Acts · chapter 28 · verse 15
Acts 28:15 in Hindi
वहां से भाई हमारा समाचार सुनकर अप्पियुस के चौक और तीन- सराए तक हमारी भेंट करने को निकल आए जिन्हें देखकर पौलुस ने परमेश्वर का धन्यवाद किया, और ढाढ़स बान्धा।।
Vahaam se bhaaee hamaaraa samaachaar sunakar appiyus ke chauk aur teena- saraae tak hamaaree bhent karane ko nikal aae jinhem dekhakar paulus ne parameshvar kaa dhanyavaad kiyaa, aur dhaadhas baandhaa..
Acts 28:15 in English
- King James Version (KJV)
- And from thence, when the brethren heard of us, they came to meet us as far as Appii forum, and The three taverns: whom when Paul saw, he thanked God, and took courage.
- World English Bible (WEB)
- From there the brothers, when they heard of us, came to meet us as far as The Market of Appius and The Three Taverns. When Paul saw them, he thanked God and took courage.
- American Standard Version (ASV)
- And from thence the brethren, when they heard of us, came to meet us as far as The Market of Appius and The Three Taverns; whom when Paul saw, he thanked God, and took courage.
- Bible in Basic English (BBE)
- And the brothers, when they had news of us, came out from town as far as Appii Forum and the Three Taverns to have a meeting with us: and Paul, seeing them, gave praise to God and took heart.
- Darby Translation (DBY)
- And thence the brethren, having heard about us, came to meet us as far as Appii Forum and Tres Tabernae, whom when Paul saw, he thanked God and took courage.
- Webster's Bible (WBS)
- And from thence when the brethren heard of us, they came to meet us as far as Appii-forum, and the Three taverns: whom when Paul saw, he thanked God, and took courage.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and thence, the brethren having heard the things concerning us, came forth to meet us, unto Appii Forum, and Three Taverns — whom Paul having seen, having given thanks to God, took courage.
Read in context
- 13वहां से हम घूमकर रेगियुम में आए: और एक दिन पुतियुली में आए।
- 14वहां हम को भाई मिले, और उन के कहने से हम उन के यहां सात दिन तक रहे; और इस रीति से रोम को चले।
- 15वहां से भाई हमारा समाचार सुनकर अप्पियुस के चौक और तीन- सराए तक हमारी भेंट करने को निकल आए जिन्हें देखकर पौलुस ने परमेश्वर का धन्यवाद किया, और ढाढ़स बान्धा।।
- 16जब हम रोम में पहुंचे, तो पौलुस को एक सिपाही के साथ जो उस की रखवाली करता था, अकेले रहने की आज्ञा हुई।।
- 17तीन दिन के बाद उस ने यहूदियों के बड़े लोगों को बुलाया, और जब वे इकट्ठे हुए तो उन से कहा; हे भाइयों, मैं ने अपने लोगों के या बापदादों के व्यवहारों के विरोध में कुछ भी नहीं किया, तौभी बन्धुआ होकर यरूशलेम से रोमियों के हाथ सौंपा गया।
Cross references
- Hebrews 13:3 इब्रानियों 13:3कैदियों की ऐसी सुधि लो, कि मानो उन के साथ तुम भी कैद हो; और जिन के साथ बुरा बर्ताव किया जाता है, उन की भी यह समझकर सुधि लिया करो, कि हमारी भी देह है।
- Romans 15:24 रोमियों 15:24इसलिये जब इसपानिया को जाऊंगा तो तुम्हारे पास होता हुआ जाऊंगा क्योंकि मुझे आशा है, कि उस यात्रा में तुम से भेंट करूं, और जब तुम्हारी संगति से मेरा जी कुछ भर जाए, तो तुम मुझे कुछ दूर आगे पहुंचा दो।
- Psalm 27:14 भजन संहिता 27:14यहोवा की बाट जोहता रह; हियाव बान्ध और तेरा हृदय दृढ़ रहे; हां, यहोवा ही की बाट जोहता रह!
