Acts · chapter 18 · verse 3
Acts 18:3 in Hindi
और उसका और उन का एक ही उद्यम था; इसलिये वह उन के साथ रहा, और वे काम करने लगे, और उन का उद्यम तम्बू बनाने का था।
Aur usakaa aur un kaa ek hee udyam thaa; isaliye vah un ke saath rahaa, aur ve kaam karane lage, aur un kaa udyam tamboo banaane kaa thaa.
Acts 18:3 in English
- King James Version (KJV)
- And because he was of the same craft, he abode with them, and wrought: for by their occupation they were tentmakers.
- World English Bible (WEB)
- and because he practiced the same trade, he lived with them and worked, for by trade they were tent makers.
- American Standard Version (ASV)
- and because he was of the same trade, he abode with them, and they wrought; for by their trade they were tentmakers.
- Bible in Basic English (BBE)
- And because he was of the same trade, he was living with them, and they did their work together; for by trade they were tent-makers.
- Darby Translation (DBY)
- and because they were of the same trade abode with them, and wrought. For they were tent-makers by trade.
- Webster's Bible (WBS)
- And because he was of the same occupation, he abode with them, and wrought (for by their occupation they were tent-makers)
- Young's Literal Translation (YLT)
- and because of being of the same craft, he did remain with them, and was working, for they were tent-makers as to craft;
Read in context
- 1इस के बाद पौलुस अथेने को छोड़कर कुरिन्थुस में आया।
- 2और वहां अक्विला नाम एक यहूदी मिला, जिस का जन्म पुन्तुस का था; और अपनी पत्नी प्रिस्किल्ला समेत इतालिया से नया आया था, क्योंकि क्लौदियुस ने सब यहूदियों को रोम से निकल जाने की आज्ञा दी थी, सो वह उन के यहां गया।
- 3और उसका और उन का एक ही उद्यम था; इसलिये वह उन के साथ रहा, और वे काम करने लगे, और उन का उद्यम तम्बू बनाने का था।
- 4और वह हर एक सब्त के दिन आराधनालय में वाद- विवाद करके यहूदियों और यूनानियों को भी समझाता था।।
- 5जब सीलास और तीमुथियुस मकिदुनिया से आए, तो पौलुस वचन सुनाने की धुन में लगकर यहूदियों को गवाही देता था कि यीशु ही मसीह है।
Cross references
- 1 Thessalonians 2:9 1 थिस्सलुनीकियों 2:9क्योंकि, हे भाइयों, तुम हमारे परिश्रम और कष्ट को स्मरण रखते हो, कि हम ने इसलिये रात दिन काम अन्धा करते हुए तुम में परमेश्वर का सुसमाचार प्रचार किया, कि तुम में से किसी पर भार न हों।
- 1 Corinthians 4:12 1 कुरिन्थियों 4:12लोग बुरा कहते हैं, हम आशीष देते हैं; वे सताते हैं, हम सहते हैं।
- 2 Corinthians 11:9 2 कुरिन्थियों 11:9ओर जब तुम्हारे साथ था, और मुझे घटी हुई, तो मैं ने किसी पर भार नहीं दिया, क्योंकि भाइयों ने, मकिदुनिया से आकर मेरी घटी को परी की: और मैं ने हर बात में अपने आप को तुम पर भार होने से रोका, और रोके रहूंगा।
- 2 Thessalonians 3:8–9 2 थिस्सलुनीकियों 3:8–9और किसी की रोटी सेंत में न खाई; पर परिश्रम और कष्ट से रात दिन काम धन्धा करते थे, कि तुम में से किसी पर भार न हो। यह नहीं, कि हमें अधिकार नहीं; पर इसलिये कि अपने आप को तुम्हारे लिये आदर्श ठहराएं, कि तुम हमारी सी चाल चलो।
- 2 Corinthians 11:7 2 कुरिन्थियों 11:7क्या इस में मैं ने कुछ पाप किया; कि मैं ने तुम्हें परमेश्वर का सुसमाचार सेंत मेंत सुनाया; और अपने आप को नीचा किया, कि तुम ऊंचे हो जाओ?
- 2 Corinthians 12:13 2 कुरिन्थियों 12:13तुम कोैन सी बात में और कलीसियों से कम थे, केवल इस में कि मैं ने तुम पर अपना भार न रखा: मेरा यह अन्याय क्षमा करो।
- 1 Corinthians 9:6–12 1 कुरिन्थियों 9:6–12या केवल मुझे और बरनबास को अधिकार नहीं कि कमाई करना छोड़ें। कौन कभी अपनी गिरह से खाकर सिपाही का काम करता है: कौन दाख की बारी लगाकर उसका फल नहीं खाता? कौन भेड़ों की रखवाली करके उन का दूध नहीं पीता? क्या मैं ये बातें मनुष्य ही की रीति पर बोलता हूं? क्या व्यवस्था भी यही नहीं कहती? क्योंकि मूसा की व्यवस्था में लिखा है कि दांए में चलते हुए बैल का मुंह न बान्धना: क्या परमेश्वर बैलों ही की चिन्ता करता है? या विशेष करके हमारे लिये कहता है। हां, हमारे लिये ही लिखा गया, क्योंकि उचित है, कि जातनेवाला आशा से जोते, और दावनेवाला भागी होने की आशा से दावनी करे। सो जब कि हम ने तुम्हारे लिये आत्मिक वस्तुएं बोई, तो क्या यह कोई बड़ी बात है, कि तुम्हारी शारीरिक वस्तुओं की फसल काटें। जब औरों का तुम पर यह अधिकार है, तो क्या हमारा इस से अधिक न होगा? परन्तु हम यह अधिकार काम में नहीं लाए; परन्तु सब कुछ सहते हैं, कि हमारे द्वारा मसीह के सुसमाचार की कुछ रोक न हो।
- Acts 20:34–35 प्रेरितों के काम 20:34–35तुम आप ही जानते हो कि इन्हीं हाथों ने मेरी और मेरे साथियों की आवश्यकताएं पूरी कीं। मैं ने तुम्हें सब कुछ करके दिखाया, कि इस रीति से परिश्रम करते हुए निर्बलों को सम्भालना, और प्रभु यीशु की बातें स्मरण रखना अवश्य है, कि उस ने आप ही कहा है; कि लेने से देना धन्य है।।