Matthew · chapter 9 · verse 2
Matthew 9:2 in Hindi
और देखो, कई लोग एक झोले के मारे हुए को खाट पर रखकर उसके पास लाए; यीशु ने उन का विश्वास देखकर, उस झोले के मारे हुए से कहा; हे पुत्रा, ढाढ़स बान्ध; तेरे पाप क्षमा हुए।
Aur dekho, kaee log ek jhole ke maare hue ko khaat par rakhakar usake paas laae; yeeshu ne un kaa vishvaas dekhakar, us jhole ke maare hue se kahaa; he putraa, dhaadhas baandh; tere paap kshamaa hue.
Matthew 9:2 in English
- King James Version (KJV)
- And, behold, they brought to him a man sick of the palsy, lying on a bed: and Jesus seeing their faith said unto the sick of the palsy; Son, be of good cheer; thy sins be forgiven thee.
- World English Bible (WEB)
- Behold, they brought to him a man who was paralyzed, lying on a bed. Jesus, seeing their faith, said to the paralytic, “Son, cheer up! Your sins are forgiven you.”
- American Standard Version (ASV)
- And behold, they brought to him a man sick of the palsy, lying on a bed: and Jesus seeing their faith said unto the sick of the palsy, Son, be of good cheer; thy sins are forgiven.
- Bible in Basic English (BBE)
- And they took to him a man stretched on a bed who had no power of moving; and Jesus, seeing their faith, said to the man who was ill, Son, take heart; you have forgiveness for your sins.
- Darby Translation (DBY)
- And behold, they brought to him a paralytic, laid upon a bed; and Jesus, seeing their faith, said to the paralytic, Be of good courage, child; thy sins are forgiven.
- Webster's Bible (WBS)
- And behold, they brought to him a man sick with the palsy, lying on a bed: and Jesus, seeing their faith, said to the sick of the palsy, Son, be of good cheer; thy sins are forgiven thee.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and lo, they were bringing to him a paralytic, laid upon a couch, and Jesus having seen their faith, said to the paralytic, 'Be of good courage, child, thy sins have been forgiven thee.'
Read in context
- 1फिर वह नाव पर चढ़कर पार गया; और अपने नगर में आया।
- 2और देखो, कई लोग एक झोले के मारे हुए को खाट पर रखकर उसके पास लाए; यीशु ने उन का विश्वास देखकर, उस झोले के मारे हुए से कहा; हे पुत्रा, ढाढ़स बान्ध; तेरे पाप क्षमा हुए।
- 3और देखो, कई शास्त्रियों ने सोचा, कि यह तो परमेश्वर की निन्दा करता है।
- 4यीशु ने उन के मन की बातें मालूम करके कहा, कि तुम लोग अपने अपने मन में बुरा विचार क्यों कर रहे हो?
