Proverbs · chapter 4 · verse 5
Proverbs 4:5 in Hindi
बुद्धि को प्राप्त कर, समझ को भी प्राप्त कर; उनको भूल न जाना, न मेरी बातों को छोड़ना।
Buddhi ko praapt kar, samajh ko bhee praapt kar; unako bhool na jaanaa, na meree baatom ko chhodanaa.
Proverbs 4:5 in English
- King James Version (KJV)
- Get wisdom, get understanding: forget [it] not; neither decline from the words of my mouth.
- World English Bible (WEB)
- Get wisdom. Get understanding. Don’t forget, and don’t deviate from the words of my mouth.
- American Standard Version (ASV)
- Get wisdom, get understanding; Forget not, neither decline from the words of my mouth;
- Bible in Basic English (BBE)
- Get wisdom, get true knowledge; keep it in memory, do not be turned away from the words of my mouth.
- Darby Translation (DBY)
- Get wisdom, get intelligence: forget [it] not; neither decline from the words of my mouth.
- Webster's Bible (WBS)
- Get wisdom, get understanding: forget [it] not; neither decline from the words of my mouth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Get wisdom, get understanding, Do not forget, nor turn away From the sayings of my mouth.
Read in context
- 3देखो, मैं भी अपने पिता का पुत्रा था, और माता का अकेला दुलारा था,
- 4और मेरा पिता मुझे यह कहकर सिखाता था, कि तेरा मन मेरे वचन पर लगा रहे; तू मेरी आज्ञाओं का पालन कर, तब जीवित रहेगा।
- 5बुद्धि को प्राप्त कर, समझ को भी प्राप्त कर; उनको भूल न जाना, न मेरी बातों को छोड़ना।
- 6बुद्धि को न छोड़, वह तेरी रक्षा करेगी; उस से प्रीति रख, वह तेरा पहरा देगी।
- 7बुद्धि श्रेष्ठ है इसलिये उसकी प्राप्ति के लिये यत्न कर; जो कुछ तू प्राप्त करे उसे प्राप्त तो कर परन्तु समझ की प्राप्ति का यत्न घटने न पाए।
Cross references
- James 1:5 याकूब 1:5पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से मांगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उस को दी जाएगी।
- Proverbs 3:13–18 नीतिवचन 3:13–18क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो बुद्धि पाए, और वह मनुष्य जो समझ प्राप्त करे, क्योंकि बुद्धि की प्राप्ति चान्दी की प्राप्ति से बड़ी, और उसका लाभ चोखे सोने के लाभ से भी उत्तम है। वह मूंगे से अधिक अनमोल है, और जितनी वस्तुओं की तू लालसा करता है, उन में से कोई भी उसके तुल्य न ठहरेगी। उसके दहिने हाथ में दीर्घायु, और उसके बाएं हाथ में धन और महिमा है। उसके मार्ग मनभाऊ हैं, और उसके सब मार्ग कुशल के हैं। जो बुद्धि को ग्रहण कर लेते हैं, उनके लिये वह जीवन का वृक्ष बनती है; और जो उसको पकड़े रहते हैं, वह धन्य हैं।।
- 2 Chronicles 34:2 2 इतिहास 34:2उस ने वह किया जो यहोवा की दृष्टि में ठीक है, और जिन माग पर उसका मूलपुरूष दाऊद चलता रहा, उन्हीं पर वह भी चला करता था और उस से न तो दाहिनी ओर मूड़ा, और न बाईं ओर।
- Proverbs 1:22–23 नीतिवचन 1:22–23हे भोले लोगो, तुम कब तक भोलेपन से प्रीति रखोगे? और हे ठट्ठा करनेवालो, तुम कब तक ठट्ठा करने से प्रसन्न रहोगे? और हे मूर्खों, तुम कब तक ज्ञान से बैर रखोगे? तुम मेरी डांट सुनकर मन फिराओ; सुनो, मैं अपनी आत्मा तुम्हारे लिये उण्डेल दूंगी; मैं तुम को अपने वचन बताऊंगी।
- Psalm 44:18 भजन संहिता 44:18हमारे मन न बहके, न हमारे पैर तरी बाट से मुड़े;
- Proverbs 8:5 नीतिवचन 8:5हे भोलो, चतुराई सीखो; और हे मूर्खों, अपने मन में समझ लों
- Proverbs 17:16 नीतिवचन 17:16बुद्धि मोल लेने के लिये मूर्ख अपने हाथ में दाम क्यों लिए हैं? वह उसे चाहता ही नहीं।
- Job 23:11 अय्यूब 23:11मेरे पैर उसके माग में स्थिर रहे; और मैं उसी का मार्ग बिना मुड़े थामे रहा।
- Proverbs 19:8 नीतिवचन 19:8जो बुद्धि प्राप्त करता, वह अपने प्राण को प्रेमी ठहरता है; और जो समझ को धरे रहता है उसका कल्याण होता है।
- Proverbs 16:16 नीतिवचन 16:16बुद्धि की प्राप्ति चोखे सोने से क्या ही उत्तम है! और समझ की प्राप्ति चान्दी से अति योग्य है।
- Psalm 119:157 भजन संहिता 119:157मेरा पीछा करनेवाले और मेरे सतानेवाले बहुत हैं, परन्तु मैं तेरी चितौनियों से नहीं हटता।
- Proverbs 18:1 नीतिवचन 18:1जो औरों से अलग हो जाता है, वह अपनी ही इच्छा पूरी करने के लिये ऐसा करता है,