Psalms · chapter 140 · verse 3
Psalm 140:3 in Hindi
उनका बोलना सांप का काटना सा है, उनके मुंह में नाग का सा विष रहता है।।
Unakaa bolanaa saamp kaa kaatanaa saa hai, unake munh mem naag kaa saa vish rahataa hai..
Psalm 140:3 in English
- King James Version (KJV)
- They have sharpened their tongues like a serpent; adders’ poison [is] under their lips. Selah.
- World English Bible (WEB)
- They have sharpened their tongues like a serpent. Viper’s poison is under their lips. Selah.
- American Standard Version (ASV)
- They have sharpened their tongue like a serpent; Adders’ poison is under their lips. [Selah
- Bible in Basic English (BBE)
- Their tongues are sharp like the tongue of a snake; the poison of snakes is under their lips. (Selah.)
- Darby Translation (DBY)
- They sharpen their tongues like a serpent; adders' poison is under their lips. Selah.
- Webster's Bible (WBS)
- They have sharpened their tongues like a serpent; adder's poison [is] under their lips. Selah.
- Young's Literal Translation (YLT)
- They sharpened their tongue as a serpent, Poison of an adder [is] under their lips. Selah.
Read in context
- 1हे यहोवा, मुझ को बुरे मनुष्य से बचा ले; उपद्रवी पुरूष से मेरी रक्षा कर,
- 2क्योंकि उन्हों ने मन में बुरी कल्पनाएं की हैं; वे लगातार लड़ाइयां मचाते हैं।
- 3उनका बोलना सांप का काटना सा है, उनके मुंह में नाग का सा विष रहता है।।
- 4हे यहोवा, मुझे दुष्ट के हाथों से बचा ले; उपद्रवी पुरूष से मेरी रक्षा कर, क्योंकि उन्हों ने मेरे पैरों के उखाड़ने की युक्ति की है।
- 5घमण्डियों ने मेरे लिये फन्दा और पासे लगाए, और पथ के किनारे जाल बिछाया है; उन्हों ने मेरे लिये फन्दे लगा रखे हैं।।
Cross references
- Psalm 58:4 भजन संहिता 58:4उन में सर्प का सा विष है; वे उस नाम के समान हें, जो सुनना नहीं चाहता;
- 2 Corinthians 11:3 2 कुरिन्थियों 11:3परन्तु मैं डरता हूं कि जैसे सांप ने अपनी चतुराई से हव्वा को बहकाया, वैसे ही तुम्हारे मन उस सीधाई और पवित्राता से जो मसीह के साथ होनी चाहिए कहीं भ्रष्ट न किए जाएं।
- Romans 3:13–14 रोमियों 3:13–14उन का गला खुली हुई कब्र है: उन्हीं ने अपनी जीभों से छल किया है: उन के होठों में सापों का विष है। और उन का मुंह श्राप और कड़वाहट से भरा है।
- Proverbs 23:32 नीतिवचन 23:32क्योंकि अन्त में वह सर्प की नाई डसता है, और करैत के समान काटता है।
- Jeremiah 9:5 यिर्मयाह 9:5वे एक दूसरे को ठगेंगे और सच नहीं बोलेंगे; उन्हों ने झूठ ही बोलना सीखा है; और कुटिलता ही में परिश्रम करते हैं।
- James 3:6–8 याकूब 3:6–8जीभ भी एक आग है: भी हमारे अंगों में अधर्म का एक लोक है और सारी देह पर कलंक लगाती है, और भवचक्र में आग लगा देती है और नरक कुण्ड की आग से जलती रहती है। क्योंकि हर प्रकार के बन- पशु, पक्षी, और रेंगनेवाले जन्तु और जलचर तो मनुष्य जाति के वश में हो सकते हैं और हो भी गए हैं। पर जीभ को मनुष्यों में से कोई वश में नहीं कर सकता; वह एक ऐसी बला है जो कभी रूकती ही नहीं; वह प्राण नाशक विष से भरी हुई है।
- Psalm 57:4 भजन संहिता 57:4मेरा प्राण सिंहों के बीच में है, मुझे जलते हुओं के बीच में लेटना पड़ता है, अर्थात् ऐसे मनुष्यों के बीच में जिन के दांत बर्छी और तीर हैं, और जिनकी जीभ तेज तलवार है।।
- Jeremiah 9:3 यिर्मयाह 9:3अपनी अपनी जीभ को वे धनुष की नाई झूठ होलने के लिये तैयार करते हैं, और देश में बलवन्त तो हो गए, परन्तु सच्चाई के लिये नहीं; वे बुराई पर बुराई बढ़ाते जाते हैं, और वे मुझ को जानते ही नहीं, यहोवा की यही वाणी है।
- Isaiah 59:3–5 यशायाह 59:3–5क्योंकि तुम्हारे हाथ हत्या से और तुम्हारी अंगुलियां अधर्म के कर्मों से अपवित्रा हो गईं हैं; तुम्हारे मुंह से तो झूठ और तुम्हारी जीभ से कुटिल बातें निकलती हैं। कोई धर्म के साथ नालिश नहीं करता, न कोई सच्चाई से मुक मा लड़ता है; वे मिथ्या पर भरोसा रखते हैं और झूठ बातें बकते हैं, उसको मानो उत्पात का गर्भ रहता, और वे अनर्थ को जन्म देते हैं। वे सांपिन के अण्डे सेते और मकड़ी के जाले बनाते हैं; जो कोई उनके अण्डे खाता वह मर जाता है, और जब कोई एक को फोड़ता तब उस में से सपोला निकलता है।
- Matthew 12:34 मत्ती 12:34हे सांप के बच्चों, तुम बुरे होकर क्योंकर अच्छी बातें कह सकते हो? क्योंकि जो मन में भरा है, वही मुंह पर आता है।
- Isaiah 59:13 यशायाह 59:13हम ने यहोवा का अपराध किया है, हम उस से मुकर गए और अपने परमेश्वर के पीछे चलना छोड़ दिया, हम अन्धेर करने लगे और उलट फेर की बातें कहीं, हम ने झूठी बातें मन में गढ़ीं और कही भी हैं।
- Proverbs 12:18 नीतिवचन 12:18ऐसे लोग हैं जिनका बिना सोचविचार का बोलना तलवार की नाई चुभता है, परन्तु बुद्धिमान के बोलने से लोग चंगे होते हैं।