Proverbs · chapter 27 · verse 7
Proverbs 27:7 in Hindi
सन्तुष्ट होने पर मधु का छत्ता भी फीका लगता है, परन्तु भूखे को सब कड़वी वस्तुएं भी मीठी जान पड़ती हैं।
Santusht hone par madhu kaa chhattaa bhee pheekaa lagataa hai, parantu bhookhe ko sab kadavee vastuem bhee meethee jaan padatee hain.
Proverbs 27:7 in English
- King James Version (KJV)
- The full soul loatheth an honeycomb; but to the hungry soul every bitter thing is sweet.
- World English Bible (WEB)
- A full soul loathes a honeycomb; but to a hungry soul, every bitter thing is sweet.
- American Standard Version (ASV)
- The full soul loatheth a honeycomb; But to the hungry soul every bitter thing is sweet.
- Bible in Basic English (BBE)
- The full man has no use for honey, but to the man in need of food every bitter thing is sweet.
- Darby Translation (DBY)
- The full soul trampleth on a honeycomb; but to the hungry soul every bitter thing is sweet.
- Webster's Bible (WBS)
- The full soul lotheth a honey-comb; but to the hungry soul every bitter thing is sweet.
- Young's Literal Translation (YLT)
- A satiated soul treadeth down a honeycomb, And [to] a hungry soul every bitter thing [is] sweet.
Read in context
- 5खुली हुई डांट गुप्त प्रेम से उत्तम है।
- 6जो घाव मित्रा के हाथ से लगें वह विश्वासयोग्य है परन्तु बैरी अधिक चुम्बन करता है।
- 7सन्तुष्ट होने पर मधु का छत्ता भी फीका लगता है, परन्तु भूखे को सब कड़वी वस्तुएं भी मीठी जान पड़ती हैं।
- 8स्थान छोड़कर घूमनेवाला मनुष्य उस चिड़िया के समान है, जो घोंसला छोड़कर उड़ती फिरती है।
- 9जैसे तेल और सुगन्ध से, वैसे ही मित्रा के हृदय की मनोहर सम्मति से मन आनन्दित होता है।
Cross references
- Luke 15:16–17 लूका 15:16–17और वह चाहता था, कि उन फलियों से जिन्हें सूअर खाते थे अपना पेट भरे; और उसे कोई कुछ नहीं देता था। जब वह अपने आपे में आया, तब कहने लगा, कि मेरे पिता के कितने ही मजदूरों को भोजन से अधिक रोटी मिलती है, और मैं यहां भूखा मर रहा हूं।
- Numbers 11:18–20 गिनती 11:18–20और लोगों से कह, कल के लिये अपने को पवित्रा करो, तब तुम्हें मांस खाने को मिलेगा; क्योंकि तुम यहोवा के सुनते हुए यह कह कहकर रोए हो, कि हमें मांस खाने को कौन देगा? हम मि ही में भले थे। सो यहोवा तुम को मांस खाने को देगा, और तुम खाना। फिर तुम एक दिन, वा दो, वा पांच, वा दस, वा बीस दिन ही नहीं, परन्तु महीने भर उसे खाते रहोगे, जब तक वह तुम्हारे नथनों से निकलने न लगे और तुम को उस से घृणा न हो जाए, कयोंकि तुम लोगों ने यहोवा को जो तुम्हारे मध्य में है तुच्छ जाना है, और उसके साम्हने यह कहकर रोए हो, कि हम मि से क्यों निकल आए?
- Numbers 21:5 गिनती 21:5सो वे परमेश्वर के विरूद्ध बात करने लगे, और मूसा से कहा, तुम लोग हम को मि से जंगल में मरने के लिये क्यों ले आए हो? यहां न तो रोटी है, और न पानी, और हमारे प्राण इस निकम्मी रोटी से दुखित हैं।
- Numbers 11:4–9 गिनती 11:4–9फिर जो मिली- जुली भीड़ उनके साथ थी वह कामुकता करने लगी; और इस्त्राएली भी फिर रोने और कहने लगे, कि हमें मांस खाने को कौन देगा। हमें वे मछलियां स्मरण हैं जो हम मि में सेंतमेंत खाया करते थे, और वे खीरे, और खरबूजे, और गन्दने, और प्याज, और लहसुन भी; परन्तु अब हमारा जी घबरा गया है, यहां पर इस मन्ना को छोड़ और कुछ भी देख नहीं पड़ता। मन्ना तो धनिये के समान था, और उसका रंग रूप मोती का सा था। लोग इधर उधर जाकर उसे बटोरते, और चक्की में पीसते वा ओखली में कूटते थे, फिर तसले में पकाते, और उसके फुलके बनाते थे; और उसका स्वाद तेल में बने हुए पुए का सा था। और रात को छावनी में ओस पड़ती थी तब उसके साथ मन्ना भी गिरता था।
- John 6:9 यूहन्ना 6:9यहां एक लड़का है जिस के पास जव की पांच रोटी और दो मछलियां हैं परन्तु इतने लोगों के लिये वे क्या हैं।
- Job 6:7 अय्यूब 6:7जिन वस्तुओं को मैं छूना भी नहीं चाहता वही मानो मेरे लिये घिनौना आहार ठहरी हैं।