Cross references
- Mark 2:1–12 मरकुस 2:1–12कई दिन के बाद वह फिर कफरनहूम में आया और सुना गया, कि वह घर में है। फिर इतने लोग इकट्ठे हुए, कि द्वार के पास भी जगह नहीं मिली; और वह उन्हें वचन सुना रहा था। और लोग एक झोले के मारे हुए को चार मनुष्यों से उठवाकर उसके पास ले आए। परन्तु जब वे भीड़ के कारण उसके निकट न पंहुच सके, तो उन्हों ने उस छत को जिस के नीचे वह था, खोल दिया और जब उसे उधेड़ चुके, तो उस खाट को जिस पर झोले का मारा हुआ पड़ा था, लटका दिया। यीशु न, उन का विश्वास देखकर, उस झोले के मारे हुए से कहा; हे पुत्रा, तेरे पाप क्षमा हुए। तब कई एक शास्त्री जो वहां बैठे थे, अपने अपने मन में विचार करने लगे। कि यह मनुष्य क्यों ऐसा कहता है? यह तो परमेश्वर की निन्दा करता है, परमेश्वर को छोड़ और कोन पाप क्षमा कर सकता है? यीशु ने तुरन्त अपनी आत्मा में जान लिया, कि वे अपने अपने मन में ऐसा विचार कर रहे हैं, और उन से कहा, तुम अपने अपने मन में यह विचार क्यों कर रहे हो? सहज क्या है? क्या झोले के मारे से यह कहता कि तेरे पाप क्षमा हुए, या यह कहना, कि उठ अपनी खाट उठा कर चल फिर? परन्तु जिस से तुम जान लो कि मनुष्य के पुत्रा को पृथ्वी पर पाप क्षमा करने का भी अधिकार है (उस ने उस झोले के मारे हुए से कहा)। मैं तुझ से कहता हूं; उठ, अपनी खाट उठाकर अपने घर चला जा। और वह उठा, और तुरन्त खाट उठाकर और सब के साम्हने से निकलकर चला गया, इस पर सब चकित हुए, और परमेश्वर की बड़ाई करके कहने लगे, कि हम ने ऐसा कभी नहीं देखा।।
- Luke 5:18–26 लूका 5:18–26और देखो कई लोग एक मनुष्य को जो झोले का मारा हुआ था, खाट पर लाए, और वे उसे भीतर ले जाने और यीशु के साम्हने रखने का उपाय ढूंढ़ रहे थे। और जब भीड़ के कारण उसे भीतर न ले जा सके तो उन्हों ने कोठे पर चढ़ कर और खप्रैल हटाकर, उसे खाट समेत बीच में यीशु के साम्हने उतरा दिया। उस ने उन का विश्वास देखकर उस से कहा; हे मनुष्य, तेरे पाप क्षमा हुए। तब शास्त्री और फरीसी विवाद करने लगे, कि यह कौन है, जो परमेश्वर की निन्दा करता है? परमेश्वर का छोड़ कौन पापों की क्षमा कर सकता है? यीशु ने उन के मन की बातें जानकर, उन से कहा कि तुम अपने मनों में क्या विवाद कर रहे हो? सहज क्या है? क्या यह कहना, कि तेरे पाप क्षमा हुए, या यह कहना कि उठ, और चल फिर? परन्तु इसलिये कि तुम जानो कि मनुष्य के पुत्रा को पृथ्वी पर पाप क्षमा करने का भी अधिकार है (उस ने उस झोले के मारे हुए से कहा), मैं तुझ से कहता हूं, उठ और अपनी खाट उठाकर अपने घर चला जा। वह तुरन्त उन के साम्हने उठा, और जिस पर वह पड़ा था उसे उठाकर, परमेश्वर की बड़ाई करता हुआ अपने घर चला गया। तब सब चकित हुए और परमेश्वर की बड़ाई करने लगे, और बहुत डरकर कहने लगे, कि आज हम ने अनोखी बातें देखी हैं।।
- Jeremiah 31:33–34 यिर्मयाह 31:33–34परन्तु जो वाचा मैं उन दिनों के बाद इस्राएल के घराने से बान्धूंगा, वह यह है: मैं अपनी व्यवस्था उनके मन में समवाऊंगा, और उसे उनके हृदय पर लिखूंगा; और मैं उनका परमेश्वर ठहरूंगा, और वे मेरी प्रजा ठहरेंगे, यहोवा की यह वाणी है। और तब उन्हें फिर एक दूसरे से यह न कहना पड़ेगा कि यहोवा को जानो, क्योंकि, यहोवा की यह वाणी है कि छोटे से ले कर बड़े तक, सब के सब मेरा ज्ञान रखेंगे; क्योंकि मैं उनका अधर्म क्षमा करूंगा, और उनका पाप फिर स्मरण न करूंगा।
