Psalms · chapter 107 · verse 27
Psalm 107:27 in Hindi
वे चक्कर खाते, और मतवाले की नाई लड़खड़ाते हैं, और उनकी सारी बुद्धि मारी जाती है।
Ve chakkar khaate, aur matavaale kee naaee ladakhadaate haim, aur unakee saaree buddhi maaree jaatee hai.
Psalm 107:27 in English
- King James Version (KJV)
- They reel to and fro, and stagger like a drunken man, and are at their wits’ end.
- World English Bible (WEB)
- They reel back and forth, and stagger like a drunken man, and are at their wits’ end.
- American Standard Version (ASV)
- They reel to and fro, and stagger like a drunken man, And are at their wits’ end.
- Bible in Basic English (BBE)
- They are turned here and there, rolling like a man who is full of wine; and all their wisdom comes to nothing.
- Darby Translation (DBY)
- They reel to and fro, and stagger like a drunken man, and they are at their wits' end:
- Webster's Bible (WBS)
- They reel to and fro, and stagger like a drunken man, and are at their wit's end.
- Young's Literal Translation (YLT)
- They reel to and fro, and move as a drunkard, And all their wisdom is swallowed up.
Read in context
- 25क्योंकि वह आज्ञा देता है, वह प्रचण्ड बयार उठकर तरंगों को उठाती है।
- 26वे आकाश तक चढ़ जाते, फिर गहराई में उतर आते हैं; और क्लेश के मारे उनके जी में जी नहीं रहता;
- 27वे चक्कर खाते, और मतवाले की नाई लड़खड़ाते हैं, और उनकी सारी बुद्धि मारी जाती है।
- 28तब वे संकट में यहोवा की दोहाई देते हैं, और वह उनको सकेती से निकालता है।
- 29वह आंधी को थाम देता है और तरंगें बैठ जाती हैं।
Cross references
- Job 12:25 अय्यूब 12:25वे बिन उजियाले के अन्धेरे में टटोलते फिरते हैं; और वह उन्हें ऐसा बना देता है कि वे मतवाले की नाई डगमगाते हुए चलते हैं।
- Isaiah 19:14 यशायाह 19:14यहोवा ने उस में भ्रमता उत्पन्न की है; उन्हों ने मि को उसके सारे कामों में वमन करते हुए मतवाले की नाई डगमगा दिया है।
- Isaiah 19:3 यशायाह 19:3और मिस्त्रियों की बुद्धि मारी जाएगी और मैं उनकी युक्तियों को व्यर्थ कर दूंगा; और वे अपनी मूरतों के पास और ओझेां और फुसफुसानेवाले टोन्हों के पास जा जाकर उन से पूछेंगे;
- Isaiah 29:9 यशायाह 29:9ठहर जाओ और चकित होओ! वे मतवाले तो हैं, परन्तु दाखमधु से नहीं, वे डगमगाते तो हैं, परन्तु मदिरा पीने से नहीं!
- Job 37:20 अय्यूब 37:20क्या उसको बनाया जाए कि मैं बोलना चाहता हूँ? क्या कोई अपना सत्यानाश चाहता है?
- Isaiah 24:20 यशायाह 24:20और मचान की नाई डोलेगी; वह अपने पाप के बोझ से दबकर गिरेगी और फिर न उठेगी।।
- Acts 27:15–20 प्रेरितों के काम 27:15–20जब यह जहाज पर लगी, तब वह हवा के साम्हने ठहर न सका, सो हम ने उसे बहने दिया, और इसी तरह बहते हुए चले गए। तब कौदा नाम एक छोटे से टापू की आड़ में बहते बहते हम कठिनता से डोंगी को वश मे कर सके। मल्लाहों ने उसे उठाकर, अनेक उपाय करके जहाज को नीचे से बान्धा, और सुरतिस के चोरबालू पर टिक जाने के भय से पाल और सामान उतार कर, बहते हुए चले गए। और जब हम ने आंधी से बहुत हिचकोले और धक्के खाए, तो दूसरे दिन वे जहाज का माल फेंकने लगे। और तीसरे दिन उन्हों ने अपने हाथों से जहाज का सामान फेंक दिया। और तीसरे दिन उन्हों ने अपने हाथों से जहाज का सामान फेंक दिया। और जब बहुत दिों तक न सूर्य न तारे दिखाई दिए, और बड़ी आंधी चल रही थी, तो अन्त में हमारे बचने की सारी आशा जाती रही।