Acts · chapter 27 · verse 31
Acts 27:31 in Hindi
तो पौलुस ने सूबेदार और सिपाहियों से कहा; यदि ये जहाज पर न रहें, तो तुम नहीं बच सकते।
To paulus ne soobedaar aur sipaahiyom se kahaa; yadi ye jahaaj par na rahem, to tum naheem bach sakate.
Acts 27:31 in English
- King James Version (KJV)
- Paul said to the centurion and to the soldiers, Except these abide in the ship, ye cannot be saved.
- World English Bible (WEB)
- Paul said to the centurion and to the soldiers, “Unless these stay in the ship, you can’t be saved.”
- American Standard Version (ASV)
- Paul said to the centurion and to the soldiers, Except these abide in the ship, ye cannot be saved.
- Bible in Basic English (BBE)
- But Paul said to the captain and his men, If you do not keep these men in the ship, you will not be safe.
- Darby Translation (DBY)
- Paul said to the centurion and the soldiers, Unless these abide in the ship ye cannot be saved.
- Webster's Bible (WBS)
- Paul said to the centurion, and to the soldiers, Except these abide in the ship, ye cannot be saved.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Paul said to the centurion and to the soldiers, 'If these do not remain in the ship — ye are not able to be saved;'
Read in context
- 29तब पत्थरीली जगहों पर पड़ने के डर से उन्हों ने जहाज की पिछाड़ी चार लंगर डाले, और भोर का होना मनाते रहे।
- 30परन्तु जब मल्लाह जहाज पर से भागना चाहते थे, और गलही से लंगर डालने के बहाने डोंगी समुद्र में उतार दी।
- 31तो पौलुस ने सूबेदार और सिपाहियों से कहा; यदि ये जहाज पर न रहें, तो तुम नहीं बच सकते।
- 32तब सिपाहियों ने रस्से काटकर डोंगी गिरा दो।
- 33जब भोर होने पर था, तो पौलुस ने यह कहके, सब को भोजन करने को समझाया, कि आज चौदह दिन हुए कि तुम आस देखते देखते भूखे रहे, और कुछ भोजन न किया।
Cross references
- 2 Thessalonians 2:13–14 2 थिस्सलुनीकियों 2:13–14पर हे भाइयो, और प्रभु के प्रिय लोगो चाहिये कि हम तुम्हारे विषय में सदा परमेश्वर का धन्यवाद करते रहें, कि परमेश्वर ने आदि से तुम्हें चुन लिया; कि आत्मा के द्वारा पवित्रा बनकर, और सत्य की प्रतीति करके उद्धार पाओ। जिस के लिये उस ने तुम्हें हमारे सुसमाचार के द्वारा बुलाया, कि तुम हमारे प्रभु यीशु मसीह की महिमा को प्राप्त करो।
- Jeremiah 29:11–13 यिर्मयाह 29:11–13क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि जो कल्पनाएं मैं तुम्हारे विषय करता हूँ उन्हें मैं जानता हूँ, वे हानी की नहीं, वरन कुशल ही की हैं, और अन्त में तुम्हारी आशा पूरी करूंगा। तब उस समय तुम मुझ को पुकारोगे और आकर मुझ से प्रार्थना करोगे और मैं तुम्हारी सुनूंगा। तुम मुझे ढूंढ़ोगे और पाओगे भी; क्योंकि तुम अपने सम्पूर्ण मन से मेरे पास आओगे।
