Psalms · chapter 38 · verse 6
Psalm 38:6 in Hindi
मैं बहुत दुखी हूं और झूक गया हूं; दिन भर मैं शौक का पहिरावा पहिने हुए चलता फिरता हूं।
Maim bahut dukhee hoom aur jhook gayaa hoom; din bhar maim shauk kaa pahiraavaa pahine hue chalataa phirataa hoon.
Psalm 38:6 in English
- King James Version (KJV)
- I am troubled; I am bowed down greatly; I go mourning all the day long.
- World English Bible (WEB)
- I am in pain and bowed down greatly. I go mourning all day long.
- American Standard Version (ASV)
- I am pained and bowed down greatly; I go mourning all the day long.
- Bible in Basic English (BBE)
- I am troubled, I am made low; I go weeping all the day.
- Darby Translation (DBY)
- I am depressed; I am bowed down beyond measure; I go mourning all the day.
- Webster's Bible (WBS)
- I am troubled; I am bowed down greatly; I go mourning all the day long.
- Young's Literal Translation (YLT)
- I have been bent down, I have been bowed down — unto excess, All the day I have gone mourning.
Read in context
- 4क्योंकि मेरे अधर्म के कामों में मेरा सिर डूब गया, और वे भारी बोझ की नाई मेरे सहने से बाहर हो गए हैं।।
- 5मेरी मूढ़ता के कारण से मेरे कोड़े खाने के घाव बसाते हैं और सड़ गए हैं।
- 6मैं बहुत दुखी हूं और झूक गया हूं; दिन भर मैं शौक का पहिरावा पहिने हुए चलता फिरता हूं।
- 7क्योंकि मेरी कमर में जलन है, और मेरे शरीर में आरोग्यता नहीं।
- 8मैं निर्बल और बहुत ही चूर हो गया हूं; मैं अपने मन की घबराहट से कराहता हूं।।
Cross references
- Job 30:28 अय्यूब 30:28मैं शोक का पहिरावा पहिने हुए मानो बिना सूर्य की गमीं के काला हो गया हूँ। और सभा में खड़ा हो कर सहायता के लिये दोहाई देता हूँ।
- Psalm 35:14 भजन संहिता 35:14मैं ऐसा भाव रखता था कि मानो वे मेरे संगी वा भाई हैं; जैसा कोई माता के लिये विलाप करता हो, वैसा ही मैं ने शोक का पहिरावा पहिने हुए सिर झुकाकर शोक किया।।
- Psalm 42:9 भजन संहिता 42:9मैं ईश्वर से जो मेरी चट्टान है कहूंगा, तू मुझे क्यों भूल गया? मैं शत्रु के अन्धेर के मारे क्यों शोक का पहिरावा पहिने हुए चलता फिरता हूं?
- Psalm 43:2 भजन संहिता 43:2क्योंकि हे परमेश्वर, तू ही मेरी शरण है, तू ने क्यों मुझे त्याग दिया है? मैं शत्रु के अन्धेर के मारे शोक का पहिरावा पहिने हुए क्यों फिरता रहूं?
- Psalm 31:10 भजन संहिता 31:10मेरा जीवन शोक के मारे और मेरी अवस्था कराहते कराहते घट चली है; मेरा बल मेरे अधर्म के कारण जाता रह, ओर मेरी हडि्डयां घुल गई।।
- Psalm 42:5 भजन संहिता 42:5हे मेरे प्राण, तू क्यों गिरा जाता है? और तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है? परमेश्वर पर आशा लगाए रह; क्योंकि मैं उसके दर्शन से उद्धार पाकर फिर उसका धन्यवाद करूंगा।।
- Psalm 145:14 भजन संहिता 145:14यहोवा सब गिरते हुओं को संभालता है, और सब झुके हुओं को सीधा खड़ा करता है।
- Psalm 6:6 भजन संहिता 6:6मैं कराहते कराहते थक गया; मैं अपनी खाट आंसुओं से भिगोता हूं; प्रति रात मेरा बिछौना भीगता है।
- Psalm 57:6 भजन संहिता 57:6उन्हों ने मेरे पैरों के लिये जाल लगाया है; मेरा प्राण ढला जाता है। उन्हों ने मेरे आगे गड़हा खोदा, परन्तु आप ही उस में गिर पड़े।।
- Psalm 88:9 भजन संहिता 88:9दु:ख भोगते भोगते मेरी आंखे धुन्धला गई। हे यहोवा मैं लगातार तुझे पुकारता और अपने हाथ तेरी ओर फैलाता आया हूं।
- Isaiah 38:14 यशायाह 38:14मैं सूपाबेने वा सारस की नाई च्यूं च्यूं करता, मैं पिण्डुक की नाई विलाप करता हूं। मेरी आंखें ऊपर देखते देखते पत्थरा गई हैं। हे यहोवा, मुझ पर अन्धेर हो रहा है; तू मेरा सहारा हो!