- Galatians 4:14 गलातियों 4:14और तुम ने मेरी शारीरिक दशा को जो तुम्हारी परीक्षा का कारण थी, तुच्छ न जाना; न उस ने घृणा की; और परमेश्वर के दूत बरन मसीह के समान मुझे ग्रहण किया।
- Joshua 1:9 यहोशू 1:9क्या मैं ने तुझे आज्ञा नहीं दी? हियाव बान्धकर दृढ़ हो जा; भय न खा, और तेरा मन कच्चा न हो; क्योंकि जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे संग रहेगा।।
- Acts 21:5 प्रेरितों के काम 21:5जब वे दिन पूरे हो गए, तो हम वहां से चल दिए; ओर सब स्त्रियों और बालकों समेत हमें नगर के बाहर तक पहुंचाया और हम ने किनारे पर घुटने टेककर प्रार्थना की।
- 3 John 1:6–8 3 यूहन्ना 1:6–8उन्हों ने मण्डली के साम्हने तेरे प्रेम की गवाही दी थी: यदि तू उन्हें उस प्रकार विदा करेगा जिस प्रकार परमेश्वर के लोगों के लिये उचित है तो अच्छा करेगा। क्योंकि वे उस नाम के लिये निकले हैं, और अन्यजातियों से कुछ नहीं लेते। इसलिये ऐसों का स्वागत करना चाहिए, जिस से हम भी सत्य के पक्ष में उन के सहकर्मी हों।।
- 1 Corinthians 12:21–22 1 कुरिन्थियों 12:21–22आंख हाथ से नहीं कह सकती, कि मुझे तेरा प्रयोजन नहीं, और न सिर पांवों से कह सकता है, कि मुझे तुम्हारा प्रयोजन नहीं। परन्तु देह के वे अंग जो औरों से निर्बल देख पड़ते हैं, बहुत ही आवश्यक हैं।
- John 12:13 यूहन्ना 12:13खजूर की, डालियां लीें, और उस से भेंट करने को निकले, और पुकारने लगे, कि होशाना, धन्य इस्त्राएल का राजा, जो प्रभु के नाम से आता है।
- Exodus 4:14 निर्गमन 4:14तब यहोवा का कोप मूसा पर भड़का और उसने कहा, क्या तेरा भाई लेवीय हारून नहीं है? मुझे तो निश्चय है कि वह बोलने में निपुण है, और वह तेरी भेंट के लिये निकला भी आता है, और तुझे देखकर मन में आनन्दित होगा।
- 1 Samuel 30:6 1 शमूएल 30:6और दाऊद बड़े संकट में पड़ा; क्योंकि लोग अपने बेटे- बेटियों के कारण बहुत शोकित होकर उस पर पत्थरवाह करने की चर्चा कर रहे थे। परन्तु दाऊद ने अपने परमेश्वर यहोवा को स्मरण करके हियाव बान्धा।।
- Acts 10:25 प्रेरितों के काम 10:25जब पतरस भीतर आ रहा था, तो कुरनेलियुस ने उस से भेंट की, और पांवों पड़ के प्रणाम किया।
Original words (Greek)
- thence · G2547κἀκεῖθεν kakeîthen
- brethren · G80ἀδελφός adelphós
- heard · G191ἀκούω akoúō
- of · G4012περί perí
- us · G2257ἡμῶν hēmōn
- came · G1831ἐξέρχομαι exérchomai
- to · G1519εἰς eis
- meet · G529ἀπάντησις apántēsis
- us · G2254ἡμῖν hēmîn
- as · G891ἄχρι áchri
- Appii · G675Ἄππιος Áppios
- forum · G5410Φόρον Phóron
- and · G2532καί kaí
- three · G5140τρεῖς treîs
- taverns · G4999Ταβέρναι Tabérnai
- whom · G3739ὅς hós
- Paul · G3972Παῦλος Paûlos
- saw · G1492εἴδω eídō
- thanked · G2168εὐχαριστέω eucharistéō
- God · G2316θεός theós
- took · G2983λαμβάνω lambánō
- courage · G2294θάρσος thársos