Psalms · chapter 150 · verse 1
Psalm 150:1 in Hindi
याह की स्तुति करो! ईश्वर के पवित्रास्थान में उसकी स्तुति करो; उसकी सामर्थ्य से भरे हुए आकाशमण्डल में उसी की स्तुति करो!
Yaah kee stuti karo! Eeshvar ke pavitraasthaan mem usakee stuti karo; usakee saamarthy se bhare hue aakaashamandal mem usee kee stuti karo!
Psalm 150:1 in English
- King James Version (KJV)
- Praise ye the LORD. Praise God in his sanctuary: praise him in the firmament of his power.
- World English Bible (WEB)
- Praise the LORD! Praise God in his sanctuary! Praise him in his heavens for his acts of power!
- American Standard Version (ASV)
- Praise ye Jehovah. Praise God in his sanctuary: Praise him in the firmament of his power.
- Bible in Basic English (BBE)
- Let the Lord be praised. Give praise to God in his holy place: give him praise in the heaven of his power.
- Darby Translation (DBY)
- Hallelujah! Praise God in his sanctuary; praise him in the firmament of his power.
- Webster's Bible (WBS)
- Praise ye the LORD. Praise God in his sanctuary: praise him in the firmament of his power.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Praise ye Jah! Praise ye God in His holy place, Praise Him in the expanse of His strength.
Read in context
- 1याह की स्तुति करो! ईश्वर के पवित्रास्थान में उसकी स्तुति करो; उसकी सामर्थ्य से भरे हुए आकाशमण्डल में उसी की स्तुति करो!
- 2उसके पराक्रम के कामों के कारण उसकी स्तुति करो; उसकी अत्यन्त बड़ाई के अनुसार उसकी स्तुति करो!
- 3नरसिंगा फूंकते हुए उसकी स्तुति करो; सारंगी और वीणा बजाते हुए उसकी स्तुति करो!
Cross references
- Psalm 149:1 भजन संहिता 149:1याह की स्तुति करो! यहोवा के लिये नया गीत गाओ, भक्तों की सभा में उसकी स्तुति गाओ!
- Psalm 134:2 भजन संहिता 134:2अपने हाथ पवित्रास्थान में उठाकर, यहोवा को धन्य कहो।
- Psalm 116:18–19 भजन संहिता 116:18–19मैं यहोवा के लिये अपनी मन्नतें, प्रगट में उसकी सारी प्रजा के साम्हने यहोवा के भवन के आंगनों में, हे यरूशलेम, तेरे भीतर पूरी करूंगा। याह की स्तुति करो!
- Psalm 29:9 भजन संहिता 29:9यहोवा की वाणी से हरिणियों का गर्भपात हो जाता है। और अरण्य में पतझड़ होती है; और उसके मन्दिर में सब कोई महिमा ही महिमा बोलता रहता है।।
- Daniel 12:3 दानिय्येल 12:3तब सिखानेवालों की चमक आकाशमण्डल की सी होगी, और जो बहुतों को धर्मी बनाते हैं, वे सर्वदा की नाईं प्रकाशमान रहेंगे।
- Ezekiel 10:1 यहेजकेल 10:1इसके बाद मैं ने देखा कि करूबों के सिरों के ऊपर जो आकाशमण्डल है, उस में नीलमणि का सिंहासन सा कुछ दिखाई देता है।
- Psalm 118:19–20 भजन संहिता 118:19–20मेरे लिये धर्म के द्वार खोलो, मैं उन से प्रवेश करके याह का धन्यवाद करूंगा।। यहोवा का द्वार यही है, इस से धर्मी प्रवेश करने पाएंगे।।
- Psalm 102:19 भजन संहिता 102:19क्योंकि यहोवा ने अपने ऊंचे और पवित्रा स्थान से दृष्टि करके स्वर्ग से पृथ्वी की ओर देखा है,
- Psalm 19:1 भजन संहिता 19:1आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है।
- Genesis 1:6–8 उत्पत्ति 1:6–8फिर परमेश्वर ने कहा, जल के बीच एक ऐसा अन्तर हो कि जल दो भाग हो जाए। तब परमेश्वर ने एक अन्तर करके उसके नीचे के जल और उसके ऊपर के जल को अलग अलग किया; और वैसा ही हो गया। और परमेश्वर ने उस अन्तर को आकाश कहा। तथा सांझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार दूसरा दिन हो गया।।
- Ezekiel 1:22–26 यहेजकेल 1:22–26जीवधारियों के सिरों के ऊपर आकाश्मण्डल सा कुछ था जो बर्फ की नाई भयानक रीति से चमक्ता था, और वह उनके सिरों के ऊपर फैला हुआ था। और आकाशमण्डल के नीचे, उनके पंख एक दूसरे की ओर सीधे फैले हुए थे; और हर एक जीवधारी के दो दो और पंख थे जिन से उनके शरीर ढंपे हुए थे। और उनके चलते समय उनके पंखों की फड़फड़ाहट की आहट मुझे बहुत से जल, वा सर्पशक्तिमान की वाणी, वा सेना के हलचल की सी सुनाई पड़ती थी; और जब वे खड़े होते थे, तब अपने पंख लटका लेते थे। फिर उनके सिरों के ऊपर जो आकाशमण्डल था, उसके ऊपर से एक शब्द सुनाई पड़ता था; और जब वे खड़े होते थे, तब अपने पंख लटका लेते थे। और जो आकाशमण्डल उनके सिरों के ऊपर था, उसके ऊपर मानो कुछ नीलम का बना हुआ सिंहासन था; इस सिंहासन के ऊपर मनुष्य के समान कोई दिखाई देता था।
- Psalm 66:13–16 भजन संहिता 66:13–16मैं होमबलि लेकर तेरे भवन में आंऊंगा मैं उन मन्नतों को तेरे लिये पूरी करूंगा, जो मैं ने मुंह खोलकर मानीं, और संकट के समय कही थीं। मैं तुझे मोटे पशुओं के होमबलि, मेंढ़ों की चर्बी के धूप समेत चढ़ऊंगा; मैं बकरों समेत बैल चढ़ाऊंगा।। हे परमेश्वर के सब डरवैयों आकर सुनो, मैं बताऊंगा कि उस ने मेरे लिये क्या क्या किया है।