Psalms · chapter 105 · verse 23
Psalm 105:23 in Hindi
फिर इस्राएल मि में आया; और याकूब हाम के देश में परेदशी रहा।
Phir israael mi mem aayaa; aur yaakoob haam ke desh mem paredashee rahaa.
Psalm 105:23 in English
- King James Version (KJV)
- Israel also came into Egypt; and Jacob sojourned in the land of Ham.
- World English Bible (WEB)
- Israel also came into Egypt. Jacob lived in the land of Ham.
- American Standard Version (ASV)
- Israel also came into Egypt; And Jacob sojourned in the land of Ham.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then Israel came into Egypt, and Jacob was living in the land of Ham.
- Darby Translation (DBY)
- And Israel came into Egypt, and Jacob sojourned in the land of Ham.
- Webster's Bible (WBS)
- Israel also came into Egypt; and Jacob sojourned in the land of Ham.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Israel cometh in to Egypt, And Jacob hath sojourned in the land of Ham.
Read in context
- 21उस ने उसको अपने भवन का प्रधान और अपनी पूरी सम्पत्ति का अधिकारी ठहराया,
- 22कि वह उसके हाकिमों को अपनी इच्छा के अनुसार कैद करे और पुरनियों को ज्ञान सिखाए।।
- 23फिर इस्राएल मि में आया; और याकूब हाम के देश में परेदशी रहा।
- 24तब उस ने अपनी प्रजा को गिनती में बहुत बढ़ाया, और उसके द्रोहियो से अधिक बलवन्त किया।
- 25उस ने मिस्त्रियों के मन को ऐसा फेर दिया, कि वे उसकी प्रजा से बैर रखने, और उसके दासों से छल करने लगे।।
Cross references
- Acts 7:11–15 प्रेरितों के काम 7:11–15तब मिसर और कनान के सारे देश में अकाल पडा; जिस से भारी क्लेश हुआ, और हमारे बाप दादों को अन्न नहीं मिलता था। परन्तु याकूब ने यह सुनकर, कि मिसर में अनाज है, हमारे बाप दादों को पहिली बार भेजा। और दूसरी बार यूसुफ अपने भाइयों पर प्रगट को गया, और यूसुफ की जाति फिरौन को मालूम हो गई। तब यूसुफ ने अपने पिता याकूब और अपने सारे कुटुम्ब को, जो पछत्तर व्यक्ति थे, बुला भेजा। तब याकूब मिसर में गया; और वहां वह और हमारे बाप दादे मर गए।
- Acts 13:17 प्रेरितों के काम 13:17इन इस्त्राएली लोगों के परमेश्वर ने हमारे बापदादों को चुन लिया, और जब ये मिसर देश में परदेशी होकर रहते थे, तो उन की उन्नति की; और बलवन्त भुजा से निकाल लाया।
- Psalm 78:51 भजन संहिता 78:51उस ने मिस्त्रा के सब पहिलौठों को मारा, जो हाम के डेरों में पौरूष के पहिले फल थे;
- Psalm 106:22 भजन संहिता 106:22उस ने तो हाम के देश में आश्चर्यकर्म और लाल समुद्र के तीर पर भयंकर काम किए थे।
- Genesis 46:2–7 उत्पत्ति 46:2–7तब परमेश्वर ने इस्राएल से रात को दर्शन में कहा, हे याकूब हे याकूब। उस ने कहा, क्या आज्ञा। उस ने कहा, मैं ईश्वर तेरे पिता का परमेश्वर हूं, तू मि में जाने से मत डर; क्योंकि मैं तुझ से वहां एक बड़ी जाति बनाऊंगा। मैं तेरे संग संग मि को चलता हूं; और मैं तुझे वहां से फिर निश्चय ले आऊंगा; और यूसुफ अपना हाथ तेरी आंखों पर लगाएगा। तब याकूब बेर्शेबा से चला: और इस्राएल के पुत्रा अपने पिता याकूब, और अपने बाल- बच्चों, और स्त्रियों को उन गाड़ियों पर, जो फिरौन ने उनके ले आने को भेजी थी, चढ़ाकर चल पड़े। और वे अपनी भेड़- बकरी, गाय- बैल, और कनान देश में अपने इकट्ठा किए हुए सारे धन को लेकर मि में आए। और याकूब अपने बेटे- बेटियों, पोते- पोतियों, निदान अपने वंश भर को अपने संग मि में ले आया।।
- Genesis 45:9–11 उत्पत्ति 45:9–11सो शीघ्र मेरे पिता के पास जाकर कहो, तेरा पुत्रा यूसुफ इस प्रकार कहता है, कि परमेश्वर ने मुझे सारे मि का स्वामी ठहराया है; इसलिये तू मेरे पास बिना विलम्ब किए चला आ। और तेरा निवास गोशेन देश में होगा, और तू, बेटे, पोतों, भेड़- बकरियों, गाय- बैलों, और अपने सब कुछ समेत मेरे निकट रहेगा। और अकाल के जो पांच वर्ष और होंगे, उन में मै वहीं तेरा पालन पोषण करूंगा; ऐसा न हो कि तू, और तेरा घराना, वरन जितने तेरे हैं, सो भूखों मरें।
- Genesis 47:6–9 उत्पत्ति 47:6–9और मि देश तेरे साम्हने पड़ा है; इस देश का जो सब से अच्छा भाग हो, उस में अपने पिता और भाइयों को बसा दे; अर्थात् वे गोशेन ही देश में रहें: और यदि तू जानता हो, कि उन में से परिश्रमी पुरूष हैं, तो उन्हें मेरे पशुओं के अधिकारी ठहरा दे। तब यूसुफ ने अपने पिता याकूब को ले आकर फिरौन के सम्मुख खड़ा किया: और याकूब ने फिरौन को आशीर्वाद दिया। तब फिरौन ने याकूब से पूछा, तेरी अवस्था कितने दिन की हुई है? याकूब ने फिरौन से कहा, मैं तो एक सौ तीस वर्ष परदेशी होकर अपना जीवन बीता चुका हूं; मेरे जीवन के दिन थोड़े और दु:ख से भरे हुए भी थे, और मेरे बापदादे परदेशी होकर जितने दिन तक जीवित रहे उतने दिन का मैं अभी नहीं हुआ।
- Genesis 10:6 उत्पत्ति 10:6फिर हाम के पुत्रा: कूश, और मि, और फूत और कनान हुए।
- Psalm 105:27 भजन संहिता 105:27उन्हों ने उनके बीच उसकी ओर से भांति भांति के चिन्ह, और हाम के देश में चमत्कार दिखाए।
- Joshua 24:4 यहोशू 24:4फिर मैं ने इसहाक को याकूब और एसाव दिया। और एसाव को मैं ने सेईर नाम पहाड़ी देश दिया कि वह उसका अधिकारी हो, परन्तु याकूब बेटों- पोतों समेत मि को गया।
- Genesis 47:28 उत्पत्ति 47:28मि देश में याकूब सतरह वर्ष जीवित रहा: इस प्रकार याकूब की सारी आयु एक सौ सैंतालीस वर्ष की हुई।