Ruth · chapter 1 · verse 6
Ruth 1:6 in Hindi
तब वह मोआब के देश में यह सुनकर, कि यहोवा ने अपनी प्रजा के लोगों की सुधि लेके उन्हें भोजनवस्तु दी है, उस देश से अपनी दोनों बहुओं समेत लौट जाने को चली।
Tab vah moaab ke desh mem yah sunakar, ki yahovaa ne apanee prajaa ke logom kee sudhi leke unhem bhojanavastu dee hai, us desh se apanee donom bahuom samet laut jaane ko chalee.
Ruth 1:6 in English
- King James Version (KJV)
- Then she arose with her daughters in law, that she might return from the country of Moab: for she had heard in the country of Moab how that the LORD had visited his people in giving them bread.
- World English Bible (WEB)
- Then she arose with her daughters-in-law, that she might return from the country of Moab; for she had heard in the country of Moab how the LORD had visited his people in giving them bread.
- American Standard Version (ASV)
- Then she arose with her daughters-in-law, that she might return from the country of Moab: for she had heard in the country of Moab how that Jehovah had visited his people in giving them bread.
- Bible in Basic English (BBE)
- So she and her daughters-in-law got ready to go back from the country of Moab, for news had come to her in the country of Moab that the Lord, in mercy for his people, had given them food.
- Darby Translation (DBY)
- And she arose, she and her daughters-in-law, and returned from the fields of Moab; for she had heard in the fields of Moab how that Jehovah had visited his people to give them bread.
- Webster's Bible (WBS)
- Then she arose with her daughters-in-law, that she might return from the country of Moab: for she had heard in the country of Moab how that the LORD had visited his people in giving them bread.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And she riseth, she and her daughters-in-law, and turneth back from the fields of Moab, for she hath heard in the fields of Moab that God hath looked after His people, — to give to them bread.
Read in context
- 4और इन्हों ने एक एक मोआबिन ब्याह ली; एक स्त्री का नाम ओर्पा और दूसरी का नाम रूत था। फिर वे वहां कोई दस वर्ष रहे।
- 5जब महलोन और किल्योन दोनों मर गए, तब नाआमी अपने दोनों पुत्रों और पति से रहित हो गई।
- 6तब वह मोआब के देश में यह सुनकर, कि यहोवा ने अपनी प्रजा के लोगों की सुधि लेके उन्हें भोजनवस्तु दी है, उस देश से अपनी दोनों बहुओं समेत लौट जाने को चली।
- 7तब वह अपनी दोनों बहुओं समेत उस स्थान से जहां रहती थीं निकलीं, और उन्होने यहूदा देश को लौट जाने का मार्ग लिया।
- 8तब नाओमी ने अपनी दोनो बहुओं से कहा, तुम अपने अपने मैके लौट जाओ। और जैसे तुम ने उन से जो मर गए हैं और मुझ से भी प्रीति की है, वैसे ही यहोवा तुम्हारे ऊपर कृपा करे।
Cross references
- Psalm 132:15 भजन संहिता 132:15मैं इस में की भोजनवस्तुओं पर अति आशीष दूंगा; और इसके दरिद्रों को रोटी से तृप्त करूंगा।
- Psalm 111:5 भजन संहिता 111:5उस ने अपने डरवैयों को आहार दिया है; वह अपनी वाचा को सदा तक स्मरण रखेगा।
- Exodus 4:31 निर्गमन 4:31और लोगों ने उनकी प्रतीति की; और यह सुनकर, कि यहोवा ने इस्राएलियों की सुधि ली और उनके दु:खों पर दृष्टि की है, उन्होंने सिर झुका कर दण्डवत की॥
- Luke 1:68 लूका 1:68कि प्रभु इस्राएल का परमेश्वर धन्य हो, कि उस ने अपने लोगों पर दृष्टि की और उन का छुटकारा किया है।
- Exodus 3:16 निर्गमन 3:16इसलिये अब जाकर इस्राएली पुरनियों को इकट्ठा कर, और उन से कह, कि तुम्हारे पितर इब्राहीम, इसहाक, और याकूब के परमेश्वर, यहोवा ने मुझे दर्शन देकर यह कहा है, कि मैं ने तुम पर और तुम से जो बर्ताव मि में किया जाता है उस पर भी चित लगाया है;
- Matthew 6:11 मत्ती 6:11हमारी दिन भर की रोटी आज हमें दे।
- Isaiah 55:10 यशायाह 55:10जिस प्रकार से वर्षा और हिम आकाश से गिरते हैं और वहां यों ही लौट नहीं जाते, वरन भूमि पर पड़कर उपज उपजाते हैं जिस से बोलनेवाले को बीज और खानेवाले को रोटी मिलती है,
- Luke 19:44 लूका 19:44और तुझे और तेरे बालकों को जो तुझ में हैं, मिट्टी में मिलाएंगे, और तुझ में पत्थर पर पत्थर भी न छोड़ेंगे; क्योंकि तू ने वह अवसर जब तुझ पर कृपा दृष्टि की गई न पहिचाना।।
- 1 Samuel 2:21 1 शमूएल 2:21और यहोवा ने हन्ना की सुधि ली, और वह गर्भवती हुई ओर उसके तीन बेटे और दो बेटियां उत्पन्न हुई। और शमूएल बालक यहोवा के संग रहता हुआ बढ़ता गया।
- Exodus 16:4–6 निर्गमन 16:4–6तब यहोवा ने मूसा से कहा, देखो, मैं तुम लोगों के लिये आकाश से भोजन वस्तु बरसाऊंगा; और ये लोग प्रतिदिन बाहर जाकर प्रतिदिन का भोजन इकट्ठा करेंगे, इस से मैं उनकी परीक्षा करूंगा, कि ये मेरी व्यवस्था पर चलेंगे कि नहीं। और ऐसा होगा कि छठवें दिन वह भोजन और दिनों से दूना होगा, इसलिये जो कुछ वे उस दिन बटोरें उसे तैयार कर रखें। तब मूसा और हारून ने सारे इस्राएलियों से कहा, सांझ को तुम जान लोगे कि जो तुम को मि देश से निकाल ले आया है वह यहोवा है।
- Jeremiah 29:10 यिर्मयाह 29:10यहोवा यों कहता है कि वाबुल के सत्तर वर्ष पूरे होने पर मैं तुम्हारी सुधि लूंगा, और अपना यह मनभवना वचन कि मैं तुम्हें इस स्थान में लौटा ले आऊंगा, पूरा करूंगा।
- Zephaniah 2:7 सपन्याह 2:7अर्थात् वही समुद्रतीर यहूदा के घराने के बचे हुओं को मिलेगी, वे उस पर चराएंगे; वे अश्कलोन के छोड़े हुए घरों में सांझ को लेटेंगे, क्योंकि उनका परमेश्वर यहोवा उनकी सुधि लेकर उनके बंधुओं को लौटा ले जाएगा।।
Original words (Hebrew)
- arose · H6965קוּם qûwm
- law · H3618כַּלָּה kallâh
- return · H7725שׁוּב shûwb
- country · H7704שָׂדֶה sâdeh
- Moab · H4124מוֹאָב Môwʼâb
- heard · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- country · H7704שָׂדֶה sâdeh
- Moab · H4124מוֹאָב Môwʼâb
- visited · H6485פָּקַד pâqad
- people · H5971עַם ʻam
- giving · H5414נָתַן nâthan
- bread · H3899לֶחֶם lechem