Ecclesiastes · chapter 10 · verse 12
Ecclesiastes 10:12 in Hindi
बुद्धिमान के वचनों के कारण अनुग्रह होता है, परन्तु मूर्ख अपने वचनों के द्वारा नाश होते हैं।
Buddhimaan ke vachanom ke kaaran anugrah hotaa hai, parantu moorkh apane vachanom ke dvaaraa naash hote hain.
Ecclesiastes 10:12 in English
- King James Version (KJV)
- The words of a wise man’s mouth [are] gracious; but the lips of a fool will swallow up himself.
- World English Bible (WEB)
- The words of a wise man’s mouth are gracious; but a fool is swallowed by his own lips.
- American Standard Version (ASV)
- The words of a wise man’s mouth are gracious; but the lips of a fool will swallow up himself.
- Bible in Basic English (BBE)
- The words of a wise man's mouth are sweet to all, but the lips of a foolish man are his destruction.
- Darby Translation (DBY)
- The words of a wise man's mouth are gracious; but the lips of a fool swallow up himself.
- Webster's Bible (WBS)
- The words of a wise man's mouth [are] gracious; but the lips of a fool will swallow up himself.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Words of the mouth of the wise [are] gracious, And the lips of a fool swallow him up.
Read in context
- 10यदि कुल्हाड़ा थोथा हो और मनुष्य उसकी धार को पैनी न करे, तो अधिक बल लगाना पड़ेगा; परन्तु सफल होने के लिये बुद्धि से लाभ होता है।
- 11यदि मंत्रा से पहिले सर्प डसे, तो मंत्रा पढ़नेवाले को कुछ भी लाभ नहीं।।
- 12बुद्धिमान के वचनों के कारण अनुग्रह होता है, परन्तु मूर्ख अपने वचनों के द्वारा नाश होते हैं।
- 13उसकी बात का आरम्भ मूर्खता का, और उनका अन्त दुखदाई बावलापन होता है।
- 14मूर्ख बहुत बातें बढ़ाकर बोलता है, तौभी कोई मनुष्य नहीं जानता कि क्या होगा, और कौन बता सकता है कि उसके बाद क्या होनेवाला है?
Cross references
- Colossians 4:6 कुलुस्सियों 4:6तुम्हारा वचन सदा अनुग्रह सहित और सलोना हो, कि तुम्हें हर मनुष्य को उचित रीति से उत्तर देना आ जाए।
- Luke 4:22 लूका 4:22और सब ने उसे सराहा, और जो अनुग्रह की बातें उसके मुंह से निकलती थीें, उन से अचम्भा किया; और कहने लगे; क्या यह यूसुफ का पुत्रा नहीं?
- Proverbs 15:2 नीतिवचन 15:2बुद्धिमान ज्ञान का ठीक बखान करते हैं, परन्तु मूर्खों के मुंह से मूढ़ता उबल आती है।
- Proverbs 22:11 नीतिवचन 22:11जो मन की शुद्धता से प्रीति रखता है, और जिसके वचन मनोहर होते हैं, राजा उसका मित्रा होता है।
- Ephesians 4:29 इफिसियों 4:29कोई गन्दी बात तुम्हारे मुंह से न निकले, पर आवश्यकता के अनुसार वही जो उन्नति के लिये उत्तम हो, ताकि उस से सुननेवालों पर अनुग्रह हो।
- Proverbs 10:31–32 नीतिवचन 10:31–32धर्मी के मुंह से बुद्धि टपकती है, पर उलट फेर की बात कहने वाले की जीभ काटी जायेगी। धर्मी गहणयोग्य बात समझ कर बोलता है, परन्तु दुष्टों के मुंह से उलट फेर की बातें निकलती हैं।।
- Proverbs 10:13–14 नीतिवचन 10:13–14समझवालों के वचनों में बुद्धि पाई जाती है, परन्तु निर्बुद्धि की पीठ के लिये कोड़ा है। बुद्धिमान लोग ज्ञान को रख छोड़ते हैं, परन्तु मूढ़ के बोलने से विनाश निकट आता है।
- Proverbs 10:20–21 नीतिवचन 10:20–21धर्मी के वचन तो उत्तम चान्दी हैं; परन्तु दुष्टों का मन बहुत हलका होता है। धर्मी के वचनों से बहुतों का पालनपोषण होता है, परन्तु मूढ़ लोग निर्बुद्धि होने केस्रारण मर जाते हैं।
- Proverbs 15:23 नीतिवचन 15:23सज्जन उत्तर देने से आनन्दित होता है, और अवसर पर कहा हुआ वचन क्या ही भला होता है!
- Proverbs 22:17–18 नीतिवचन 22:17–18कान लगाकर बुद्धिमानों के वचन सुन, और मेरी ज्ञान की बातों की ओर मन लगा; यदि तू उसको अपने मन में रखे, और वे सब तेरे मुंह से निकला भी करें, तो यह मनभावनी बात होगी।
- Luke 19:22 लूका 19:22उस ने उस से कहा; हे दुष्ट दास, मैं तेरे ही मुंह से तुझे दोषी ठहराता हूं: तू मुझे जानता था कि कठोर मनुष्य हूं, जो मैं ने नहीं रखा उसे उठा लेता, और जो मैं ने नहीं बोया, उसे काटता हूं।
- Proverbs 26:9 नीतिवचन 26:9जैसे मतवाले के हाथ में कांटा गड़ता है, वैसे ही मूर्खों का कहा हुआ नीतिवचन भी दु:खदाई होता है।