Psalms · chapter 38 · verse 5
Psalm 38:5 in Hindi
मेरी मूढ़ता के कारण से मेरे कोड़े खाने के घाव बसाते हैं और सड़ गए हैं।
Meree moodhataa ke kaaran se mere kode khaane ke ghaav basaate haim aur sad gae hain.
Psalm 38:5 in English
- King James Version (KJV)
- My wounds stink [and] are corrupt because of my foolishness.
- World English Bible (WEB)
- My wounds are loathsome and corrupt because of my foolishness.
- American Standard Version (ASV)
- My wounds are loathsome and corrupt, Because of my foolishness.
- Bible in Basic English (BBE)
- My wounds are poisoned and evil-smelling, because of my foolish behaviour.
- Darby Translation (DBY)
- My wounds stink, they are corrupt, because of my foolishness.
- Webster's Bible (WBS)
- My wounds are offensive, [and] are corrupt because of my foolishness.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Stunk — become corrupt have my wounds, Because of my folly.
Read in context
- 3तेरे क्रोध के कारण मेरे शरीर में कुछ भी आरोग्यता नहीं; और मेरे पाप के कारण मेरी हडि्डयों में कुछ भी चैन नहीं।
- 4क्योंकि मेरे अधर्म के कामों में मेरा सिर डूब गया, और वे भारी बोझ की नाई मेरे सहने से बाहर हो गए हैं।।
- 5मेरी मूढ़ता के कारण से मेरे कोड़े खाने के घाव बसाते हैं और सड़ गए हैं।
- 6मैं बहुत दुखी हूं और झूक गया हूं; दिन भर मैं शौक का पहिरावा पहिने हुए चलता फिरता हूं।
- 7क्योंकि मेरी कमर में जलन है, और मेरे शरीर में आरोग्यता नहीं।
Cross references
- Isaiah 1:5–6 यशायाह 1:5–6तुम बलवा कर करके क्यों अधिक मार खाना चाहते हो? तुम्हारा सिर घावों से भर गया, और तुम्हारा हृदय दु:ख से भरा है। नख से सिर तक कहीं भी कुछ आरोग्यता नहीं, केवल चोट और कोड़े की मार के चिन्ह और सड़े हुए घाव हैं जो न दबाये गए, न बान्धे गए, न तेल लगाकर नरमाये गए हैं।।
- Jeremiah 8:22 यिर्मयाह 8:22क्या गिलाद देश में कुछ बलसान की औषधि नहीं? क्या उस में कोई वैद्य नहीं? यदि है, तो मेरे लोगों के घाव क्यों चंगे नहीं हुए?
- Psalm 69:5 भजन संहिता 69:5हे परमेश्वर, तू तो मेरी मूढ़ता को जानता है, और मेरे दोष तुझ से छिपे नहीं हैं।।
- Psalm 38:7 भजन संहिता 38:7क्योंकि मेरी कमर में जलन है, और मेरे शरीर में आरोग्यता नहीं।
- Psalm 32:3 भजन संहिता 32:3जब मैं चुप रहा तक दिन भर कहरते कहरते मेरी हडि्डयां पिघल गई।