Acts · chapter 24 · verse 25
Acts 24:25 in Hindi
और जब वह धर्म और संयम और आनेवाले न्याय की चर्चा करता था, तो फेलिक्स ने भयमान होकर उत्तर दिया, कि अभी तो जा: अवसर पाकर मैं तुझे फिर बुलाऊंगा।
Aur jab vah dharm aur sanyam aur aanevaale nyaay kee charchaa karataa thaa, to pheliks ne bhayamaan hokar uttar diyaa, ki abhee to jaa: avasar paakar maim tujhe phir bulaaoongaa.
Acts 24:25 in English
- King James Version (KJV)
- And as he reasoned of righteousness, temperance, and judgment to come, Felix trembled, and answered, Go thy way for this time; when I have a convenient season, I will call for thee.
- World English Bible (WEB)
- As he reasoned about righteousness, self-control, and the judgment to come, Felix was terrified, and answered, “Go your way for this time, and when it is convenient for me, I will summon you.”
- American Standard Version (ASV)
- And as he reasoned of righteousness, and self-control, and the judgment to come, Felix was terrified, and answered, Go thy way for this time; and when I have a convenient season, I will call thee unto me.
- Bible in Basic English (BBE)
- And while he was talking about righteousness and self-control and the judging which was to come, Felix had great fear and said, Go away for the present, and when the right time comes I will send for you.
- Darby Translation (DBY)
- And as he reasoned concerning righteousness, and temperance, and the judgment about to come, Felix, being filled with fear, answered, Go for the present, and when I get an opportunity I will send for thee;
- Webster's Bible (WBS)
- And as he reasoned of righteousness, temperance, and judgment to come, Felix trembled, and answered, depart for this time; when I have a convenient season, I will call for thee.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and he reasoning concerning righteousness, and temperance, and the judgment that is about to be, Felix, having become afraid, answered, 'For the present be going, and having got time, I will call for thee;'
Read in context
- 23और सूबेदार को आज्ञा दी, कि पौलुस को सुख से रखकर रखवाली करना, और उसके मित्रों में से किसी को भी उस की सेवा करने से न रोकना।।
- 24कितने दिनों के बाद फेलिक्स अपनी पत्नी द्रुसिल्ला को, जो यहूदिनी थी, साथ लेकर आया; और पौलुस को बुलवाकर उस विश्वास के विषय में जे मसीह यीशु पर है, उस से सुना।
- 25और जब वह धर्म और संयम और आनेवाले न्याय की चर्चा करता था, तो फेलिक्स ने भयमान होकर उत्तर दिया, कि अभी तो जा: अवसर पाकर मैं तुझे फिर बुलाऊंगा।
- 26उसे पौलुस से कुछ रूपये मिलने की भी आस थी; इसलिये और भी बुला बुलाकर उस से बातें किया करता था।
- 27परन्तु जब दो वर्ष बीत गए, तो पुरकियुस फेस्तुस फेलिक्स की जगह पर आया, और फेलिक्स यहूदियों को खुश करने की इच्छा से पौलुस को बन्धुआ छोड़ गया।।
Cross references
- John 16:8 यूहन्ना 16:8और वह आकर संसार को पाप और धार्मिकता और न्याय के विषय में निरूत्तर करेगा।
- 1 Peter 3:15 1 पतरस 3:15पर मसीह को प्रभु जानकर अपने अपने मन में पवित्रा समझो, और जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ।
