Psalms · chapter 63 · verse 6
Psalm 63:6 in Hindi
जब मैं बिछौने पर पड़ा तेरा स्मरण करूंगा, तब रात के एक एक पहर में तुझ पर ध्यान करूंगा;
Jab maim bichhaune par padaa teraa smaran karoongaa, tab raat ke ek ek pahar mem tujh par dhyaan karoongaa;
Psalm 63:6 in English
- King James Version (KJV)
- When I remember thee upon my bed, [and] meditate on thee in the [night] watches.
- World English Bible (WEB)
- when I remember you on my bed, and think about you in the night watches.
- American Standard Version (ASV)
- When I remember thee upon my bed, [And] meditate on thee in the night-watches.
- Bible in Basic English (BBE)
- When the memory of you comes to me on my bed, and when I give thought to you in the night-time.
- Darby Translation (DBY)
- When I remember thee upon my bed, I meditate on thee in the night-watches:
- Webster's Bible (WBS)
- When I remember thee upon my bed, [and] meditate on thee in the [night] watches.
- Young's Literal Translation (YLT)
- If I have remembered Thee on my couch, In the watches — I meditate on Thee.
Read in context
- 4इसी प्रकार मैं जीवन भर तुझे धन्य कहता रहूंगा; और तेरा नाम लेकर अपने हाथ उठाऊंगा।।
- 5मेरा जीव मानो चर्बी और चिकने भोजन से तृप्त होगा, और मैं जयजयकार करके तेरी स्तुति करूंगा।
- 6जब मैं बिछौने पर पड़ा तेरा स्मरण करूंगा, तब रात के एक एक पहर में तुझ पर ध्यान करूंगा;
- 7क्योंकि तू मेरा सहायक बना है, इसलिये मैं तेरे पंखों की छाया में जयजयकार करूंगा।
- 8मेरा मन तेरे पीछे पीछे लगा चलता है; और मुझे तो तू अपने दहिने हाथ से थाम रखता है।।
Cross references
- Psalm 42:8 भजन संहिता 42:8तौभी दिन को यहोवा अपनी शक्ति और करूणा प्रगट करेगा; और रात को भी मैं उसका गीत गाऊंगा, और अपने जीवनदाता ईश्वर से प्रार्थना करूंगा।।
- Psalm 119:147–148 भजन संहिता 119:147–148मैं ने पौ फटने से पहिले दोहाई दी; मेरी आशा तेरे वचनों पर थी। मेरी आंखें रात के एक एक पहर से पहिले खुल गईं, कि मैं तेरे वचन पर ध्यान करूं।
- Psalm 149:5 भजन संहिता 149:5भक्त लोग महिमा के कारण प्रफुल्लित हों; और अपने बिछौनों पर भी पड़े पड़े जयजयकार करें।
- Psalm 119:55 भजन संहिता 119:55हे यहोवा, मैं ने रात को तेरा नाम स्मरण किया और तेरी व्यवस्था पर चला हूं।
- Psalm 139:17–18 भजन संहिता 139:17–18और मेरे लिये तो हे ईश्वर, तेरे विचार क्या ही बहुमूल्य हैं! उनकी संख्या का जोड़ कैसा बड़ा है।। यदि मैं उनको गिनता तो वे बालू के किनकों से भी अधिक ठहरते। जब मैं जाग उठता हूं, तब भी तेरे संग रहता हूं।।
- Lamentations 2:19 विलापगीत 2:19रात के हर पहर के आरम्भ में उठकर चिल्लाया कर! प्रभु के सम्मुख अपने मन की बातों को घारा की नाई उण्डेल! तेरे बालबच्चे जो हर एक सड़क के सिरे पर भूख के कारण मूर्च्छित हो रहे हैं, उनके प्राण के निमित्त अपने हाथ उसकी ओर फैला।
- Psalm 77:4–6 भजन संहिता 77:4–6तू मुझे झपकी लगने नहीं देता; मैं ऐसा घबराया हूं कि मेरे मुंह से बात नहीं निकलती।। मैं प्राचीनकाल के दिनों को, और युग युग के वर्षों को सोचा है। मैं रात के समय अपने गीत को स्मरण करता; और मन में ध्यान करता हूं, और मन में भली भांति विचार करता हूं:
- Song of Solomon 5:2 श्रेष्ठगीत 5:2मैं मोती थी, परन्तु मेरा मन जागता था। सुन! मेरा प्रेमी खटखटाता है, और कहता है, हे मेरी बहिन, हे मेरी प्रिय, हे मेरी कबूतरी, हे मेरी निर्मल, मेरे लिये द्वार खोल; क्योंकि मेरा सिर ओस से भरा है, और मेरी लटें रात में गिरी हुई बून्दों से भीगी हैं।
- Song of Solomon 3:1–2 श्रेष्ठगीत 3:1–2रात के समय में अपने पलंग पर अपने प्राणप्रिय को ढूंढ़ती रही; मैं उसे ढूंढ़ती तो रही, परन्तु उसे न पाया; मैं ने कहा, मैं अब उठकर नगर में, और सड़कों और चौकों में घूमकर अपने प्राणप्रिय को ढूंढूंगी। मैं उसे ढूंढती तो रही, परन्तु उसे न पाया।