Psalms · chapter 73 · verse 13
Psalm 73:13 in Hindi
निश्चय, मैं ने अपने हृदय को व्यर्थ शुद्ध किया और अपने हाथों को निर्दोषता में धोया है;
Nishchay, maim ne apane hruday ko vyarth shuddh kiyaa aur apane haathom ko nirdoshataa mem dhoyaa hai;
Psalm 73:13 in English
- King James Version (KJV)
- Verily I have cleansed my heart [in] vain, and washed my hands in innocency.
- World English Bible (WEB)
- Surely I have cleansed my heart in vain, and washed my hands in innocence,
- American Standard Version (ASV)
- Surely in vain have I cleansed my heart, And washed my hands in innocency;
- Bible in Basic English (BBE)
- As for me, I have made my heart clean to no purpose, washing my hands in righteousness;
- Darby Translation (DBY)
- Truly have I purified my heart in vain, and washed my hands in innocency:
- Webster's Bible (WBS)
- Verily I have cleansed my heart [in] vain, and washed my hands in innocence.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Only — a vain thing! I have purified my heart, And I wash in innocency my hands,
Read in context
- 11फिर वे कहते हैं, ईश्वर कैसे जानता है? क्या परमप्रधान को कुछ ज्ञान है?
- 12देखो, ये तो दुष्ट लोग हैं; तौभी सदा सुभागी रहकर, धन सम्पत्ति बटोरते रहते हैं।
- 13निश्चय, मैं ने अपने हृदय को व्यर्थ शुद्ध किया और अपने हाथों को निर्दोषता में धोया है;
- 14क्योंकि मैं दिन भर मार खाता आया हूं और प्रति भोर को मेरी ताड़ना होती आई है।।
- 15यदि मैं ने कहा होता कि मैं ऐसा ही कहूंगा, तो देख मैं तेरे लड़कों की सन्तान के साथ क्रूरता का व्यवहार करता,
Cross references
- Job 21:15 अय्यूब 21:15सर्वशक्तिमान क्या है, कि हम उसकी सेवा करें? और जो हम उस से बिनती भी करें तो हमें क्या लाभ होगा?
- Psalm 26:6 भजन संहिता 26:6मैं अपने हाथों को निर्दोषता के जल से धोऊंगा, तब हे यहोवा मैं तेरी वेदी की प्रदक्षिणा करूंगा,
- Job 34:9 अय्यूब 34:9उस ने तो कहा है, कि मनुष्य को इस से कुछ लाभ नहीं कि वह आनन्द से परमेश्वर की संगति रखे।
- James 4:8 याकूब 4:8परमेश्वर के निकट आओ, तो वह भी तुम्हारे निकट आएगा: हे पापियों, अपने हाथ शुद्ध करो; और हे दुचित्ते लोगों अपने हृदय को पवित्रा करो।
- Job 35:3 अय्यूब 35:3जो तू कहता है कि मुझे इस से क्या लाभ? और मुझे पापी होने में और न होने में कौन सा अधिक अन्तर है?
- Malachi 3:14 मलाकी 3:14तुम ने कहा है कि परमेश्वर की सेवा करनी व्यर्थ है। हम ने जो उसके बताए हुए कामों को पूरा किया और सेनाओं के यहोवा के डर के मारे शोक का पहिरावा पहिने हुए चले हैं, इस से क्या लाभ हुआ?
- Psalm 51:10 भजन संहिता 51:10हे परमेश्वर, मेरे अन्दर शुद्ध मन उत्पन्न कर, और मेरे भीतर स्थिर आत्मा नये सिरे से उत्पन्न कर।
- Hebrews 10:19–22 इब्रानियों 10:19–22सो हे भाइयो, जब कि हमें यीशु के लोहू के द्वारा उस नए और जीवते मार्ग से पवित्रा स्थान में प्रवेश करने का हियाव हो गया है। जो उस ने परदे अर्थात् अपने शरीर में से होकर, हमारे लिये अभिषेक किया है, और इसलिये कि हमारा ऐसा महान याजक है, जो परमेश्वर के घर का अधिकारी है। तो आओ; हम सच्चे मन, और पूरे विश्वास के साथ, और विवेक को दोष दूर करने के लिये हृदय पर छिड़काव लेकर, और देह को शुद्ध जल से धुलवाकर परमेश्वर के समीप जाएं।
- Job 9:27 अय्यूब 9:27जो मैं कहूं, कि विलाप करना झूल जाऊंगा, और उदासी छोड़कर अपना मन प्रफुल्लित कर दूंगा,
- Psalm 24:4 भजन संहिता 24:4जिसके काम निर्दोष और हृदय शुद्ध है, जिस ने अपने मन को व्यर्थ बात की ओर नहीं लगाया, और न कपट से शपथ खाई है।
- Job 9:31 अय्यूब 9:31तैभी तू मुझे गड़हे में डाल ही देगा, और मेरे वस्त्रा भी मुझ से घिनाएंगे।