Romans · chapter 14 · verse 3
Romans 14:3 in Hindi
और खानेवाला न- खानेवाले को तुच्छ न जाने, और न- खानेवाला खानेवाले पर दोष न लगाए; क्योंकि परमेश्वर ने उसे ग्रहण किया है।
Aur khaanevaalaa na- khaanevaale ko tuchchh na jaane, aur na- khaanevaalaa khaanevaale par dosh na lagaae; kyonki parameshvar ne use grahan kiyaa hai.
Romans 14:3 in English
- King James Version (KJV)
- Let not him that eateth despise him that eateth not; and let not him which eateth not judge him that eateth: for God hath received him.
- World English Bible (WEB)
- Don’t let him who eats despise him who doesn’t eat. Don’t let him who doesn’t eat judge him who eats, for God has accepted him.
- American Standard Version (ASV)
- Let not him that eateth set at nought him that eateth not; and let not him that eateth not judge him that eateth: for God hath received him.
- Bible in Basic English (BBE)
- Let not him who takes food have a low opinion of him who does not: and let not him who does not take food be a judge of him who does; for he has God's approval.
- Darby Translation (DBY)
- Let not him that eats make little of him that eats not; and let not him that eats not judge him that eats: for God has received him.
- Webster's Bible (WBS)
- Let not him that eateth, despise him that eateth not; and let not him who eateth not, judge him that eateth: for God hath received him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- let not him who is eating despise him who is not eating: and let not him who is not eating judge him who is eating, for God did receive him.
Read in context
- 1जो विश्वास के निर्बल है, उसे अपनी संगति में ले लो; परन्तु उसी शंकाओं पर विवाद करने के लिये नहीं।
- 2क्योंकि एक को विश्वास है, कि सब कुछ खाना उचित है, परन्तु जो विश्वास में निर्बल है, वह साग पात ही खाता है।
- 3और खानेवाला न- खानेवाले को तुच्छ न जाने, और न- खानेवाला खानेवाले पर दोष न लगाए; क्योंकि परमेश्वर ने उसे ग्रहण किया है।
- 4तू कौन है जो दूसरे के सेवक पर दोष लगाता है? उसक स्थिर रहता या गिर जाना उसके स्वामी ही से सम्बन्ध रखता है, बरन वह स्थिर ही कर दिया जाएगा; क्योंकि प्रभु उसे स्थिर रख सकता है।
- 5कोई तो एक दिन को दूसरे से बढ़कर जानता है, और कोई सब दिन एक सा जानता है: हर एक अपने ही मन में निश्चय कर ले।
Cross references
- Romans 14:10 रोमियों 14:10तू अपने भाई पर क्यों दोष लगाता है? या तू फिर क्यों अपने भाई को तुच्छ जानता है? हम सब के सब परमेश्वर के न्याय सिंहासन के साम्हने खड़े होंगे।
- Colossians 2:16–17 कुलुस्सियों 2:16–17इसलिये खाने पीने या पर्ब्ब या नए चान्द, या सब्तों के विषय में तुम्हारा कोई फैसला न करे। क्योंकि ये सब आनेवाली बातों की छाया हैं, पर मूल वस्तुएं मसीह की हैं।
- Luke 18:9 लूका 18:9और उस ने कितनो से जो अपने ऊपर भरोसा रखते थे, कि हम धर्मी हैं, और औरों को तुच्छ जानते थे, यह दृष्टान्त कहा।
- Romans 14:13 रोमियों 14:13सो आगे को हम एक दूसरे पर दोष न लगाएं पर तुम यही ठान लो कि कोई अपने भाई के साम्हने ठेस या ठोकर खाने का कारण न रखे।
- 1 Corinthians 10:29–30 1 कुरिन्थियों 10:29–30मेरा मतलब, तेरा विवेक नहीं, परन्तु उस दूसरे का। भला, मेरी स्वतंत्राता दूसरे के विचार से क्यों परखी जाए: यदि मैं धन्यवाद करके साझी होता हूं, तो जिस पर मैं धन्यवाद करता हूं, उसके कारण मेरी बदनामीं क्यों होती है?
- Acts 10:34 प्रेरितों के काम 10:34तब पतरस ने मुंह खोलकर कहा;
- Matthew 11:18–19 मत्ती 11:18–19क्योंकि यूहन्ना न खाता आया और न पीता, और वे कहते हैं कि उस में दुष्टात्मा है। मनुष्य का पुत्रा खाता- पीता आया, और वे कहते हैं कि देखो, पेटू और पियक्कड़ मनुष्य, महसूल लेनेवालों और पापियों का मित्रा; पर ज्ञान अपने कामों में सच्चा ठहराया गया है।
- Romans 14:21 रोमियों 14:21भला तो यह है, कि तू न मांस खाए, और न दाख रस पीए, न और कुछ ऐसा करे, जिस से तेरा भाई ठोकर खाए।
- 1 Corinthians 8:11–13 1 कुरिन्थियों 8:11–13इस रीति से तेरे ज्ञान के कारण वह निर्बल भाई जिस के लिये मसीह मरा नाश हो जाएगा। सो भाइयों का अपराध करने से ओर उन के निर्बल विवेक को चोट देने से तुम मसीह का अपराध करते हो। इस कारण यदि भोजन मेरे भाई को ठोकर खिलाए, तो मैं कभी किसी रीति से मांस न खाऊंगा, न हो कि मैं अपने भाई के ठोकर का कारण बनूं।
- Matthew 7:1–2 मत्ती 7:1–2दोष मत लगाओ, कि तुम पर भी दोष न लगाया जाए। क्योंकि जिस प्रकार तुम दोष लगाते हो, उसी प्रकार तुम पर भी दोष लगाया जाएगा; और जिस नाप से तुम नापते हो, उसी से तुम्हारे लिये भी नापा जाएगा।
- Matthew 18:10 मत्ती 18:10काना होकर जीवन में प्रवेश करना तेरे लिये इस से भला है, कि दो आंख रहते हुए तू नरक की आग में डाला जाए।
- Romans 14:15 रोमियों 14:15यदि तेरा भाई तेरे भोजन के कारण उदास होता है, तो फिर तू प्रेम की रीति से नहीं चलता: जिस के लिये मसीह मरा उस को तू अपने भोजन के द्वारा नाश न कर।
Original words (Greek)
- Let · G1848ἐξουθενέω exouthenéō
- not · G3361μή mḗ
- eateth · G2068ἐσθίω esthíō
- despise · G1848ἐξουθενέω exouthenéō
- eateth · G2068ἐσθίω esthíō
- not · G3361μή mḗ
- and · G2532καί kaí
- let · G2919κρίνω krínō
- not · G3361μή mḗ
- eateth · G2068ἐσθίω esthíō
- not · G3361μή mḗ
- judge · G2919κρίνω krínō
- eateth · G2068ἐσθίω esthíō
- for · G1063γάρ gár
- God · G2316θεός theós
- received · G4355προσλαμβάνω proslambánō
- him · G846αὐτός autós