Psalms · chapter 25 · verse 11
Psalm 25:11 in Hindi
हे यहोवा अपने नाम के निमित्त मेरे अधर्म को जो बहुत हैं क्षमा कर।।
He yahovaa apane naam ke nimitt mere adharm ko jo bahut haim kshamaa kar..
Psalm 25:11 in English
- King James Version (KJV)
- For thy name’s sake, O LORD, pardon mine iniquity; for it [is] great.
- World English Bible (WEB)
- For your name’s sake, LORD, pardon my iniquity, for it is great.
- American Standard Version (ASV)
- For thy name’s sake, O Jehovah, Pardon mine iniquity, for it is great.
- Bible in Basic English (BBE)
- Because of your name, O Lord, let me have forgiveness for my sin, which is very great.
- Darby Translation (DBY)
- For thy name's sake, O Jehovah, thou wilt indeed pardon mine iniquity; for it is great.
- Webster's Bible (WBS)
- For thy name's sake, O LORD, pardon my iniquity; for it [is] great.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For Thy name's sake, O Jehovah, Thou hast pardoned mine iniquity, for it [is] great.
Read in context
- 9वह नम्र लोगों को न्याय की शिक्षा देता, हां वह नम्र लोगों को अपना मार्ग दिखलाएगा।
- 10जो यहोवा की वाचा और चितौनियों को मानते हैं, उनके लिये उसके सब मार्ग करूणा और सच्चाई हैं।।
- 11हे यहोवा अपने नाम के निमित्त मेरे अधर्म को जो बहुत हैं क्षमा कर।।
- 12वह कौन है जो यहोवा का भय मानता है? यहोवा उसको उसी मार्ग पर जिस से वह प्रसन्न होता है चलाएगा।
- 13वह कुशल से टिका रहेगा, और उसका वंश पृथ्वी पर अधिकारी होगा।
Cross references
- 1 John 2:12 1 यूहन्ना 2:12हे बालको, मैं तुम्हें इसलिये लिखता हूं, कि उसके नाम से तुम्हारे पाप क्षमा हुए।
- Psalm 79:9 भजन संहिता 79:9हे हमारे उठ्ठारकर्त्ता परमेश्वर, अपने नाम की महिमा के निमित हमारी सहायता कर; और अपने नाम के निमित हम को छुड़ाकर हमारे पापों को ढांप दे।
- Isaiah 43:25 यशायाह 43:25मैं वही हूं जो अपने नाम के निमित्त तेरे अपराधों को मिटा देता हूं और तेरे पापों को स्मरण न करूंगा।
- Psalm 31:3 भजन संहिता 31:3क्योंकि तू ने मेरे लिये चट्टान और मेरा गढ़ है; इसलिये अपने नाम के निमित्त मेरी अगुवाई कर, और मुझे आगे ले चल।
- Romans 5:20–21 रोमियों 5:20–21और व्यवस्था बीच में आ गई, कि अपराध बहुत हो, परन्तु जहां पाप बहुत हुआ, वहां अनुग्रह उस से भी कहीं अधिक हुआ। कि जैसा पाप ने मृत्यु फैलाते हुए राज्य किया, वैसा ही हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा अनुग्रह भी अनन्त जीवन के लिये धर्मी ठहराते हुए राज्य करे।।
- Isaiah 48:9 यशायाह 48:9अपने ही नाम के निमित्त मैं क्रोध करने में विलम्ब करता हूं, ओर अपनी महिमा के निमित्त अपने तईं रोक रखता हूं, ऐसा न हो कि मैं तुझे काट डालूं।
- Psalm 109:21 भजन संहिता 109:21परन्तु मुझ से हे यहोवा प्रभु, तू अपने नाम के निमित्त बर्ताव कर; तेरी करूणा तो बड़ी है, सो तू मुझे छुटकारा दे!
- Ezekiel 36:22 यहेजकेल 36:22इस कारण तू इस्राएल के घराने से कह, परमेश्वर यहोवा यों कहता है, हे इस्राएल के घराने, मैं इस को तुम्हारे निमित्त नहीं, परन्तु अपने पवित्रा नाम के निमित्त करता हूँ जिसे तुम ने उन जातियों में अपवित्रा ठहराया जहां तुम गए थे।
- Ezekiel 20:9 यहेजकेल 20:9तौभी मैं ने अपने नाम के निमित्त ऐसा किया कि जिनके बीच वे थे, और जिनके देखते हुए मैं ने उनको मिस्र देश से निकलने के लिये अपने को उन पर प्रगट किया था उन जातियों के साम्हने वे अपवित्रा न ठहरे।
- Psalm 143:11 भजन संहिता 143:11हे यहोवा, मुझे अपने नाम के निमित्त जिला! तू जो धर्मी है, मुझ को संकट से छुड़ा ले!
- Romans 5:15 रोमियों 5:15पर जैसा अपराध की दशा है, वैसी अनुग्रह के बरदान की नहीं, क्योंकि जब एक मनुष्य के अपराध से बहुत लोग मरे, तो परमेश्वर का अनुग्रह और उसका जो दान एक मनुष्य के, अर्थात् यीशु मसीह के अनुग्रह से हुआ बहुतेरे लागों पर अवश्य ही अधिकाई से हुआ।
- Numbers 14:17–19 गिनती 14:17–19सो अब प्रभु की सामर्थ्य की महिमा तेरे इस कहने के अनुसार हो, कि यहोवा कोप करने में धीरजवन्त और अति करूणामय है, और अधर्म और अपराध का क्षमा करनेवाला है, परन्तु वह दोषी को किसी प्रकार से निर्दोष न ठहराएगा, और पूर्वजों के अधर्म का दण्ड उनके बेटों, और पोतों, और परपोतों को देता है। अब इन लोगों के अधर्म को अपनी बड़ी करूणा के अनुसार, और जैसे तू मि से लेकर यहां तक क्षमा करता रहा है वैसे ही अब भी क्षमा कर दे।