- Matthew 9:22 मत्ती 9:22यीशु ने फिरकर उसे देखा, और कहा; पुत्री ढाढ़स बान्ध; तेरे विश्वास ने तुझे चंगा किया है; सो वह स्त्री उसी घड़ी चंगी हो गई।
- Psalm 32:1–2 भजन संहिता 32:1–2क्या ही धन्य है वह जिसका अपराध क्षमा किया गया, और जिसका पाप ढ़ापा गया हो। क्या ही धन्य है वह मनुष्य जिसके अधर्म का यहोवा लेखा न ले, और जिसकी आत्मा में कपट न हो।।
- Luke 7:47–50 लूका 7:47–50इसलिये मैं तुझ से कहता हूं; कि इस के पाप जो बहुत थे, क्षमा हुए, क्योंकि इस ने बहुत प्रेम किया; पर जिस का थोड़ा क्षमा हुआ है, वह थोड़ा प्रेम करता है। और उस ने स्त्री से कहा, तेरे पाप क्षमा हुए। तब जो लोग उसके साथ भोजन करने बैठे थे, वे अपने अपने मन में सोचने लगे, यह कौन है जो पापों को भी क्षमा करता है? पर उस ने स्त्री से कहा, तेरे विश्वास ने तुझे बचा लिया है, कुशल से चली जा।।
- Colossians 1:12–14 कुलुस्सियों 1:12–14और पिता का धन्यवाद करते रहो, जिस ने हमें इस योग्य बनाया कि ज्योति में पवित्रा लोगों के साथ मीरास में समभागी हों। उसी ने हमें अन्धकार के वश से छुड़ाकर अपने प्रिय पुत्रा के राज्य में प्रवेश कराया। जिस से हमें छुटकारा अर्थात् पापों की क्षमा प्राप्त होती है।
- James 2:18 याकूब 2:18बरन कोई कह सकता है कि तुझे विश्वास है, और मैं कर्म करता हूं: तू अपना विश्वास मुझे कर्म बिना तो दिखा; और मैं अपना विश्वास अपने कर्मों के द्वारा तुझे दिखाऊंगा।
- Romans 4:6–8 रोमियों 4:6–8जिसे परमेश्वर बिना कमों के धर्मी ठहराता है, उसे दाऊद भी धन्य कहता है। कि धन्य वे हैं, जिन के अधर्म क्षमा हुए, और जिन के पाप ढ़ापे गए। धन्य है वह मनुष्य जिसे परमेश्वर पापी न ठहराए।
- Acts 19:12 प्रेरितों के काम 19:12यहां तक कि रूमाल और अंगोछे उस की देह से छुलवाकर बीमारों पर डालते थे, और उन की बीमारियां जाती रहती थी; और दुष्टात्माएं उन में से निकल जाया करती थीं।
- Matthew 8:16 मत्ती 8:16जब संध्या हुई तब वे उसके पास बहुत से लोगों को लाए जिन में दुष्टात्माएं थीं और उस ने उन आत्माओं को अपने वचन से निकाल दिया, और सब बीमारों को चंगा किया।
- Matthew 4:24 मत्ती 4:24और सारे सूरिया में उसका यश फैल गया; और लोग सब बीमारों को, जो नाना प्रकार की बीमारियों और दुखों में जकड़े हुए थे, और जिन में दुष्टात्माएं थीं और मिर्गीवालों और झोले के मारे हुओं को उसके पास लाए और उस ने उन्हें चंगा किया।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- behold · G2400ἰδού idoú
- brought · G4374προσφέρω prosphérō
- him · G846αὐτός autós
- palsy · G3885παραλυτικός paralytikós
- lying · G906βάλλω bállō
- on · G1909ἐπί epí
- bed · G2825κλίνη klínē
- and · G2532καί kaí
- Jesus · G2424Ἰησοῦς Iēsoûs
- seeing · G1492εἴδω eídō
- their · G846αὐτός autós
- faith · G4102πίστις pístis
- said · G2036ἔπω épō
- palsy · G3885παραλυτικός paralytikós