Psalms · chapter 31 · verse 1
Psalm 31:1 in Hindi
हे यहोवा मेरा भरोसा तुझ पर है; मुझे कभी लज्जित होना न पड़े; तू अपने धर्मी होने के कारण मुझै छुड़ा ले!
He yahovaa meraa bharosaa tujh par hai; mujhe kabhee lajjit honaa na pade; too apane dharmee hone ke kaaran mujhai chhudaa le!
Psalm 31:1 in English
- King James Version (KJV)
- To the chief Musician, A Psalm of David. In thee, O LORD, do I put my trust; let me never be ashamed: deliver me in thy righteousness.
- World English Bible (WEB)
- For the Chief Musician. A Psalm by David. In you, LORD, I take refuge. Let me never be disappointed. Deliver me in your righteousness.
- American Standard Version (ASV)
- For the Chief Musician. A Psalm of David. In thee, O Jehovah, do I take refuge; Let me never be put to shame: Deliver me in thy righteousness.
- Bible in Basic English (BBE)
- To the chief music-maker. A Psalm. Of David. In you, O Lord, have I put my hope; let me never be shamed; keep me safe in your righteousness.
- Darby Translation (DBY)
- To the chief Musician. A Psalm of David. In thee, Jehovah, do I trust; let me never be ashamed: deliver me in thy righteousness.
- Webster's Bible (WBS)
- To the chief Musician, A Psalm of David. In thee, O LORD, do I put my trust; let me never be ashamed: deliver me in thy righteousness.
- Young's Literal Translation (YLT)
- To the Overseer. — A Psalm of David. In Thee, O Jehovah, I have trusted, Let me not be ashamed to the age, In Thy righteousness deliver me.
Read in context
- 1हे यहोवा मेरा भरोसा तुझ पर है; मुझे कभी लज्जित होना न पड़े; तू अपने धर्मी होने के कारण मुझै छुड़ा ले!
- 2अपना कान मेरी ओर लगाकर तुरन्त मुझे छुड़ा ले!
- 3क्योंकि तू ने मेरे लिये चट्टान और मेरा गढ़ है; इसलिये अपने नाम के निमित्त मेरी अगुवाई कर, और मुझे आगे ले चल।
Cross references
- Romans 10:11 रोमियों 10:11क्योंकि पवित्रा शास्त्रा यह कहता है कि जो कोई उस पर विश्वास करेगा, वह लज्जित न होगा।
- Psalm 25:2 भजन संहिता 25:2हे मेरे परमेश्वर, मैं ने तुझी पर भरोसा रखा है, मुझे लज्जित होने न दे; मेरे शत्रु मुझ पर जयजयकार करने न पाएं।
- Psalm 71:1–3 भजन संहिता 71:1–3हे यहोवा मैं तेरा शरणागत हूं; मेरी आशा कभी टूटने न पाए! तू तो धर्मी है, मुझे छुड़ा और मेरा उद्धार कर; मेरी ओर कान लगा, और मेरा उद्धार कर! मेरे लिये सनातन काल की चट्टान का धाम बन, जिस में मैं नित्य जा सकूं; तू ने मेरे उद्धार की आज्ञा तो दी है, क्योंकि तू मेरी चट्टान और मेरा गढ़ ठहरा है।।
- Psalm 22:4–5 भजन संहिता 22:4–5हमारे पुरखा तुझी पर भरोसा रखते थे; वे भरोसा रखते थे, और तू उन्हें छुड़ाता था। उन्हों ने तेरी दोहाई दी और तू ने उनको छुड़ाया वे तुझी पर भरोसा रखते थे और कभी लज्जित न हुए।।
- Isaiah 49:23 यशायाह 49:23राजा तेरे बच्चों के निज- सेवक और उनकी रानियां दूध पिलाने के लिये तेरी धाइयों होंगी। वे अपनी नाक भूमि पर रगड़कर तुझे दण्डवत् करेंगे और तेरे पांवों की धूलि चाटेंगे। तब तू यह जान लेगी कि मैं ही यहोवा हूं; मेरी बाट जोहनेवाले कभी लज्जित न होंगे।।
- Psalm 143:1 भजन संहिता 143:1हे यहोवा मेरी प्रार्थना सुन; मेरे गिड़गिड़ाने की ओर कान लगा! तू जो सच्चा और धर्मी है, सो मेरी सुन ले,
- Daniel 9:16 दानिय्येल 9:16हे प्रभु, हमारे पापों और हमारे पुरखाओं के अधर्म के कामों के कारण यरूशलेम की और तेरी प्रजा की, और हमारे आस पास के सब लोगों की ओर से नामधराई हो रही है; तौभी तू अपने सब धर्म के कामों के कारण अपना क्रोध और जलजलाहट अपने नगर यरूशलेम पर से उतार दे, जो तेरे पवित्रा पर्वत पर बसा है।
- Romans 5:5 रोमियों 5:5और आशा से लज्जा नहीं होती, क्योंकि पवित्रा आत्मा जो हमें दिया गया है उसके द्वारा परमेश्वर का प्रेम हमारे मन में डाला गया है।
- Psalm 7:8–9 भजन संहिता 7:8–9यहोवा समाज समाज का न्याय करता है; यहोवा मेरे धर्म और खराई के अनुसार मेरा न्याय चुका दे।। भला हो कि दुष्टों की बुराई का अन्त हो जाए, परन्तु धर्म को तू स्थिर कर; क्योंकि धर्मी परमेश्वर मन और मर्म का ज्ञाता है।
- Psalm 43:1 भजन संहिता 43:1हे परमेश्वर, मेरा न्याय चुका और विधर्मी जाति से मेरा मुक मा लड़; मुझ को छली और कुटिल पुरूष से बचा।
- Psalm 143:11–12 भजन संहिता 143:11–12हे यहोवा, मुझे अपने नाम के निमित्त जिला! तू जो धर्मी है, मुझ को संकट से छुड़ा ले! और करूणा करके मेरे शत्रुओं को सत्यानाश कर, और मेरे सब सतानेवालों का नाश कर डाल, क्योंकि मैं तेरा दास हूं।।