Romans · chapter 4 · verse 7
Romans 4:7 in Hindi
कि धन्य वे हैं, जिन के अधर्म क्षमा हुए, और जिन के पाप ढ़ापे गए।
Ki dhany ve haim, jin ke adharm kshamaa hue, aur jin ke paap dhaape gae.
Romans 4:7 in English
- King James Version (KJV)
- [Saying], Blessed [are] they whose iniquities are forgiven, and whose sins are covered.
- World English Bible (WEB)
- “Blessed are they whose iniquities are forgiven, whose sins are covered.
- American Standard Version (ASV)
- [saying], Blessed are they whose iniquities are forgiven, And whose sins are covered.
- Bible in Basic English (BBE)
- Happy are those who have forgiveness for their wrongdoing, and whose sins are covered.
- Darby Translation (DBY)
- Blessed [they] whose lawlessnesses have been forgiven, and whose sins have been covered:
- Webster's Bible (WBS)
- [Saying] , Blessed [are] they whose iniquities are forgiven, and whose sins are covered.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Happy they whose lawless acts were forgiven, and whose sins were covered;
Read in context
- 5परन्तु जो काम नहीं करता बरन भक्तिहीन के धर्मी ठहरानेवाले पर विश्वास करता है, उसका विश्वास उसके लिये धार्मिकता गिना जाता है।
- 6जिसे परमेश्वर बिना कमों के धर्मी ठहराता है, उसे दाऊद भी धन्य कहता है।
- 7कि धन्य वे हैं, जिन के अधर्म क्षमा हुए, और जिन के पाप ढ़ापे गए।
- 8धन्य है वह मनुष्य जिसे परमेश्वर पापी न ठहराए।
- 9तो यह धन्य कहना, क्या खतनावालों ही के लिये है, या खतनारहितों के लिये भी? हम यह कहते हैं, कि इब्राहीम के लिये उसका विश्वास धार्मिकता गिना गया।
Cross references
- Psalm 32:1–2 भजन संहिता 32:1–2क्या ही धन्य है वह जिसका अपराध क्षमा किया गया, और जिसका पाप ढ़ापा गया हो। क्या ही धन्य है वह मनुष्य जिसके अधर्म का यहोवा लेखा न ले, और जिसकी आत्मा में कपट न हो।।
- Psalm 130:3–4 भजन संहिता 130:3–4हे याह, यदि तू अधर्म के कामों का लेखा ले, तो हे प्रभु कौन खड़ा रह सकेगा? परन्तु तू क्षमा करनेवाला है? जिस से तेरा भय माना जाए।
- Luke 7:47–50 लूका 7:47–50इसलिये मैं तुझ से कहता हूं; कि इस के पाप जो बहुत थे, क्षमा हुए, क्योंकि इस ने बहुत प्रेम किया; पर जिस का थोड़ा क्षमा हुआ है, वह थोड़ा प्रेम करता है। और उस ने स्त्री से कहा, तेरे पाप क्षमा हुए। तब जो लोग उसके साथ भोजन करने बैठे थे, वे अपने अपने मन में सोचने लगे, यह कौन है जो पापों को भी क्षमा करता है? पर उस ने स्त्री से कहा, तेरे विश्वास ने तुझे बचा लिया है, कुशल से चली जा।।
- Psalm 85:2 भजन संहिता 85:2तू ने अपनी प्रजा के अधर्म को क्षमा किया है; और उसके सब पापों को ढांप दिया है।
- Micah 7:18–20 मीका 7:18–20तेरे समान ऐसा परमेश्वर कहां है जो अधर्म को क्षमा करे और अपने निज भाग के बचे हुओं के अपराध को ढांप दे? वह अपने क्रोध को सदा बनाए नहीं रहता, क्योंकि वह करूणा से प्रीति रखता है। वह फिर हम पर दया करेगा, और हमारे अधर्म के कामों को लताड़ डालेगा। तू उनके सब पापों को गहिरे समुद्र में डाल देगा। तू याकूब के विषय में वह सच्चई, और इब्राहीम के विषय में वह करूणा पूरी करेगा, जिस की शपथ तू प्राचीनकाल के दिनों से लेकर अब तक हमारे पितरों से खाता आया है।।
- Psalm 51:8–9 भजन संहिता 51:8–9मुझे हर्ष और आनन्द की बातें सुना, जिस से जो हडि्डयां तू ने तोड़ डाली हैं वह मगन हो जाएं। अपना मुख मेरे पापों की ओर से फेर ले, और मेरे सारे अधर्म के कामों को मिटा डाल।।
- Isaiah 40:1–2 यशायाह 40:1–2तुम्हारा परमेश्वर यह कहता है, मेरी प्रजा को शान्ति दो, शान्ति! यरूशलेम से शान्ति की बातें कहो; और उस से पुकारकर कहो कि तेरी कठिन सेवा पूरी हुई है, तेरे अधर्म का दण्ड अंगीकार किया गया है: यहोवा के हाथ से तू अपने सब पापों का दूना दण्ड पा चुका है।।
- Matthew 9:2 मत्ती 9:2और देखो, कई लोग एक झोले के मारे हुए को खाट पर रखकर उसके पास लाए; यीशु ने उन का विश्वास देखकर, उस झोले के मारे हुए से कहा; हे पुत्रा, ढाढ़स बान्ध; तेरे पाप क्षमा हुए।
- Jeremiah 33:8–9 यिर्मयाह 33:8–9मैं उन को उनके सारे अधर्म और पाप के काम से शुद्ध करूंगा जो उन्होंने मेरे विरुद्ध किए हैं; और उन्होंने जितने अधर्म और अपराध के काम मेरे विरुद्ध किए हैं, उन सब को मैं क्षमा करूंगा। क्योंकि वे वह सब भलाई के काम सुनेंगे जो मैं उनके लिये करूंगा और वे सब कल्याण और शान्ति की चर्चा सुनकर जो मैं उन से करूंगा, डरेंगे और थरथराएंगे; वे पृथ्वी की उन जातियों की दृष्टि में मेरे लिये हर्षाने वाले और स्तुति और शोभा का कारण हो जाएंगे।