Psalms · chapter 90 · verse 12
Psalm 90:12 in Hindi
हम को अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुद्धिमान हो जाएं।।
Ham ko apane din ginane kee samajh de ki ham buddhimaan ho jaaen..
Psalm 90:12 in English
- King James Version (KJV)
- So teach [us] to number our days, that we may apply [our] hearts unto wisdom.
- World English Bible (WEB)
- So teach us to count our days, that we may gain a heart of wisdom.
- American Standard Version (ASV)
- So teach us to number our days, That we may get us a heart of wisdom.
- Bible in Basic English (BBE)
- So give us knowledge of the number of our days, that we may get a heart of wisdom.
- Darby Translation (DBY)
- So teach [us] to number our days, that we may acquire a wise heart.
- Webster's Bible (WBS)
- So teach [us] to number [our] days, that we may apply our hearts to wisdom.
- Young's Literal Translation (YLT)
- To number our days aright let [us] know, And we bring the heart to wisdom.
Read in context
- 10हमारी आयु के वर्ष सत्तर तो होते हैं, और चाहे बल के कारण अस्सी वर्ष के भी हो जाएं, तौभी उनका घमण्ड केवल नष्ट और शोक ही शोक है; क्योंकि वह जल्दी कट जाती है, और हम जाते रहते हैं।
- 11तेरे क्रोध की शक्ति को और तेरे भय के योग्य रोष को कौन समझता है?
- 12हम को अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुद्धिमान हो जाएं।।
- 13हे यहोवा लौट आ! कब तक? और अपने दासों पर तरस खा!
- 14भोर को हमें अपनी करूणा से तृप्त कर, कि हम जीवन भर जयजयकार और आनन्द करते रहें।
Cross references
- Ephesians 5:16–17 इफिसियों 5:16–17और अवसर को बहुमोल समझो, क्योंकि दिन बुरे हैं। इस कारण निर्बुद्धि न हो, पर ध्यान से समझो, कि प्रभु की इच्छा क्या है?
- Psalm 39:4 भजन संहिता 39:4हे यहोवा ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालुम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिस से मैं जान लूं कि कैसा अनित्य हूं!
- John 9:4 यूहन्ना 9:4जिस ने मुझे भेजा है; हमें उसके काम दिन ही दिन में करना अवश्य है: वह रात आनेवाली है जिस में कोई काम नहीं कर सकता।
- Deuteronomy 32:29 व्यवस्थाविवरण 32:29भला होता कि ये बुद्धिमान होते, कि इसको समझ लेते, और अपने अन्त का विचार करते!
- Proverbs 4:7 नीतिवचन 4:7बुद्धि श्रेष्ठ है इसलिये उसकी प्राप्ति के लिये यत्न कर; जो कुछ तू प्राप्त करे उसे प्राप्त तो कर परन्तु समझ की प्राप्ति का यत्न घटने न पाए।
- Proverbs 3:13–18 नीतिवचन 3:13–18क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो बुद्धि पाए, और वह मनुष्य जो समझ प्राप्त करे, क्योंकि बुद्धि की प्राप्ति चान्दी की प्राप्ति से बड़ी, और उसका लाभ चोखे सोने के लाभ से भी उत्तम है। वह मूंगे से अधिक अनमोल है, और जितनी वस्तुओं की तू लालसा करता है, उन में से कोई भी उसके तुल्य न ठहरेगी। उसके दहिने हाथ में दीर्घायु, और उसके बाएं हाथ में धन और महिमा है। उसके मार्ग मनभाऊ हैं, और उसके सब मार्ग कुशल के हैं। जो बुद्धि को ग्रहण कर लेते हैं, उनके लिये वह जीवन का वृक्ष बनती है; और जो उसको पकड़े रहते हैं, वह धन्य हैं।।
- Proverbs 16:16 नीतिवचन 16:16बुद्धि की प्राप्ति चोखे सोने से क्या ही उत्तम है! और समझ की प्राप्ति चान्दी से अति योग्य है।
- Proverbs 23:12 नीतिवचन 23:12अपना हृदय शिक्षा की ओर, और अपने कान ज्ञान की बातों की ओर लगाना।
- Luke 12:35–40 लूका 12:35–40तुम्हारी कमरें बन्धी रहें, और तुम्हारे दीये जलते रहें। और तुम उन मनुष्यों के समान बनो, जो अपने स्वामी की बाट देख रहे हों, कि वह ब्याह से कब लौटेगा; कि जब वह आकर द्वार खटखटाए,स्राते तुरन्त उसके खोल दें। धन्य हैं वे दास, जिन्हें स्वामी आकर जागते पाए; मैं तुम से सच कहता हूं, कि वह कमर बान्ध कर उन्हें भोजन करने को बैठाएगा, और पास आकर उन की सेवा करेगा। यदि वह रात के दूसरे पहर या तीसरे पहर में आकर उन्हें जागते पाए, तो वे दास धन्य हैं। परन्तु तुम यह जान रखो, कि यदि घर का स्वामी जानता, कि चोर किस घड़ी आएगा, तो जागता रहता, और अपने घर में सेंघ लगने न देता। तुम भी तैयार रहो; क्योंकि जिस घड़ी तुम सोचते भी नहीं, उस घड़ी मनुष्य का पुत्रा आ जावेगा।
- Ecclesiastes 9:10 सभोपदेशक 9:10जो काम तुझे मिले उसे अपनी शक्ति भर करना, क्योंकि अधोलोक में जहां तू जानेवाला है, न काम न युक्ति न ज्ञान और न बुद्धि है।।
- Proverbs 4:5 नीतिवचन 4:5बुद्धि को प्राप्त कर, समझ को भी प्राप्त कर; उनको भूल न जाना, न मेरी बातों को छोड़ना।
- Proverbs 7:1–4 नीतिवचन 7:1–4हे मेरे पुत्रा, मेरी बातों को माना कर, और मेरी आज्ञाओं को अपने मन में रख छोड़। मेरी आज्ञाओं को मान, इस से तू जीवित रहेगा, और मेरी शिक्षा को अपनी आंख की पुतली जान; उनको अपनी उंगलियों में बान्ध, और अपने हृदय की पटिया पर लिख ले। बुद्धि से कह कि, तू मेरी बहिन है, और समझ को अपनी साथिन बना;