Psalms · chapter 30 · verse 3
Psalm 30:3 in Hindi
हे यहोवा, तू ने मेरा प्राण अधोलोक में से निकाला है, तू ने मुझ को जीवित रखा और कब्र में पड़ने से बचाया है।।
He yahovaa, too ne meraa praan adholok mem se nikaalaa hai, too ne mujh ko jeevit rakhaa aur kabr mem padane se bachaayaa hai..
Psalm 30:3 in English
- King James Version (KJV)
- O LORD, thou hast brought up my soul from the grave: thou hast kept me alive, that I should not go down to the pit.
- World English Bible (WEB)
- LORD, you have brought up my soul from Sheol. You have kept me alive, that I should not go down to the pit.
- American Standard Version (ASV)
- O Jehovah, thou hast brought up my soul from Sheol; Thou hast kept me alive, that I should not go down to the pit.
- Bible in Basic English (BBE)
- O Lord, you have made my soul come again from the underworld: you have given me life and kept me from going down among the dead.
- Darby Translation (DBY)
- Jehovah, thou hast brought up my soul from Sheol, thou hast quickened me from among those that go down to the pit.
- Webster's Bible (WBS)
- O LORD, thou hast brought up my soul from the grave: thou hast kept me alive, that I should not go down to the pit.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Jehovah, Thou hast brought up from Sheol my soul, Thou hast kept me alive, From going down [to] the pit.
Read in context
- 1हे यहोवा मैं तुझे सराहूंगा, क्योंकि तू ने मुझे खींचकर निकाला है, और मेरे शत्रुओं को मुझ पर आनन्द करने नहीं दिया।
- 2हे मेरे परमेश्वर यहोवा, मैं ने तेरी दोहाई दी और तू ने मुझे चंगा किया है।
- 3हे यहोवा, तू ने मेरा प्राण अधोलोक में से निकाला है, तू ने मुझ को जीवित रखा और कब्र में पड़ने से बचाया है।।
- 4हे यहोवा के भक्तों, उसका भजन गाओ, और जिस पवित्रा नाम से उसका स्मरण होता है, उसका धन्यवाद करो।
- 5क्योंकि उसका क्रोध, तो क्षण भर का होता है, परन्तु उसकी प्रसन्नता जीवन भर की होती है। कदाचित् रात को रोना पड़े, परन्तु सबेरे आनन्द पहुंचेगा।।
Cross references
- Psalm 16:10 भजन संहिता 16:10क्योंकि तू मेरे प्राण को अधोलोक में न छोड़ेगा, न अपने पवित्रा भक्त को सड़ने देगा।।
- Psalm 86:13 भजन संहिता 86:13क्योंकि तेरी करूणा मेरे ऊपर बड़ी है; और तू ने मुझ को अधोलोक की तह में जाने से बचा लिया है।।
- Psalm 28:1 भजन संहिता 28:1हे यहोवा, मैं तुझी को पुकारूंगा; हे मेरी चट्टान, मेरी सुनी अनसुनी न कर, ऐसा न हो कि तेरे चुप रहने से मैं कब्र में पड़े हुओं के समान हो जाऊं जो पाताल में चले जाते हैं।
- Jonah 2:4–6 योना 2:4–6तब मैं ने कहा, मैं तेरे साम्हने से निकाल दिया गया हूं; तौभी तेरे पवित्रा मन्दिर की ओर फिर ताकूंगा। मैं जल से यहां तक घिरा हुआ था कि मेरे प्राण निकले जाते थे; गहिरा सागर मेरे चारों ओर था, और मेरे सिर में सिवार लिपटा हुआ था। मैं पहाड़ों की जड़ तक पहुंच गया था; मैं सदा के लिये भूमि में बन्द हो गया था; तौभी हे मेरे परमेश्वर यहोवा, तू ने मेरे प्राणों को गड़हे में से उठाया है।
- Isaiah 38:17–18 यशायाह 38:17–18देख, शान्ति ही के लिये मुझे बड़ी कडुआहट मिली; परन्तु तू ने स्नेह करके मुझे विनाश के गड़हे से निकाला है, क्योंकि मेरे सब पापों को तू ने अपनी पीठ के पीछे फेंक दिया है। क्योंकि अधोलोक तेरा धन्यवाद नहीं कर सकता, न मृत्यु तेरी स्तुति कर सकती है; जो कबर में पड़ें वे तेरी सच्चाई की आशा नहीं रख सकते
- Psalm 71:20 भजन संहिता 71:20तू ने तो हम को बहुत से कठिन कष्ट दिखाए हैं परन्तु अब तू फिर से हम को जिलाएगा; और पृथ्वी के गहिरे गड़हे में से उबार लेगा।
- Psalm 40:1–2 भजन संहिता 40:1–2मैं धीरज से यहोवा की बाट जोहता रहा; और उस ने मेरी ओर झुककर मेरी दोहाई सुनी। उस ने मुझे सत्यानाश के गड़हे और दलदल की कीच में से उबारा, और मुझ को चट्टान पर खड़ा करके मेरे पैरों को दृढ़ किया है।
- Job 33:28 अय्यूब 33:28उस ने मेरे प्राण क़ब्र में पड़ने से बचाया है, मेरा जीवन उजियाले को देखेगा।
- Psalm 56:13 भजन संहिता 56:13क्योंकि तू ने मुझ को मृत्यु से बचाया है; तू ने मेरे पैरों को भी फिसलने से न बचाया, ताकि मैं ईश्वर के साम्हने जीवतों के उजियाले में चलूं फिरूं?
- Psalm 116:8 भजन संहिता 116:8तू ने तो मेरे प्राण को मृत्यु से, मेरी आंख को आंसू बहाने से, और मेरे पांव को ठोकर खाने से बचाया है।
- Job 33:19–22 अय्यूब 33:19–22उसे ताड़ना भी हेती है, कि वह अपने बिछौने पर पड़ा पड़ा तड़पता है, और उसकी हड्डी हड्डी में लगातार झगड़ा होता है यहां तक कि उसका प्राण रोटी से, और उसका मन स्वादिष्ट भोजन से घृणा करने लगता है। उसका मांस ऐसा सूख जाता है कि दिखाई नहीं देता; और उसकी हडि्डयां जो पहिले दिखाई नहीं देती थीं निकल आती हैं। निदान वह कबर के निकट पहुंचता है, और उसका जीवन नाश करनेवालों के वश में हो जाता है।