Proverbs · chapter 24 · verse 15
Proverbs 24:15 in Hindi
हे दुष्ट, तू धर्मी के निवास को नाश करने के लिये घात को न बैठ; ओर उसके विश्रामस्थान केा मत उजाड़;
He dusht, too dharmee ke nivaas ko naash karane ke liye ghaat ko na baith; or usake vishraamasthaan keా mat ujaad;
Proverbs 24:15 in English
- King James Version (KJV)
- Lay not wait, O wicked [man], against the dwelling of the righteous; spoil not his resting place:
- World English Bible (WEB)
- Don’t lay in wait, wicked man, against the habitation of the righteous. Don’t destroy his resting place;
- American Standard Version (ASV)
- Lay not wait, O wicked man, against the habitation of the righteous; Destroy not his resting-place:
- Bible in Basic English (BBE)
- Do not keep a secret watch, O evil-doer, against the fields of the upright man, or send destruction on his resting-place:
- Darby Translation (DBY)
- Lay not wait, O wicked [man], against the dwelling of the righteous; lay not waste his resting-place.
- Webster's Bible (WBS)
- Lay not wait, O wicked [man] , against the dwelling of the righteous; destroy not his resting-place:
- Young's Literal Translation (YLT)
- Lay not wait, O wicked one, At the habitation of the righteous. Do not spoil his resting-place.
Read in context
- 13हे मेरे पुत्रा तू मधु खा, क्योंकि वह अच्छा है, और मधु का छत्ता भी, क्योंकि वह तेरे मुंह में मीठा लगेगा।
- 14इसी रीति बुद्धि भी तुझे वैसी ही मीठी लगेगी; यदि तू उसे पा जाए तो अन्त में उसका फल भी मिलेगा, और तेरी आशा न टूटेगी।।
- 15हे दुष्ट, तू धर्मी के निवास को नाश करने के लिये घात को न बैठ; ओर उसके विश्रामस्थान केा मत उजाड़;
- 16क्योंकि धर्मी चाहे सात बार गिरे तौभी उठ खड़ा होता है; परन्तु दुष्ट लोग विपत्ति में गिरकर पड़े ही रहते हैं।
- 17जब तेरा शत्रु गिर जाए तब तू आनन्दित न हो, और जब वह ठोकर खाए, तब तेरा मन मगन न हो।
Cross references
- Acts 9:24 प्रेरितों के काम 9:24परन्तु उन की युक्ति शाऊल को मालूम को गई: वे तो उसके मार डालने के लिये रात दिन फाटकों पर लगे रहे थे।
- Jeremiah 11:19 यिर्मयाह 11:19मैं तो वध होनेवाले भेड़ के बच्चे के समान अनजान था। मैं न जानता था कि वे लोग मेरी हानि की युक्तियां यह कहकर करते हैं, आओ, हम फल समेत इस वृक्ष को उखाड़ दें, और जीवितों के बीच में से काट डालें, तब इसका नाम तक फिर स्मरण न रहे।
- 1 Samuel 23:20–23 1 शमूएल 23:20–23इसलिये अब, हे राजा, तेरी जो इच्छा आने की है, तो आ; और उसको राजा के हाथ में पकड़वा देना हमारा काम होगा। शाऊल ने कहा, यहोवा की आशीष तुम पर हो, क्योंकि तुम ने मुझ पर दया की है। तुम चलकर और भी निश्चय कर लो; और देख भालकर जान लो, और उसके अड्डे का पता लगा लो, और बूझो कि उसको वहां किसने देखा है; क्योंकि किसी ने मुझ से कहा है, कि वह बड़ी चतुराई से काम करता है। इसलिये जहां कहीं वह छिपा करता है उन सब स्थानों को देख देखकर पहिचानो, तब निश्चय करके मेरे पास लौट आना। और मैं तुम्हारे साथ चलूंगा, और यदि वह उस देश में कहीं भी हो, तो मैं उसे यहूदा के हजारों में से ढूंढ़ निकालूंगा।
- Matthew 26:4 मत्ती 26:4और आपस में विचार करने लगे कि यीशु को छत से पकड़कर मार डालें।
- Isaiah 32:18 यशायाह 32:18मेरे लोग शान्ति के स्थानों में निश्चिन्त रहेंगे, और विश्राम के स्थानों में सुख से रहेंगे।
- Psalm 140:5 भजन संहिता 140:5घमण्डियों ने मेरे लिये फन्दा और पासे लगाए, और पथ के किनारे जाल बिछाया है; उन्हों ने मेरे लिये फन्दे लगा रखे हैं।।
- 1 Samuel 22:18–19 1 शमूएल 22:18–19तब राजा ने दोएग से कहा, तू मुड़कर याजकों को मार डाल। तब एदोमी दोएग ने मुड़कर याजकों को मारा, और उस दिन सनीवाला एपोद पहिने हुए पचासी पुरूषों को घात किया। और याजकों के नगर नोब को उस ने स्त्रियों- पुरूषों, और बालबच्चों, और दूधपिउवों, और बैलों, गदहों, और भेड़- बकरियों समेत तलवार से मारा।
- 1 Samuel 9:11 1 शमूएल 9:11उस नगर की चढ़ाई पर चढ़ते समय उन्हें कई एक लड़कियां मिलीं जो पानी भरने को निकली थीं; उन्हों ने उन से पूछा, क्या दर्शी यहां है?
- Psalm 56:6 भजन संहिता 56:6वे सब मिलकर इकट्ठे होते हैं और छिपकर बैठते हैं; वे मेरे कदमों को देखते भालते हैं मानों वे मेरे प्राणों की घात में ताक लगाए बैठें हों।
- Acts 25:3 प्रेरितों के काम 25:3और उसे से बिनती करके उसके विरोध में यह बर चाहा, कि वह उसे यरूशलेम में बुलवाए, क्योंकि वे उसे रास्ते ही में मार डालने की घात लगाए हुए थे।
- Psalm 59:3 भजन संहिता 59:3क्योंकि देख, वे मेरी घात में लगे हैं; हे यहोवा, मेरा कोई दोष वा पाप नहीं है, तौभी बलवन्त लोग मेरे विरूद्ध इकट्ठे होते हैं।
- Psalm 37:32 भजन संहिता 37:32दुष्ट धर्मी की ताक में रहता है। और उसके मार डालने का यत्न करता है।