Song of Solomon · chapter 3 · verse 8
Song of Solomon 3:8 in Hindi
वे सब के सब तलवार बान्धनेवाले और युद्ध विद्या में निपुण हैं। प्रत्येक पुरूष रात के डर से जांघ पर तलवार लटकाए रहता है।
Ve sab ke sab talavaar baandhanevaale aur yuddh vidyaa mem nipun hain. Pratyek puroosh raat ke dar se jaangh par talavaar latakaae rahataa hai.
Song of Solomon 3:8 in English
- King James Version (KJV)
- They all hold swords, [being] expert in war: every man [hath] his sword upon his thigh because of fear in the night.
- World English Bible (WEB)
- They all handle the sword, and are expert in war. Every man has his sword on his thigh, because of fear in the night.
- American Standard Version (ASV)
- They all handle the sword, [and] are expert in war: Every man hath his sword upon his thigh, Because of fear in the night.
- Bible in Basic English (BBE)
- All of them armed with swords, trained in war; every man has his sword at his side, because of fear in the night.
- Darby Translation (DBY)
- They all hold the sword, Experts in war; Each hath his sword upon his thigh Because of alarm in the nights.
- Webster's Bible (WBS)
- They all hold swords, [being] expert in war: every man [hath] his sword upon his thigh because of fear in the night.
- Young's Literal Translation (YLT)
- All of them holding sword, taught of battle, Each his sword by his thigh, for fear at night.
Read in context
- 6यह क्या है जो धूएं के खम्भे के समान, गन्धरस और लोबान से सुगन्धित, और व्योपारी की सब भांति की बुकनी लगाए हुए जंगल से निकला आता है?
- 7देखो, यह सुलैमान की पालकी है! उसके चारों ओर इस्राएल के शूरवीरों में के साठ वीर चल रहे हैं।
- 8वे सब के सब तलवार बान्धनेवाले और युद्ध विद्या में निपुण हैं। प्रत्येक पुरूष रात के डर से जांघ पर तलवार लटकाए रहता है।
- 9सुलैमान राजा ने अपने लिये लबानोन के काठ की एक बड़ी पालकी बनावा ली।
- 10उस ने उसके खम्भे चान्दी के, उसका सिरहाना सोने का, और गद्दी अर्गवानी रंग की बनवाई हे; और उसके बीच का स्थान यरूशलेम की पुत्रियों की ओर से बड़े प्रेम से जड़ा गया है।
Cross references
- Psalm 45:3 भजन संहिता 45:3हे वीर, तू अपनी तलवार को जो तेरा विभव और प्रताप है अपनी कटि पर बान्ध!
- Isaiah 27:3 यशायाह 27:3मैं यहोवा उसकी रक्षा करता हूं; मैं क्षण क्षण उसको सींचता रहूंगा। ऐसा न हो कि कोई उसकी हाति करे।
- Psalm 149:5–9 भजन संहिता 149:5–9भक्त लोग महिमा के कारण प्रफुल्लित हों; और अपने बिछौनों पर भी पड़े पड़े जयजयकार करें। उनके कण्ठ से ईश्वर की प्रशंसा हो, और उनके हाथों में दोधारी तलवारें रहें, कि वे अन्यजातियों से पलटा ले सकें; और राज्य राज्य के लोगों को ताड़ना दें, और उनके राजाओं को सांकलों से, और उनके प्रतिष्ठित पुरूषों को लोहे की बेड़ियों से जकड़ रखें, और उनको ठहराया हुआ दण्ड दें! उसके सब भक्तों की ऐसी ही प्रतिष्ठा होगी। याह की स्तुति करो।
- 1 Thessalonians 5:6–8 1 थिस्सलुनीकियों 5:6–8इसलिये हम औरों की नाई सोते न रहें, पर जागते और सावधान रहें। क्योंकि जो सोते हैं, वे रात ही को सोतें हैं, और जो मतवाले होते हैं, वे रात ही को मतवाले होते हैं। पर हम तो दिन के हैं, विश्वास और प्रेम की झिलम पहिनकर और उद्धार की टोप पहिनकर सावधान रहें।
- Ephesians 6:16–18 इफिसियों 6:16–18और उन सब के साथ विश्वास की ढाल लेकर स्थिर रहो जिस से तुम उस दुष्ट के सब जलते हुए तीरों को बुझा सको। और उद्धार का टोप, और आत्मा की तलवार जो परमेश्वर का वचन है, ले लो। और हर समय और हर प्रकार से आत्मा में प्रार्थना, और बिनती करते रहो, और इसी लिये जागते रहो, कि सब पवित्रा लोगों के लिये लगातार बिनती किया करो।
- Nehemiah 4:21–22 नहेमायाह 4:21–22यों हम काम में लगे रहे, और उन में आधे, पौ फटने से तारों के निकलने तक बर्छियां लिये रहते थे। फिर उसी समय मैं ने लोगों से यह भी कहा, कि एक एक मनुष्य अपने दास समेत यरूशलेम के भीतर रात बिताया करे, कि वे रात को तो हमारी रखवाली करें, और दिन को काम में लगे रहें।
- Psalm 91:5 भजन संहिता 91:5तू न रात के भय से डरेगा, और न उस तीर से जो दिन को उड़ता है,