Psalms · chapter 62 · verse 4
Psalm 62:4 in Hindi
सचमुच वे उसको, उसके ऊंचे पद से गिराने की सम्मति करते हैं; वे झूठ से प्रसन्न रहते हैं। मुंह से तो वे आशीर्वाद देते पर मन में कोसते हैं।।
Sachamuch ve usako, usake oonche pad se giraane kee sammati karate haim; ve jhooth se prasann rahate hain. Munh se to ve aasheervaad dete par man mem kosate hain..
Psalm 62:4 in English
- King James Version (KJV)
- They only consult to cast [him] down from his excellency: they delight in lies: they bless with their mouth, but they curse inwardly. Selah.
- World English Bible (WEB)
- They fully intend to throw him down from his lofty place. They delight in lies. They bless with their mouth, but they curse inwardly. Selah.
- American Standard Version (ASV)
- They only consult to thrust him down from his dignity; They delight in lies; They bless with their mouth, but they curse inwardly. [Selah
- Bible in Basic English (BBE)
- Their only thought is to put him down from his place of honour; their delight is in deceit: blessing is in their mouths but cursing in their hearts. (Selah.)
- Darby Translation (DBY)
- They only consult to thrust [him] down from his excellency; they delight in lies; they bless with their mouth, but in their inward part they curse. Selah.
- Webster's Bible (WBS)
- They only consult to cast [him] down from his excellence: they delight in lies: they bless with their mouth, but they curse inwardly. Selah.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Only — from his excellency They have consulted to drive away, They enjoy a lie, with their mouth they bless, And with their heart revile. Selah.
Read in context
- 2सचमुच वही, मेरी चट्टान और मेरा उद्धार है, वह मेरा गढ़ है; मैं बहुत न डिगूंगा।।
- 3तुम कब तक एक पुरूष पर धावा करते रहोगे, कि सब मिलकर उसका घात करो? वह तो झुकी हुई भीत वा गिरते हुए बाड़े के समान है।
- 4सचमुच वे उसको, उसके ऊंचे पद से गिराने की सम्मति करते हैं; वे झूठ से प्रसन्न रहते हैं। मुंह से तो वे आशीर्वाद देते पर मन में कोसते हैं।।
- 5हे मेरे मन, परमेश्वर के साम्हने चुपचाप रह, क्योंकि मेरी आशा उसी से है।
- 6सचमुच वही मेरी चट्टान, और मेरा उद्धार है, वह मेरा गढ़ है; इसलिये मैं न डिगूंगा।
Cross references
- Psalm 55:21 भजन संहिता 55:21उसके मुंह की बातें तो मक्खन सी चिकनी थी परन्तु उसके मन में लड़ाई की बातें थीं; उसके वचन तेल से अधिक नरम तो थे परन्तु नंगी तलवारें थीं।।
- Psalm 28:3 भजन संहिता 28:3उन दुष्टों और अनर्थकारियों के संग मुझे न घसीट; जो अपने पड़ोसियों से बातें तो मेल की बोलते हैं परन्तु हृदय में बुराई रखते हैं।
- Psalm 5:9 भजन संहिता 5:9क्योंकि उनके मुंह में कोई सच्चाई नहीं; उनके मन में निरी दुष्टता है। उनका गला खुली हुई कब्र है, वे अपनी जीभ से चिकनी चुपड़ी बातें करते हैं।
- Romans 7:22 रोमियों 7:22क्योंकि मैं भीतरी मनुष्यत्व से तो परमेश्वर की व्यवस्था से बहुत प्रसन्न रहता हूं।
- Romans 1:32 रोमियों 1:32वे तो परमेश्वर की यह विधि जानते हैं, कि ऐसे ऐसे काम करनेवाले मुत्यु के दण्ड के योग्य हैं, तौभी न केवल आप ही ऐसे काम करते हैं, बरन करनेवालों से प्रसन्न भी होते हैं।।
- Revelation 22:15 प्रकाशितवाक्य 22:15पर कुत्तेे, और टोन्हें, और व्यभिचारी, और हत्यारे और मूर्तिपूजक, और हर एक झूठ का चाहनेवाला, और गढ़नेवाला बाहर रहेगा।।
- John 8:44 यूहन्ना 8:44तुम अपने पिता शैतान से हो, और अपने पिता की लालसाओं को पूरा करना चाहते हो। वह तो आरम्भ से हत्यारा है, और सत्य पर स्थिर न रहा, क्योंकि सत्य उस में है ही नहीं: जब वह झूठ बोलता, तो अपने स्वभाव ही से बोलता है; क्योंकि वह झूठा है, बरन झूठ का पिता है।
- Acts 4:16–17 प्रेरितों के काम 4:16–17कि हम इन मनुष्यों के साथ क्या करें? क्योंकि यरूशलेम के सब रहनेवालों पर प्रगट है, कि इन के द्वारा एक प्रसिद्ध चिन्ह दिखाया गया है; और हम उसका इन्कार नही कर सकते। परन्तु इसलिये कि यह बात लोगों में और अधिक फैल न जाए, हम उन्हें धमकाएं, कि वे इस नाम से फिर किसी मनुष्य से बातें न करें।
- Acts 4:25–28 प्रेरितों के काम 4:25–28तू ने पवित्रा आत्मा के द्वारा अपने सेवक हमारे पिता दाऊद के मुख से कहा, कि अन्य जातियों ने हुल्लड़ क्यों मचाया? और देश के लोगों ने क्यों व्यर्थ बातें सोची? प्रभु और उसके मसीह के विरोध में पृथ्वी के राजा खड़े हुए, और हाकिम एक साथ इकट्ठे हो गए। क्योंकि सचमुच तेरे सेवक यीशु के विरोध में, जिस तू ने अभिषेक किया, हेरोदेस और पुन्तियुस पीलातुस भी अन्य जातियों और इस्त्राएलियों के साथ इस नगर में इकट्ठे हुए। कि जो कुछ पहिले से तेरी सामर्थ और मति से ठहरा था वही करें।
- John 11:47–50 यूहन्ना 11:47–50इस पर महायाजकों और फरीसियों ने मुख्य सभा के लोगों को इकट्ठा करके कहा, हम करते क्या हैं? यह मनुष्य तो बहुत चिन्ह दिखाता है। यदि हम उसे योंही छोड़ दे, तो सब उस पर विश्वास ले आएंगे और रोमी आकर हमारी जगह और जाति दोनों पर अधिकार कर लेंगे। तब उन में से काइफा नाम एक व्यक्ति ने जो उस वर्ष का महायाजक था, उन से कहा, तुम कुछ नहीं जानते। और न यह सोचते हो, कि तुम्हारे लिये यह भला है, कि हमारे लोगों के लिये एक मनुष्य मरे, और न यह, कि सारी जाति नाश हो।
- Psalm 52:3 भजन संहिता 52:3तू भलाई से बढ़कर बुराई में और अधर्म की बात से बढ़कर झूठ से प्रीति रखता है।
- Hosea 7:3 होशे 7:3वे राजा को बुराई करने से, और हाकिमों को झूठ बोलने से आनन्दित करते हैं।