- Galatians 5:23 गलातियों 5:23और कृपा, भालाई, विश्वास, नम्रता, और संयम हैं; ऐसे ऐसे कामों के विरोध में कोई व्यवस्था नहीं।
- 2 Peter 1:6 2 पतरस 1:6और समझ पर संयम, और संयम पर धीरज, और धीरज पर भक्ति।
- Acts 10:42 प्रेरितों के काम 10:42और उस ने हमें आज्ञा दी, कि लोगों में प्रचार करो; और गवाही दो, कि यह वही है; जिसे परमेश्वर ने जीवतों और मरे हुओं का न्यायी ठहराया है।
- Galatians 3:22 गलातियों 3:22परन्तु पवित्रा शास्त्रा ने सब को पाप के आधीन कर दिया, ताकि वह प्रतिज्ञा जिस का आधार यीशु मसीह पर विश्वास करना है, विश्वास करनेवालों के लिये पूरी हो जाए।।
- Titus 2:11–12 तीतुस 2:11–12क्योंकि परमेश्वर का अनुग्रह प्रगट है, जो सब मनुष्यों के उद्धार का कारण है। और हमें चिताता है, कि हम अभक्ति और सांसारिक अभिलाषाओं से मन फेरकर इस युग में संयम और धर्म और भक्ति से जीवन बिताएं।
- Revelation 20:11–15 प्रकाशितवाक्य 20:11–15फिर मैं ने एक बड़ा श्वेत सिंहासन और उस को जो उस पर बैठा हुआ है, देखा, जिस के साम्हने से पृथ्वी और आकाश भाग गए, और उन के लिये जगह न मिली। फिर मैं ने छोटे बड़े सब मरे हुओं को सिंहासन के साम्हने खड़े हुए देखा, और पुस्तकें खोली गई; और फिर एक और पुस्तक खोली गईं; और फिर एक और पुस्तक खोली गई, अर्थात् जीवन की पुस्तक; और जैसे उन पुस्तकों में लिखा हुआ था, उन के कामों के अनुसार मरे हुओं का न्याय किया गया। और समुद्र ने उन मरे हुओं को जो उस में थे दे दिया, और मृत्यु और अधोलोक ने उन मरे हुओं को जो उन में थे दे दिया; और उन में से हर एक के कामों के अनुसार उन का न्याय किया गया। और मृत्यु और अधोलोक भी आग की झील में डाले गए; यह आग की झील में डाले गए; यह आग की झील तो दूसरी मृत्यु है। और जिस किसी का नाम जीवन की पुस्तक में लिखा हुआ न मिला, वह आग की झील में डाला गया।।
- Hebrews 9:27 इब्रानियों 9:27और जैसे मनुष्यों के लिये एक बार मरना और उसके बाद न्याय का होना नियुक्त है।
- Hebrews 4:11–12 इब्रानियों 4:11–12सो हम उस विश्राम में प्रवेश करने का प्रयत्न करें, ऐसा न हो, कि कोई जन उन की नाई आज्ञा न मानकर गिर पड़े। क्योंकि परमेश्वर का वचन जीवित, और प्रबल, और हर एक दोधारी तलवार से भी बहुत चोखा है, और जीव, और आत्मा को, और गांठ गांठ, और गूदे गूदे को अलग करके, वार पार छेदता है; और मन की भावनाओं और विचारों को जांचता है।
- 1 John 3:7 1 यूहन्ना 3:7हे बालको, किसी के भरमाने में न आना; जो धर्म के काम करता है, वही उस की नाईं धर्मी है।
- 1 Peter 4:4–5 1 पतरस 4:4–5इस से वे अचम्भा करते हैं, कि तुम ऐसे भारी लुचपन में उन का साथ नहीं देते, और इसलिये वे बुरा भला कहते हैं। पर वे उस को जो जीवतों और मरे हुओं का न्याय करने को तैयार हैं, लेखा देंगे।
Original words (Greek)
- as · G1161δέ dé
- he · G846αὐτός autós
- reasoned · G1256διαλέγομαι dialégomai
- of · G4012περί perí
- righteousness · G1343δικαιοσύνη dikaiosýnē
- temperance · G1466ἐγκράτεια enkráteia
- and · G2532καί kaí
- judgment · G2917κρίμα kríma
- to · G3195μέλλω méllō
- come · G2071ἔσομαι ésomai
- Felix · G5344Φῆλιξ Phēlix
- trembled · G1719ἔμφοβος émphobos
- answered · G611ἀποκρίνομαι apokrínomai
- way · G4198πορεύομαι poreúomai
- time · G3568νῦν nŷn
- when · G1161δέ dé
- have · G2192ἔχω échō
- season · G2540καιρός kairós
- call · G3333μετακαλέω metakaléō
- thee · G4571σέ sé