Psalms · chapter 64 · verse 6
Psalm 64:6 in Hindi
वे कुटिलता की युक्ति निकालते हैं; और कहते हैं, कि हम ने पक्की युक्ति खोजकर निकाली है। क्योंकि मनुष्य का मन और हृदय अथाह हैं!
Ve kutilataa kee yukti nikaalate haim; aur kahate haim, ki ham ne pakkee yukti khojakar nikaalee hai. Kyonki manushy kaa man aur hruday athaah haim!
Psalm 64:6 in English
- King James Version (KJV)
- They search out iniquities; they accomplish a diligent search: both the inward [thought] of every one [of them], and the heart, [is] deep.
- World English Bible (WEB)
- They plot injustice, saying, “We have made a perfect plan!” Surely man’s mind and heart are cunning.
- American Standard Version (ASV)
- They search out iniquities; We have accomplished, [say they], a diligent search: And the inward thought and the heart of every one is deep.
- Bible in Basic English (BBE)
- Or make discovery of our secret purpose? The design is framed with care; and the inner thought of a man, and his heart, is deep.
- Darby Translation (DBY)
- They devise iniquities: We have it ready, the plan is diligently sought out. And each one's inward [thought] and heart is deep.
- Webster's Bible (WBS)
- They search out iniquities; they accomplish a diligent search: both the inward [thought] of every one [of them] , and the heart, [is] deep.
- Young's Literal Translation (YLT)
- They search out perverse things, 'We perfected a searching search,' And the inward part of man, and the heart [are] deep.
Read in context
- 4ताकि छिपकर खरे मनुष्य को मारें; वे निडर होकर उसको अचानक मारते भी हैं।
- 5वे बुरे काम करने को हियाव बान्धते हैं; वे फन्दे लगने के विषय बातचीत करते हैं; और कहते हैं, कि हम को कौन देखेगा?
- 6वे कुटिलता की युक्ति निकालते हैं; और कहते हैं, कि हम ने पक्की युक्ति खोजकर निकाली है। क्योंकि मनुष्य का मन और हृदय अथाह हैं!
- 7परन्तु परमेश्वर उन पर तीर चलाएगा; वे अचानक घायल हो जाएंगे।
- 8वे अपने ही वचनों के कारण ठोकर खाकर गिर पड़ेंगे; जितने उन पर दृष्टि करेंगे वे सब अपने अपने सिर हिलाएंगे
Cross references
- Jeremiah 17:9–10 यिर्मयाह 17:9–10मन तो सब वस्तुओं से अधिक धोख देनेवाला होता है, उस में असाध्य रोग लगा है; उसका भेद कौन समझ सकता है? मैं यहोवा मन की खोजता और हृदय को जांचता हूँ ताकि प्रत्येक जन को उसकी चाल- चलन के अनुसार अर्थात् उसके कामों का फल दूं।
- Matthew 26:59 मत्ती 26:59महायाजक और सारी महासभा यीशु को मार डालने के लिये उसके विरोध में झूठी गवाही की खोज में थे।
- Psalm 5:9 भजन संहिता 5:9क्योंकि उनके मुंह में कोई सच्चाई नहीं; उनके मन में निरी दुष्टता है। उनका गला खुली हुई कब्र है, वे अपनी जीभ से चिकनी चुपड़ी बातें करते हैं।
- Isaiah 29:15 यशायाह 29:15हाय उन पर जो अपनी युक्ति को यहोवा से छिपाने का बड़ा यत्न करते, और अपने काम अन्धेरे में करके कहते हैं, हम को कौन देखता है? हम को कौन जानता है?
- 1 Corinthians 4:5 1 कुरिन्थियों 4:5सो जब तक प्रभु न आए, समय से पहिले किसी बात का न्याय न करो: वही तो अन्धकार की छिपी बातें ज्योति में दिखाएगा, और मनों की मतियों को प्रगट करेगा, तब परमेश्वर की ओर से हर एक की प्रशंसा होगी।।
- Daniel 6:4–5 दानिय्येल 6:4–5तब अध्यक्ष और अधिपति राजकार्य के विषय में दानिरयेल के विरूद्ध दोष ढूंढ़ने लगे; परन्तु वह विश्वासयोग्य था, और उसके काम में कोई भूल वा दोष न निकला, और वे ऐसा कोई अपराध वा दोष न पा सके। तब वे लोग कहने लगे, हम उस दानिरयेल के परमेश्वर की व्यवस्था को छोड़ और किसी विषय में उसके विरूद्ध कोई दोष न पा सकेंगे।।
- Proverbs 20:5 नीतिवचन 20:5मनुष्य के मन की युक्ति अथाह तो है, तौभी समझवाला मनुष्य उसको निकाल लेता है।
- John 18:29–30 यूहन्ना 18:29–30तब पीलातुस उन के पास बाहर निकल आया और कहा, तुम इस मनुष्य पर किस बात की नालिया करते हो? उन्हों ने उस को उत्तर दिया, कि यदि वह कुकर्मी न होता तो हम उसे तेरे हाथ न सौंपते।
- Psalm 35:11 भजन संहिता 35:11झूठे साक्षी खड़े होते हैं; और जो बात मैं नहीं जानता, वही मुझ से पूछते हैं।
- 1 Samuel 25:10 1 शमूएल 25:10नाबाल ने दाऊद के जनों को उत्तर देकर उन से कहा, दाऊद कौन है? यिशै का पुत्रा कौन है? आज कल बहुत से दास अपने अपने स्वामी के पास से भाग जाते हैं।
- 1 Samuel 24:9 1 शमूएल 24:9और दाऊद ने शाऊल से कहा, जो मनुष्य कहते हैं, कि दाऊद तेरी हानि चाहता है उनकी तू क्यों सुनता है?
- Psalm 49:11 भजन संहिता 49:11वे मन ही मन यह सोचते हैं, कि उनका घर सदा स्थिर रहेगा, और उनके निवास पीढ़ी से पीढ़ी तक बने रहेंगे; इसलिये वे अपनी अपनी भूमि का नाम अपने अपने नाम पर रखते हैं।