai.
Proverbs 19:8 in English
- King James Version (KJV)
- He that getteth wisdom loveth his own soul: he that keepeth understanding shall find good.
- World English Bible (WEB)
- He who gets wisdom loves his own soul. He who keeps understanding shall find good.
- American Standard Version (ASV)
- He that getteth wisdom loveth his own soul: He that keepeth understanding shall find good.
- Bible in Basic English (BBE)
- He who gets wisdom has love for his soul: he who keeps good sense will get what is truly good.
- Darby Translation (DBY)
- He that getteth sense loveth his own soul; he that keepeth understanding shall find good.
- Webster's Bible (WBS)
- He that getteth wisdom loveth his own soul: he that keepeth understanding shall find good.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Whoso is getting heart is loving his soul, He is keeping understanding to find good.
Read in context
- 6उदार मनुष्य को बहुत से लोग मना लेते हैं, और दानी पुरूष का मित्रा सब कोई बनता है।
- 7जब निर्धन के सब भाई उस से बैर रखते हैं, तो निश्चय है कि उसके मित्रा उस से दूर हो जाएं। वह बातें करते हुए उनका पीछा करता है, परन्तु उनको नहीं पाता।
- 8जो बुद्धि प्राप्त करता, वह अपने प्राण को प्रेमी ठहरता है; और जो समझ को धरे रहता है उसका कल्याण होता है।
- 9झूठा साक्षी निर्दोष नहीं ठहरता, और जो झूठ बोला करता है, वह नाश होता है।
- 10जब सुख में रहना मूर्ख को नहीं फबता, तो हाकिमों पर दास का प्रभुता करना कैसे फबे!
Cross references
- Proverbs 16:20 नीतिवचन 16:20जो वचन पर मन लगाता, वह कल्याण पाता है, और जो यहोवा पर भरोसा रखता, वह धन्य होता है।
- Proverbs 8:35–36 नीतिवचन 8:35–36क्योंकि जो मुझे पाता है, वह जीवन को पाता है, और यहोवा उस से प्रसन्न होता है। परन्तु जो मेरा अपराध करता है, वह अपने ही पर उपद्रव करता है; जितने मुझ से बैर रखते वे मृत्यु से प्रीति रखते हैं।।
- Proverbs 4:6 नीतिवचन 4:6बुद्धि को न छोड़, वह तेरी रक्षा करेगी; उस से प्रीति रख, वह तेरा पहरा देगी।
- Proverbs 3:18 नीतिवचन 3:18जो बुद्धि को ग्रहण कर लेते हैं, उनके लिये वह जीवन का वृक्ष बनती है; और जो उसको पकड़े रहते हैं, वह धन्य हैं।।
- 1 Peter 3:10 1 पतरस 3:10क्योंकि जो कोई जीवन की इच्छा रखता है, और अच्छे दिन देखना चाहता है, वह अपनी जीभ को बुराई से, और अपने होंठों को छल की बातें करने से रोके रहे।
- John 14:21 यूहन्ना 14:21जिस के पास मेरी आज्ञा है, और वह उन्हें मानता है, वही मुझ से प्रेम रखता है, और जो मुझ से प्रेम रखता है, उस से मेरा पिता प्रेम रखेगा, और मैं उस से प्रेम रखूंगा, और अपने आप को उस पर प्रगट करूंगा।
- Proverbs 2:1–9 नीतिवचन 2:1–9हे मेरे पुत्रा, यदि तू मेरे वचन ग्रहण करे, और मेरी आज्ञाओं को अपने हृदय में रख छोड़े, और बुद्धि की बात ध्यान से सुने, और समझ की बात मन लगाकर सोचे; और प्रवीणता और समझ के लिये अति यत्न से पुकारे, ओर उसको चान्दी की नाईं ढूंढ़े, और गुप्त धन के समान उसी खोज में लगा रहे; तो तू यहोवा के भय को समझेगा, और परमेश्वर का ज्ञान तुझे प्राप्त होगा। क्योंकि बुद्धि यहोवा ही देता है; ज्ञान और समझ की बातें उसी के मुंह से निकलती हैं। वह सीधे लोगों के लिये खरी बुद्धि रख छोड़ता है; जो खराई से चलते हैं, उनके लिये वह ढाल ठहरता है। वह न्याय के पथों की देख भाल करता, और अपने भक्तों के मार्ग की रक्षा करता है। तब तू धर्म और न्याय, और सीधाई को, निदान सब भली- भली चाल समझ सकेगा;
- Psalm 19:11 भजन संहिता 19:11और उन्हीं से तेरा दास चिताया जाता है; उनके पालन करने से बड़ा ही प्रतिफल मिलता है।
- Proverbs 4:21 नीतिवचन 4:21इनको अपनी आंखों की ओट न होने दे; वरन अपने मन में धारण कर।
- Ezekiel 36:26 यहेजकेल 36:26मैं तुम को नया मन दूंगा, और तुम्हारे भीतर नई आत्मा उत्पन्न करूंगा; और तुम्हारी देह में से पत्थर का हृदय निकालकर तुम को मांस का हृदय दूंगा।
- Proverbs 4:4 नीतिवचन 4:4और मेरा पिता मुझे यह कहकर सिखाता था, कि तेरा मन मेरे वचन पर लगा रहे; तू मेरी आज्ञाओं का पालन कर, तब जीवित रहेगा।
- Proverbs 17:16 नीतिवचन 17:16बुद्धि मोल लेने के लिये मूर्ख अपने हाथ में दाम क्यों लिए हैं? वह उसे चाहता ही नहीं।