- Psalm 91:11–12 भजन संहिता 91:11–12क्योंकि वह अपने दूतों को तेरे निमित्त आज्ञा देगा, कि जहां कहीं तू जाए वे तेरी रक्षा करें। वे तुझ को हाथों हाथ उठा लेंगे, ऐसा न हो कि तेरे पांवों में पत्थर से ठेस लगे।
- Acts 27:21–24 प्रेरितों के काम 27:21–24जब वे बहुत उपवास कर चुके, तो पौलुस ने उन के बीच में खड़ा होकर कहा; हे लोगो, चाहिए था कि तुम मेरी बात मानकर, क्रेते से न जहाज खोलते और न यह बिपत और हाति उठाते। परन्तु अब मैं तुम्हें समझाता हूं, कि ढाढ़स बान्धो; क्योंकि तुम में से किसी के प्राण की हानि न होगी, केवल जहाज की। क्योंकि परमेश्वर जिस का मैं हूं, और जिस की सेवा करता हूं, उसके स्वर्गदूत ने आज रात मेरे पास आकर कहा। हे पौलुस, मत डर; तुझे कैसर के साम्हने खड़ा होना अवश्य है: और देख, परमेश्वर ने सब को जो तेरे साथ यात्रा करते हैं, तुझे दिया है।
- John 6:37 यूहन्ना 6:37जो कुछ पिता मुझे देता है वह सब मेरे पास आएगा, उसे मैं कभी न निकालूंगा।
- Ezekiel 36:36–37 यहेजकेल 36:36–37तब जो जातियां तुम्हारे आस पास बची रहेंगी, सो जान लेंगी कि मुझ यहोवा ने ढाए हुए को फिर बनाया, और उजाड़ में पेड़ रोपे हैं, मुझ यहोवा ने यह कहा, और ऐसा ही करूंगा। परमेश्वर यहोवा यों कहता है, इस्राएल के घराने में फिर मुझ से बिनती की जाएगी कि मैं उनके लिये यह करूं; अर्थात् मैं उन में मनुष्यों की गिनती झोड़- बकरियों की नाई बढ़ाऊं।
- Luke 4:9–12 लूका 4:9–12तब उस ने उसे यरूशलेम में ले जाकर मन्दिर के कंगूरे पर खड़ा किया, और उस से कहा; यदि तू परमेश्वर का पुत्रा है, तो अपने आप को यहां से नीचे गिरा दे। क्योंकि लिखा है, कि वह तेरे विषय में अपने स्वर्गदूतों को आज्ञा देगा, कि वे तेरी रक्षा करें। और वे तुझे हाथों हाथ उठा लेंगे ऐसा न हो कि तेरे पांव में पत्थर से ठेस लगे। यीशु ने उस को उत्तर दिया; यह भी कहा गया है, कि तू प्रभु अपने परमेश्वर की परीक्षा न करना।
- Acts 27:42–43 प्रेरितों के काम 27:42–43तब सिपाहियों को विचार हुआ, कि बन्धुओं को मार डालें; ऐसा न हो, कि कोई तैरके निकल भागे। परन्तु सूबेदार ने पौलुस को बचाने को इच्छा से उन्हें इस विचार से रोका, और यह कहा, कि जो तैर सकते हैं, पहिले कूदकर किनारे पर निकल जाएं।
- Luke 1:34–35 लूका 1:34–35मरियम ने स्वर्गदूत से कहा, यह क्योंकर होगा? मैं तो पुरूष को जानती ही नहीं। स्वर्गदूत ने उस को उत्तर दिया; कि पवित्रा आत्मा तुझ पर उतरेगा, और परमप्रधान की सामर्थ तुझ पर छाया करेगी इसलिये वह पवित्रा जो उत्पन्न होनेवाला है, परमेश्वर का पुत्रा कहलाएगा।
- Acts 27:11 प्रेरितों के काम 27:11परन्तु सूबेदार ने पौलुस की बातों से मांझी और जहाज के स्वामी की बढ़कर मानी।
Original words (Greek)
- Paul · G3972Παῦλος Paûlos
- said · G2036ἔπω épō
- centurion · G1543ἑκατοντάρχης hekatontárchēs
- and · G2532καί kaí
- soldiers · G4757στρατιώτης stratiṓtēs
- Except · G1437ἐάν eán
- these · G3778οὗτος hoûtos
- abide · G3306μένω ménō
- in · G1722ἐν en
- ship · G4143πλοῖον ploîon
- ye · G5210ὑμεῖς hymeîs
- cannot · G3756οὐ ou
- saved · G4982σώζω sṓzō